रोज़ कांग्रेस का काला चिट्ठा खोलने वाले निशिकांत दुबे जी का चट्ठा, पूर्व वित्त सचिव सुभाष गर्ग ने खोल दिया है,
“निशिकांत दुबे एक ब्लैकमेलिंग किस्म के आदमी हैं”
जल्द ही यह जनाक्रोश देश के कोने-कोने में दिखाई देगा।
अपने 'वोट के अधिकार' की रक्षा के लिए अब हर नागरिक को सड़क पर उतरना ही होगा!
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने 'वोट चोरी' और SIR की आड़ में देश की जनता के साथ जो विश्वासघात किया है, वह अक्षम्य (माफ़ न करने योग्य) है!
Election Commission Voter Roll Deletions | Supreme Court | Gyanesh Kumar | Vot Chori
वोट चोरी को लेकर अब देश की सबसे चर्चित लड़की AISA अध्यक्ष नेहा बोरा का भी स्टेटमेंट आ गया , नेहा बोरा ने कुछ दिन पहले यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को लेकर भी बयानबाजी की थी ,
नेहा बोरा ने चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर ऐसा स्टेटमेंट दे दिया जिसकी कल्पना किसी ने नहीं की होगी , दिल्ली के जंतर मंतर पर 23 दिन भूख हड़ताल पर बैठने वाली नेहा बोरा आज GENZ के लिये सबसे बड़ी हीरो है , नेहा बोरा के दिए हुए बयान छात्रों में एक अलग ही जोश पैदा करते है ,
AISA अध्यक्ष नेहा बोरा ने द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर कहा कि " जब चुनाव आयोग ही डेमोक्रेटिक नहीं है तो इसका क्या प्रमाण है क़ि चुनाव आयोग डेमोक्रेटिक तरीके से चुनाव करवा सकता है " ,
नेहा बोरा के इस स्टेटमेंट के बाद ये साफ जाहिर हो रहा है कि चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से पूरा विपक्ष सहित देशी की जनता भी नाराज़ है क्योंकि जब जनता का वोट ही सुरक्षित नहीं है तो फिर जनता के वोट की कीमत क्या होगी ,
एग्जाम हॉल का CCTV क्या जारी हुआ,सारी थुवर्ण मीडिया और थुवर्ण समाज नंगा हो कर नागिन डांस करने लगा।
वीडियो में ऐसा कुछ भी नहीं है जिससे की साबित हो कि साहिल ने फोन यूज किया है।
वीडियो में साफ दिख रहा है कि बाकी स्टूडेंट्स के पास भी वैसा इलेक्ट्रिक डिवाइस है जो साहिल के पास था।
इस फुटेज को वायरल करने के लिए करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं, सभी राइट विंगर्स की टाइमलाइन भरी हुई है।
IIT प्रशासन हो या बीजेपी जो भी करवा रहा है क्लियर कट बता दे रहे हैं अब यूजीसी एक्ट लागू होगा ही होगा।
तुम्हारे पॉलिटिकल पापा नरेंद्र मोदी ही लागू करेंगे, देखना।
प्रोपेगंडा का ढोल फूट चुका है। -40 नंबर पर मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन का सच सुनिए। ज्यादातर जनरल कैटेगरी के छात्र -40 नंबर पर प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन लेते हैं। जिसके पास पैसा होगा, वही प्राइवेट कॉलेजों में पढ़ता है।
.@yadavakhilesh ने यह बात बहुत पहले कही थी। आज चुनाव आयोग के भीतर से उठ रहे सवालों के बीच उनकी यह पुरानी वीडियो फिर सुनिए -
“चुनाव आयोग पॉलीटिकल पार्टियों को परेशान करने की दिशा में काम करता है। हमें उम्मीद है कि चुनाव आयोग बीजेपी का आयोग न बन जाए।”
सोचिए, विपक्ष चुनाव लड़े या मतदाता सूची में नाम बचाए? जनता से वोट माँगे या वोट पड़ने से लेकर गिनती तक हर कदम पर पहरा दे? निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने की ज़िम्मेदारी आखिर किसकी है?
अब इंडियन एक्सप्रेस की पड़ताल में दो चुनाव आयुक्तों की दस महीनों में चौदह लिखित आपत्तियाँ सामने आई हैं। जब आयोग के भीतर ही फैसलों पर सवाल हैं, तो बाहर जनता भरोसा कैसे करे?
IIT जैसे देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में छात्रों की मौत के बढ़ते मामलों को गंभीरता से लेना होगा।
2020-21 से 2024-25 के बीच IITs में 53 छात्रों की मौत हुई, जिनमें 45 आत्महत्याएँ थीं और SC, ST व OBC समुदायों के 29 छात्र शामिल थे।
सरकार को उच्च शिक्षण संस्थानों में जातिगत भेदभाव और उत्पीड़न पर प्रभावी रोक के लिए UGC के भेदभाव-विरोधी नियमों को सख्ती से लागू करना चाहिए।
रोहित वेमुला, पायल तड़वी और अब साहिल वाकोडे जैसे मामलों से सबक लेते हुए छात्रों को सुरक्षित, सम्मानजनक और भेदभाव-मुक्त शैक्षणिक वातावरण देना सरकार और संस्थानों की जिम्मेदारी है।
देश के हर छात्र को सुरक्षित, सम्मानजनक और भेदभाव-मुक्त शैक्षणिक वातावरण मिलना चाहिए।
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खेल में अंपायर की निष्पक्षता पर सवाल उठें, तो नतीजे पर भी सवाल उठते हैं। यहाँ तो करोड़ों लोगों के वोट और पूरे लोकतंत्र का सवाल है!
