बे-लखण,मंगते ,कोजा,परे मरो रे ..? मां बाप के संस्कार... किसान की संतानों के साथ ऐसा बर्ताव
भाषा ही मनुष्य की सबसे बड़ी पहचान होती है।
“वाग्भूषणं भूषणम्।”
अर्थात् — मनुष्य का सबसे श्रेष्ठ आभूषण उसकी वाणी है।
इन जैसे बेरोजगार नेता बेतुक के मुद्दे उठाते है जिनका विधार्थियों से कोई लेना देना नहीं लेकिन जब इसको विद्यार्थियों की असली मुद्दे जैसे नॉर्मलाइजेशन जैसे डिलीट क्वेश्चंस जैसे आंसर चेंज और लेट रिजल्ट पर इन बेरोजगार नेताओं को सांप सूंघ जाता है...
मास्टर ने थप्पड़ मारी…
इन भाई साहब को राजनीति चमकाने का मौक़ा मिल गया…
कोचिंग संचालकों ने लिखित में माफ़ीनामा जारी कर दिया…
मास्टर को निकाल दिया…
लेकिन ये भाई साहब कहते है… हम तो भीड़ इकट्ठा करेगे…
हंगामा करेंगे… और फिर माफ़ी मँगवाएँगे…
क्या हासिल कर लिया इन सब से…??
माफ़ी तो कल ही माँग ली गई थी…
आगे अगर कुछ भी होना है तो क़ानूनी प्रकिया से होगा
तो फिर युवाओं को भड़का कर क्या हासिल हुआ…??
यह वीडियो "स्प्रिंगबोर्ड" का होता तो ट्विटर का क्या माहौल होता ?
क्योंकि स्प्रिंगबोर्ड में गानें, डांस, त्यौहार, और कोविड गाइडलाईन पर भी कोचिंग बंद होनी चाहिए थी। तो अब.... खैर
यह एक अलग प्रकार का प्राणी है इस प्रकरण में मीणा जाति को टारगेट करने की बात कहाँ पे आ गई?
किसी के साथ भी हो है तो ग़लत ही अब ये मुरख इसे जाति वादी रूप दे देगा।
मीणा जाति पूर्ण रूप से सशक्त है वे सब लोग केवल आपके भरोसे नहीं बैठे हैं।
हर कहीं पर यह गन्दी राजनीति मत किया करो
RPSC इनकी कमर तोड़ेगी और हर हाल में तोड़ेगी , इनकी नवाबों की नवाबी भी घटेंगी
ये टीचर नहीं social media पर स्टार प्रचारक बने हुए है
कोचिंग माफियाओ का काल :- केसरी युग 🪖
#rpsc
अगर ये सच है तो कोई भी कोचिंग हो बहुत गलत है और इस पर कार्रवाई होनी चाहिए
सवाल पूछने पर टीचर द्वारा स्टूडेंट से मारपीट की खबर है।
किसी को जानकारी है तो बताएं
रियल न्यूज़ है या फेक ?🤔