If a contry is to be corption free and bcme a nation of beautiful minds, I strongly feel there are 3 key societal members who can make a difrnce .Dad ,Mom,Tcher
The Opposition thinks because of this issue, they have the youth on their side. There can be no bigger Delulu than that.
Today’s youth are aware, informed and quick to recognise who is genuinely working for them.
They know that if someone is working in their interest, it is PM Shri @narendramodi Ji’s Government.
Watch.
Bhagwant Mann saying “no Paper Leak” in Punjab is equivalent to saying “Gabbar never committed dacoity in Sholay” !
6 Paper Leaks in Punjab,Cheating Scandals, Shameless,Hypocrite AAP Govt & a broken education system in Punjab is a dangerous mixture paralyzing State’s Growth !
Akhikesh Yadav is giving sermons on Paper Leak; when he was asked about Paper Leak: He justified Cheating& Leak
Akhilesh Yadav-" थोड़ी बहुत नकल तो सभी कर लेते हैं".
Hypocrisy will also shy in front of Akhilesh Yadav!
यह वही CJP के प्रवक्ता सौरभ दास हैं, जिन्होंने अनुच्छेद 370 हटाए जाने का लगातार विरोध किया। आइए, उनके सार्वजनिक पोस्टों को क्रमवार देखते हैं।
13 अक्टूबर 2023
13 अक्टूबर 2023 को सौरभ दास ने X पर लिखा:
«"दुनिया भारत के सर्वोच्च न्यायालय को देख रही है। अनुच्छेद 370 का मामला बिल्कुल स्पष्ट है। इसे हटाना भारतीय संविधान पर गंभीर हमला है। यदि सर्वोच्च न्यायालय कार्यपालिका की इस स्पष्ट रूप से अवैध कार्रवाई को वैध ठहराता है, जैसा उसने राम मंदिर मामले में किया, तो यह इस अत्यंत सम्मानित संवैधानिक संस्था के पतन का संकेत होगा।"»
इस पोस्ट में सौरभ दास ने—
- अनुच्छेद 370 हटाए जाने को "भारतीय संविधान पर गंभीर हमला" बताया।
- इसे "स्पष्ट रूप से अवैध" कहा।
- राम मंदिर पर सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय को "यू-टर्न (Somersault)" कहा।
- भारत के सर्वोच्च न्यायालय की स्वतंत्रता पर प्रश्न उठाने के लिए पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश के कथन का उल्लेख किया।
- लिखा कि "दुनिया भारत के सर्वोच्च न्यायालय को देख रही है।"
अब कुछ तथ्यात्मक प्रश्न—
1. अनुच्छेद 370 स्वयं संविधान के "अस्थायी प्रावधान" (Temporary Provisions) के अंतर्गत था। जब जम्मू-कश्मीर की संविधान सभा 1957 में बिना इसे स्थायी बनाने की सिफारिश किए समाप्त हो गई, तो इसे हटाना संविधान पर "गंभीर हमला" कैसे हुआ?
2. आपने इसे "स्पष्ट रूप से अवैध" कहा था। लेकिन 11 दिसंबर 2023 को सर्वोच्च न्यायालय की पाँच-न्यायाधीशों वाली संविधान पीठ ने सर्वसम्मति से इसे संवैधानिक माना। क्या आपको लगता है कि आपकी व्याख्या सर्वोच्च न्यायालय से अधिक सही है?
3. भारत की न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर प्रश्न उठाने के लिए आपने पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश का हवाला क्यों दिया? क्या एक शत्रुतापूर्ण पड़ोसी देश के न्यायाधीश की राय भारतीय संविधान की व्याख्या का मानदंड हो सकती है?
4. आपने राम मंदिर के निर्णय को भी "यू-टर्न" कहा। क्या सर्वोच्च न्यायालय का हर वह निर्णय, जो आपके राजनीतिक विचारों से मेल नहीं खाता, स्वतः गलत हो जाता है?
