कॉकरोच जनता पार्टी के लिए कुछ लाइन ....
हो गई है पीर पर्वत-सी पिघलनी चाहिए,
इस हिमालय से कोई गंगा निकलनी चाहिए।
मेरे सीने में नहीं तो तेरे सीने में सही,
हो कहीं भी आग, लेकिन आग जलनी चाहिए।
- दुष्यन्त कुमार
@Cockroachisback
एक अभ्यर्थी सालों मेहनत करता है—आर्थिक तंगी, मानसिक दबाव और परिवार की उम्मीदों के साथ। अगर मेहनत से नहीं, बल्कि पेपर लीक से चयन हो तो उस बच्चे के सपनों का क्या होगा?
#Delhi_Police_Scam@SSC_GOI@DoPTGoI
@honda2wheelerin Very bad bike mene 1 october 2025 ko bike liya hai or 5 November 2025 ko hi kharab ho gaya bike no " BR03AS4653" or service ke nam pr kuch bhi nahi hai
5 November ko service ke liyediye the aaj 12 November ho gaya hai kuch bhi work nahi ho rha hai
Bike honda shine 100 hai
माँ भारती का सपूत तू , शूर तू , वीर तू ,
ललकार से थाम ले, शत्रु का हर तीर तू।
पावन धरती से जन्मा, शौर्य का आलम तू ,
तिरंगे को लहरा दे , माँ का अभिमान तू।
चाल शत्रु की तोड़ , बल भरी भुजा से तू ,
माँ भारती का सपूत तू , शूर तू , वीर तू।
- सूर्य प्रताप
@_SURYA_5
@IndependenceDay2025
"किसी भी रूप में प्रार्थना प्रभावी है क्योंकि यह एक क्रिया है इसलिए इसका परिणाम होगा। यह इस ब्रह्मांड का नियम है जिसमें हम खुद को पाते हैं।"
- महर्षि दयानंद सरस्वती
धर्म, जात, भेद सब छोड़ दे,
जिंदगी सजे, सपने संजो ले,
प्रेम की राहें, एकता का स्वर,
मन में बसे अनंत उमंग ।
कहाँ अंधेरा, कहाँ है रात,
पितल नहीं, अब सोने की थाल,
बेड़ियाँ टूटीं, मन मुक्त हुआ,
जीवन सजा, तू बस चल निकल।
- सूर्य प्रताप
@_SURYA_5
एक असमंजस सा फितरत है हमारी,
कभी रोये तो कभी हस्से हमारी,
अकाश, गगन जो तुम कुछ कह लो,
होंगे एक सा हसीन वही,
वही है फितरत वही हमारी,
कभी रोये तो कभी हस्से हमारी ॥
- सूर्य प्रताप
कविता अध्याय -"रूह की पाजेब"
@_SURYA_5