@dsssbofficial DSSSB: Drawing Teacher vacancy (811/24) after 4 years, exam held Aug 2025, result still pending in March 2026. Every visit same reply: “this week” for 2 months. What is “soon”? Careers on hold. Stop delays and declare the result now.
@dsssbofficial@LokNiwasDelhi@LtGovDelhi
@RoyalsFansArmy Match finisher ke naam pr...Ek hatmayar..
hatmayar agr injured bhi ho jaye to koi replacement nhi aapke paas........bracewel jese player unsold gye the...Kuch dhang ke plyar hi le lete...!
Baki mujhe rahul dravid pr bharosha h...Us aadmi ne kuch dur ka jarur socha hoga..!
किसानों के मसीहा का���रेड श्योपत सिंह जब हनुमानगढ़ विधानसभा से चुनाव लड़ रहे थे तो एक युवा कामरेड नें कहा कि हम होल्डिंग क्यों नही लग��� रहे तब कामरेड साहब का जवाब था आप जनता के दिलों में जगह बनाओ.ये 👇विडिओ देखकर वो बात याद आयी ओर पता चला किस कदर @comredamraram जनता के दिलों मे है।
"देश की पहलवान बेटियां आपके परिवार में नहीं है क्या...कितने दिन बैठी रही, उनकी छाती पर मूंग दल दिए आपने...उनके मेडल 15 रुपए के और देवेंद्र झाझड़िया का मेडल सोने का"
- बलवान पूनिया भादरा पूर्व MLA
#Rajasthan#LokSabaElection2024
'लाल-लाल लहराएगा, अमरा दिल्ली जाएगा'
2004 के लोकसभा चुनाव के दौरान सीकर में एक नारा काफी लगता था 'लाल-लाल लहराएगा, अमरा दिल्ली जाएगा.' वहां चुनाव कवर करने गए एक पत्रकार ने जब एक किसान से पूछा कि अमराराम जीत जायेंगे क्या?
तो किसान बोला- मैं समर्थक तो उनका हूं लेकिन वोट कैसे दूं, अगर ये आदमी दिल्ली चला गया तो हमारी जमीनों के लिए संघर्ष कौन करेगा ?
राजस्थान की राजनीति में पिछले साढ़े तीन दशक से ज्यादा समय तक किसानी पहचान और जमीनी संघर्ष को जीने वाले अमराराम के प्रति लोगों के भाव को आप इस जवाब से समझ सकते हैं.
1952 में पहले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के रामदेव सिंह मेहरिया किसान सभा के ईश्वर सिंह से हारे और इस चुनाव की उपज थे कामरेड त्रिलोक सिंह जिनका किसान हॉस्टल सीकर स्थाई अड्डा था. अमराराम त्रिलोक से काफी प्रभावित होकर वामपंथी छात्र आंदोलन में कूद गए.
1978 में सीकर के कल्याण कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव से निकले अमराराम ने एक साल तक मास्टर की नौकरी की, 1981 में पंचायत चुनाव के लिए नौकरी छोड़ दी और अपने गांव से सरपंच का चुनाव लड़ा.
वहीं 1993 के विधानसभा चुनाव में अमरा ��ाम पहली बार विधायक बने. इसके बाद वो 2008 तक धोद सीट से विधायक रहे. अमराराम के राजनीतिक दिनों की शुरुआत के कई किस्से हैं, उनके संघर्ष के किस्से इतने हैं कि अमराराम धीरे-धीरे एक आदमी की बजाए किवदंती बन गए.
(बाकी इन किस्सों को हमारे लिए हमेशा के लिए सहेज कर रखने के लिए जुटाया @vinay_sultan भैया ने है जिनके शब्दों की कारीगरी उनकी अमराराम पर एक पुरानी रिपोर्ट में पढ़ सकते हैं.)
#Rajasthan #LokSabhaElections2024 @comredamraram
फूलमती के लिए आया राजस्थान हाईकोर्ट का फैसला हर किसी को पढ़ना चाहिए
राजस्थान हाईकोर्ट ने कल एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए फूलमती नामक महिला को 4 लाख रुपए का मुआवजा देने का आदेश दिया जिसे प्रसव के दौरान CHC द्वारा हैंडल नहीं क��या गया था जिसके बाद उसने दो बच्चों को सड़क पर जन्म दिया था और सही समय पर मेडिकल सहायता नहीं मिलने से बाद में उसने दोनों बच्चे खो दिए.
यह 2016 की घटना है जहां यह खेड़ली (अलवर) में फूलमती जुड़वा बच्चों से गर्भवती थी और प्रसव पीड़ा में थी लेकिन ममता कार्ड के अभाव में सीएचसी खेड़ली ने उसे सहायता नहीं दी जिसके बाद उसने बीच बाजार में 2 बच्चों को जन्म दिया और दोनों की मौत हो गई.
फूलमती यूपी की निवासी है ज��� ईंट भट्ठे में मजदूरी करती थी. इस मामले में जन स्वास्थ्य पर काम करने वाले "प्रयास" की ओर से फैक्ट फाइडिंग करने के बाद हाईकोर्ट में पीटीशन लगाई गई थी.
जज अनूप कुमार ढांड के 25 पेज के फैसले में इस घटना को "मानवता की मौत", समाज को झकझोर कर देने वाली संज्ञाए दी हैं और कहा है कि गर्भवती महिलाओं और शिशुओं के कल्याण के लिए कई योजनाएं होने के बावजूद याचिकाकर्ता और उसके नवजात शिशुओं को इन योजनाओं का लाभ देने में केंद्र और राज्य दोनों बुरी तरह फेल रहे.
कोर्ट ने फैसले में महिला को 4 लाख के मुआवज़े के अलावा याचिकाकर्ता सुध्रींद्र कुमावत को 25 हजार रुपये देने का कहा है. वहीं दोनों भारत और राजस्थान दोनों सरकारों को इन योजनाओं में महिलाओं को मिलने वाली नकद राशि बढ़ाने के लिए तुरंत सुधारात्मक निर्देश जारी करने को कहा है.
कोर्ट का यह फैसला जीवन के अधिकार, स्वास्थ्य के अधिकार और राज्य और केंद्र सरकार दोनों के दायित्वों को याद दिलाने की दिशा में जरूरी कदम है.
बहुत शुक्रिया @ChhayaPachauli और जन स्वास्थ्य अभियान (JSA) स्वास्थ्य अधिकारों के लिए हमेशा खड़े रहने के लिए
#Rajasthan
@JigardoshiINC कट्टर हिंदुत्व के मुद्दे पर वोट देने वाले मतदाताओं ने भी माना था कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में अशोक गहलोत ने राजस्थान इतिहास में सबसे अच्छा किया था