5. अनुच्छेद 370 के दौरान कई केंद्रीय कानून और संवैधानिक अधिकार जम्मू-कश्मीर में पूर्ण रूप से लागू नहीं होते थे, जिससे महिलाओं, दलितों, गुर्जर-बकरवाल समुदाय और पश्चिम पाकिस्तान से आए शरणार्थियों जैसे कई वर्ग प्रभावित थे। इन अधिकारों का विस्तार करना "अवैध" कैसे हो गया?
6. यदि यह वास्तव में इतना स्पष्ट और अवैध मामला था, तो विस्तृत सुनवाई के बाद पाँचों न्यायाधीशों ने सर्वसम्मति से इसे संवैधानिक क्यों माना? एक भी असहमति (Dissent) क्यों नहीं थी?
7. आपने लिखा कि "दुनिया देख रही है।" जबकि अधिकांश लोकतांत्रिक देशों ने अनुच्छेद 370 को भारत का आंतरिक मामला माना। सबसे तीव्र आपत्तियाँ मुख्यतः पाकिस्तान और उसके समर्थकों की ओर से आईं। तो आपका आशय किस "दुनिया" से था?
8. अनुच्छेद 370 हटाए जाने के समय जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रपति शासन लागू था। संविधान राष्ट्रपति शासन के दौरान केंद्र सरकार को राज्य की शक्तियों का प्रयोग करने का अधिकार देता है। फिर इसे "कार्यपालिका की अवैध कार्रवाई" कैसे कहा जा सकता है?
9. जब जम्मू-कश्मीर की संविधान सभा 1957 में समाप्त हो गई और उसने अनुच्छेद 370 को स्थायी बनाने की कोई सिफारिश नहीं की, तो संविधान में स्पष्ट रूप से "अस्थायी" लिखे गए प्रावधान का अनिश्चितकाल तक बने रहना क्या संवैधानिक रूप से उचित था?
10. अनुच्छेद 370 के दौरान कई केंद्रीय कानून—जिनमें आरक्षण, सूचना का अधिकार तथा महिलाओं से संबंधित कई कानूनी संरक्षण शामिल थे—जम्मू-कश्मीर में समान रूप से लागू नहीं थे। क्या इन अधिकारों का विस्तार करना भी संविधान पर हमला था?
11. भारत के सर्वोच्च न्यायालय की आलोचना करते समय पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश का हवाला देकर क्या आप यह संकेत देना चाहते हैं कि पाकिस्तान की न्यायपालिका—जिसके इतिहास में सैन्य तख्तापलटों को वैध ठहराने के उदाहरण रहे हैं—भारत की न्यायपालिका से बेहतर संवैधानिक मानदंड है?
12. वर्ष 2019 के बाद जम्मू-कश्मीर में स्थानीय निकाय चुनाव, पर्यटन, निवेश और आधारभूत संरचना जैसे क्षेत्रों में कई विकासात्मक परिवर्तन देखने को मिले हैं। यदि अनुच्छेद 370 हटाना वास्तव में असंवैधानिक और हानिकारक था, तो इन परिवर्तनों को आप किस प्रकार देखते हैं?
Harsh Dubey's Instagram account has now been banned.
He is continuously raising his voice for Reservation Hatao Aandolan and promoting merit. Please support Harsh and the movement.
#reservationhataomovement#EndReservation
Political analyst Ian Bremmer says Prime Minister Narendra Modi’s biggest political challenges are largely domestic rather than international. According to Bremmer, India under Modi is increasingly positioning itself as a leader of the Global South and a bridge to the West,.....
रिजर्वेशन पर #हर्षदुबे का बढ़ता आक्रोश: क्या शुरू होगी नई बहस?
