वर्ग-3 शिक्षक चयन परीक्षा 2025 का परिणाम आए 2 माह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक विभाग द्वारा नियुक्ति प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है। हजारों अभ्यर्थी अपनी काउंसलिंग का इंतजार कर रहे हैं। कृपया जल्द शेड्यूल जारी करें।
#MP_Varg3_Process_Start
मध्यप्रदेश में सरकारी भर्ती व्यवस्था लगातार प्रयोगशाला बनती जा रही है और इसका सबसे बड़ा नुकसान लाखों बेरोजगार युवाओं को उठाना पड़ रहा है। एक ओर सरकार कह रही है कि 1 अक्टूबर 2026 से अधिकांश भर्तियां केवल कर्मचारी चयन मंडल (ESB) के माध्यम से होंगी और पात्रता परीक्षा व स्कोर कार्ड प्रणाली लागू होगी। दूसरी ओर ईएसबी भर्ती परीक्षाओं के सिलेबस में बड़ा बदलाव कर 100 प्रश्नों में 25 प्रश्न मध्यप्रदेश सामान्य ज्ञान, शासकीय योजनाओं और प्रशासनिक भाषा से पूछने की घोषणा की जा रही है। वहीं पुलिस, जेल, वन, फायर और परिवहन जैसे वर्दीधारी विभागों के लिए अलग पुलिस भर्ती बोर्ड बनाने की तैयारी भी की जा रही है।
इन लगातार बदलते निर्णयों के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि युवा आखिर किस सिलेबस और किस भर्ती प्रणाली की तैयारी करें? स्थिति और भ्रमित तब हो जाती है जब ईएसबी अपनी वेबसाइट से वर्ष 2026 का भर्ती कैलेंडर भी हटा देता है। वर्षों से रिक्त पद पड़े हैं, लेकिन सरकार भर्ती पूरी करने के बजाय नियम, सिलेबस और संस्थाएं बदलने में व्यस्त दिखाई देती है। युवाओं को बार-बार नई व्यवस्था के नाम पर उलझाने के बजाय सरकार को स्पष्ट भर्ती नीति, निश्चित कैलेंडर और समयबद्ध नियुक्ति सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि उनके भविष्य के साथ लगातार खिलवाड़ न हो।
@iShyamPrakash भाई हमारे सहमत होने या न होने से क्या प्रभाव पड़ेगा। उन्हें जो करना है वो करेंगे ही। रोकने वाला है कौन ? ज्यादा लंबे चले तो ED कब दरवाजे पर दस्तक दे दे।
@RavidasShyamlal समय चक्र का परिवर्तन है। पहले पर्याप्त दहेज न मिलने से महिलाओं की कई बार निर्मम हत्या कर दी गयी। आज वही चक्र पलट गया है, अब महिलाएं पुरुषों को मार रही है। जो कभी शासक थे, वो अब राशन कार्ड के लिए परेशान होते देखे जा रहे है।
@RituChoudhryINC यह तो पहले से ही बता दिया था कि exam hall में प्रवेश करने का समय क्या है ? इसके बावजूद भी समय पर न पहुचना । यदि हर कार्य मे नियमो में ढील पोल चलती रही तो फिर हर कोई ऐसा ही करने लग जायेगा।
@Dr_MonikaSingh_ NRI के लिए exam center देश से बाहर भी होते है। किसे कहाँ लेना है, ये स्वयं ही फॉर्म भरते समय फील करना होता है। इस छात्र के मामले ने उसने कहाँ का सेन्टर चयन किया था, ये उसे उसे ही मालूम।
@jeetusp अब आगे दस बारह किलोमीटर दूर से चाय भी आर्डर कर देना। आते आते ठंडी हो जाये तो एक ओर ट्वीट कर देना। डोमोनोस घर के बाजू में तो होगा नही, दूर से ही आया होगा।
@PRAMODRAO278121 इसीलिए तो कहतें है कि दिमाग, दिमाग मे नही होता है। यदि होता तो पहले ही सोच लेती की इसमें वास्तविक नुकसान किसका हुआ है ? धन और मन दोनों का नाश होने के बाद परिस्थिति देखकर बदलना, कहाँ तक उचित है।
@shivamworldbit किस वस्तु का क्या भाव रखा जाए, वह इस बात पर भी निर्भर करता है कि ग्राहक कैसा है ? एक पैदल आने वाले के लिए भाव अलग होगा और कार से आने वाले के लिए अलग होगा। कई बार तो कार से आने वाली मेडम जी सस्ती चीज को घटिया भी बता देती है।
आज की युवा शक्ति पीछे हटने वाली नहीं है।
कौन कहता है कि भारत का युवा सोया हुआ है?
देश का युवा अब डरने वाला नहीं, बल्कि अपने अधिकारों और भविष्य के लिए संघर्ष करने वाला है।
हमारी आवाज़ दबाई नहीं जा सकती, क्योंकि बदलाव की ताकत युवाओं के हाथों में है।
याद रखिए — "कॉकरोच डरते भी नहीं, कभी मरते भी नहीं!"
#CJPProtest
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@NEYU4INDIA