सत्ता की कुर्सी जनता के वोट से मिलेगी, हेराफेरी से नहीं!
@yadavtejashwi
जिस नंदन यादव की तस्वीर दिखाकर बेशर्म भजपिल्ले जमुई की घटना पर RJD को टारगेट कर रहें हैं, असल में उसका नाम रत्नेश है। रत्नेश राघोपुर का रहने वाला है। राजद का कार्यकर्ता है।
भगवा गमछा वाला नंदन यादव भजपिल्लों का बहनोई है।
ज्ञानेश कुमार को फाँसी दो, और दोनों चुनाव आयोग के अधिकारी बाहर निकल कर ज्ञानेश कुमार को एक्सपोज़ करें वरना तीनों चुनाव आयोग के अधिकारी पर FIR हो:- भानु प्रताप सिंह , सुप्रीम कोर्ट वकील
जांच पूरी होने से पहले साहिल वकोडे का वीडियो क्यों जारी किया गया ?
मामला यह नही है कि साहिल ने नकल किया या नही किया.
मामला यह है परीक्षा खत्म होने के बाद और आत्महत्या के बीच साहिल के साथ क्या हुआ ?
सूर्यनारायण दूल्ला और साहिल वकोडे के बीच क्या बातचीत हुई.
जांच पूरी होने से पहले वीडियो जारी करने का अर्थ का सरकार और पुलिस न्याय नही करेगी.
इस देश में रोहित वेमुला को न्याय नही मिला. डॉ पायल ताडवी को न्याय नही मिला. अब साहिल वकोडे को भी न्याय नही मिलेगा.
चुनाव आयुक्त ने जो सरकारें बनवा दी, उसका क्या होगा? इन्होंने 2022 में हमें भी हरवा दिया था.
अगर ये रहे तो बड़े पैमाने पर बेईमानी की तैयारी कर रहे होंगे.
- अखिलेश यादव
महाराष्ट्र के शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे का बड़ा बयान ,
" पार्टियां तोड़ने , पार्टियां हथियाने और लोकतंत्र को खत्म करने वाले गिरोह का पर्दाफाश हो गया है , अब हमारी मांग है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तुरंत जेल भेजा जाए ",
भारत तिवारी की मौत पर पत्रकार, न्यूज़ एंकर और यहां तक OBC SC नेता छाती पीट रहे थे.
पप्पू यादव छाती पीटने गया था. चिराग पासवान और खेसारीलाल यादव भी छाती पीटने गया था.
साहिल वकोडे की मौत पर OBC SC ST नेताओं के मुंह में दही जम गया है.
डॉ प्रकाश अंबेडकर इस मामले में मुखर होकर आवाज बुलंद कर रहे हैं.
अफसोस की बात है डॉ प्रकाश अंबेडकर को महाराष्ट्र की धरती लोकसभा में आज तक नही भेज पाई.
जो नेता लोग दलितों का वोट लेकर MP मल CM बने हैं वो आज खामोश हैं.
हम गांधी और अंबेडकर के भारत में है गोडसे के भारत में नहीं है। जो नेता सेना के खिलाफ बोलता है उसे फांसी पर टांग देना चाहिए...तो आधी भाजपा टंग जाएगी।🔥😄
@priyanka2bharti
जमुई कांड में आरोपी नंदन कुमार यादव का हाफ एनकाउंटर हुआ।
प्रशंसनीय।
फुल एनकाउंटर क्यों नहीं?
भरत तिवारी का फुल एनकाउंटर होगा लेकिन एक नाबालिक के साथ गलत करने वाले मानसिक अपराधी का हाफ एनकाउंटर क्यों ?
कौन सा कानून इसको बचा रहा है ?
दूसरी बात:-
आरोपी पूरे 06-07 हैं तो जाति केवल नंदन कुमार यादव का ही क्यों बाहर लाया गया ? बाकी की जातीय पहचान क्यों छुपाई जा रही है ?
जब अपराध सबका बराबर है तो फिर सिर्फ एक का एनकाउंटर क्यों बाकी 5-6 का एनकाउंटर क्यों नहीं ?
अपराधियों को क्यों बचाया जा रहा है ?
भरत तिवारी को तो बीच सड़क पर गोली मारी गई थी इन 06 को कब गोली मारी जाएगी या कानूनी खेल में ये सब बचा लिए जायेंगे?
मुख्यमंत्री जी खुलकर बिहार की जनता को कहा है कि हरा गमछा वाले अपराधी हैं उनका एनकाउंटर होता रहेगा।
फिर भगवा गमछा वालों का बचाव क्यों ?
सभी 6 का फुल एनकाउंटर कब ?
बाकी सभी 05 का जातीय पहचान क्यों छुपाई गई है?
मुख्यमंत्री जी जवाब दें।
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