#नई_दिल्ली। #NEET अभ्यर्थी हर्ष दुबे आरक्षण व्यवस्था को लेकर लगातार मुखर दिखाई दे रहे हैं। हाल के मीडिया इंटरव्यू और सार्वजनिक बयानों में उन्होंने आरक्षण से जुड़े कई सवाल उठाए हैं, जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनके समर्थन और विरोध—दोनों की आवाज़ें तेज़ हो गई हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या जनरल वर्ग हर्ष दुबे के साथ खड़ा होगा? इसका उत्तर अभी स्पष्ट नहीं है। कुछ लोग उनकी बातों का समर्थन कर रहे हैं, जबकि कई लोग वर्तमान आरक्षण व्यवस्था को सामाजिक न्याय का महत्वपूर्ण आधार मानते हैं।
हर्ष दुबे के बयानों से यह स्पष्ट है कि वे आरक्षण व्यवस्था में बदलाव और मेरिट आधारित चयन की मांग को प्रमुखता से उठा रहे हैं। हालांकि, यह कहना अभी जल्दबाज़ी होगी कि यह आंदोलन किसी बड़े राष्ट्रीय अभियान या नए अध्याय का रूप लेगा। इसकी दिशा इस बात पर निर्भर करेगी कि उन्हें कितना जनसमर्थन मिलता है और आगे वे किस प्रकार की पहल करते हैं।
#follower #nonfollowers #highlights #reservation #treding #viral
फिलहाल इतना तय है कि हर्ष दुबे ने आरक्षण पर चल रही बहस को एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया है।
Exposing Ratna Singh hypocrisy by media.👏👏
CJP spokesperson Ratna Singh grilled by media.
Journalists questioned her over allegedly PARTYING while NEET victims are yet to receive COMPENSATION.
🚨 जंतर मंतर में GenZ प्रदर्शन पर ग्राउंड रिपोर्ट
पूरा सुनो!
जंतर मंतर पर जो “GenZ क्रांति” दिखाई गई थी, उसकी असलियत क्या है?
छात्रों का प्रदर्शन या कुछ और?
यह वीडियो देखो और खुद फैसला करो। प्रोपेगैंडा से आगे जाकर जमीनी हकीकत जान लो।
Are you agree please repost🙏🙏
His insta account has been suspended. BJP govt and Bhimtas are trying hard to stop us.
Our Anti-Reservation protest will be massive.✍️
Harsh Dubey, What a Man you are.🫡
This guy just destroyed the agendas of SC/ST representative by just one example.
He said : "You tell me where Sonam Wangchuk was admitted ?
SC/ST Guy: Medanta hospital
Harsh dubey: No,He was admitted to Sufdarjung Hospital first but then shifted to Medanta, Why ?? Because they know that in Safdarjung there can be doctors with negative marks who may have got an MBBS degree from the reservation quota in front of their name but this is not the case in Medanta.
This guy is exposing these reservation merchants so badly. Harsh dubey, Take a Bow man.
तेजस्वी यादव ने कहा था की मंदिर के चक्कर में अस्पताल और कॉलेज को न भूले।- राजकुमार भाटी
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा ठीक है 5 एकड़ जो मस्जिद के लिए जगह है उस पर school collage और hospital बनेगा तो भाटी जी के जबान लड़खड़ाने लगा😂
Amit Shah is RIGHT INSIDE Parliament since morning
Locked in back-to-back meetings with Delhi Police, Home Secretary, IB Chief, & now JP Nadda.
Interestingly, No House appearance.
Yesterday: Minute-by-minute grilling of Delhi Police on the 20 July March.
Today: Non-stop security huddles.
With CJP threatening fresh protests and govt stepping back on written assurances post-SC ruling, something BIG is clearly cooking.
The Home Minister seems to be preparing.
अखिलेश यादव का सामना हकीकत से हो गया?
अखिलेश जी क्या भाषण देते थे नकल तो हम सबने की, थोड़ी-थोड़ी नकल तो चलती है थोड़ी थोड़ी सब कर लेंगे तो क्या हो जायेगा, हम सत्ता में आयेंगे तो सब चीटिंग करने वालों को छोड़ देंगे, सपा को वोट डालो!
सपा के पास जवाब नहीं था शांति से सुन रहे थे।
🤡
There was NO RESERVATION in faculty positions in Central Institutions till 2019.
The Central Educational Institutions (Reservation in Teachers' Cadre) Act was brought in 2019.
So,
1. It's only been 5-6 yrs since reservation in faculty positions in IIT.
2. Bina reservation ke seat nahi le sakte to hamari kya galti?