‘चुनावी हलफनामे में गलत जानकारी देने पर जनता (Voter) कर सकती है शिकायत’, सुप्रीम कोर्ट का फैसला; नेताओं को होगी परेशानी। Rajkumar Madki vs. Dr Shailendra Beldale, On 16/10/2026.
एक सिपाही (Constable) जिसने लिखित रूप में यह दे दिया है कि वह पदोन्नति (promotion) नहीं चाहता, उसे अनिवार्य लोअर स्कूल कोर्स (Lower School Course) करने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता, क्योंकि पदोन्नति पाना एक व्यक्तिगत विकल्प (personal choice) है: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट। State of Haryana vs. Sandeep Kumar
अनुबंध के विशिष्ट पालन (Specific Performance) का दावा करने वाले वादकार (Plaintiff) को अपनी संविदात्मक (contractual) बाध्यताओं को निभाने के लिए लगातार तत्परता और इच्छाशक्ति (Continuous Readiness and Willingness) साबित करनी होगी।
न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि पावर ऑफ अटॉर्नी (Power of Attorney - POA) धारक, वादी के व्यक्तिगत ज्ञान (personal knowledge) से जुड़े मामलों में वादी की गवाही की जगह नहीं ले सकता है: कलकत्ता हाईकोर्ट। SRI MANOJ KUMAR AGARWALA Vs. SRI OMPRAKASH BRAJABASI & ANOTHER, On 14/10/2026.
ट्रांसजेंडर महिला पर BNS की धारा 69 लागू नहीं, इलाहाबाद HC ने शादी का झांसा देकर संबंध बनाने के आरोपित को जमानत दी। Mohd. Saakir @ Mohd. Sakir vs. State of UP.
6 महीने में खर्चे के केस में Execution ख़त्म करने के निर्देश। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश के सभी निचली अदालतों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि रखरखाव (भरण-पोषण / Maintenance) से जुड़े निष्पादन मामलों (Execution Applications) का निपटारा 6 महीने के भीतर किया जाए।
अदालत ने यह कड़ी चेतावनी दी है कि इस निर्देश का पालन न करने पर सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय की अवमानना (Contempt of Court) माना जा सकता है। Data Ram vs. State of UP, On 13/10/2026.
अपीलीय अदालत (Appellate Court) अपने आप (suo motu) सजा या दोषसिद्धि को नहीं बढ़ा सकती, लेकिन वह सुप्रीम कोर्ट के फैसले (नागराजन बनाम तमिलनाडु राज्य) के तहत मामले में पुन: परीक्षण का आदेश दे सकती है: केरल हाईकोर्ट। Biju vs. State of Kerala, On 22/09/2026.
हिंदू धर्म से इस्लाम में धर्म परिवर्तन करने वाला व्यक्ति केवल पिछले धर्म या जाति के आधार पर पिछड़े वर्ग (बैकवर्ड क्लास) के आरक्षण का दावा नहीं कर सकता: सुप्रीम कोर्ट। The Secretary to Govt. vs. Sameer Ahamed N., On 15/10/2026.
किसी व्यक्ति पर कड़े गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत गंभीर आरोप हैं, उसे विदेश यात्रा के अधिकार से पूरी तरह (blanket manner) वंचित नहीं किया जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट। Natasha Narwal vs. State NCT of Delhi, On 16/10/2026.
सुप्रीम कोर्ट ने एक जानलेवा और क्रूर हमले के मामले में दोषियों को लापरवाही से प्रोबेशन (परिवीक्षा/सदाचार पर रिहाई) देने के लिए इलाहाबाद हाई कोर्ट की कड़ी आलोचना की है और दोषियों को दो सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण (surrender) करने का आदेश दिया है। Umesh Chand vs. State of UP, On 07/10/2026.
20 साल बाद धारा 292 IPC/ 294BNS में केरल हाईकोर्ट ने अश्लील कैसेट के साथ गिरफ्तार शख्स को बरी कर दिया है. हाईकोर्ट के जज ने कहा है कि लोअर और सेशन कोर्ट के जज ने एक बार भी उस कैसेट को चला कर नहीं देखा कि क्या सच में उसमें अश्लील कंटेंट ही थी. Najeeb vs. State of Kerala, On 07/10/2026.
बहू से कपड़े और बर्तन धुलवाना या घर का काम करवाना भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 498A के तहत 'क्रूरता' की श्रेणी में नहीं आता है: Bombay Highcourt, R vs State of Maharashtra, On 01/10/2026.
अनुसूचित जनजाति (Scheduled Tribe - ST) के सदस्य, जैसे मीणा समुदाय (Meena Community) के लोग, स्वेच्छा से हिंदू रीति-रिवाजों और परंपराओं का पालन करते हैं, तो उन्हें हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 (Hindu Marriage Act, 1955) के लाभों से वंचित नहीं किया जा सकता: राजस्थान हाईकोर्ट। L vs. B, On 08/10/2026.
Amendment In Civil Suit & Written Statement (Order 6, Rule 17 CPC) सुप्रीम कोर्ट ने दीवानी मामलों में वाद पत्र या लिखित बयान में संशोधन (Order VI Rule 17 CPC) से जुड़े मामलों पर यह स्पष्ट किया है कि अदालतों को संशोधन आवेदनों पर उदार दृष्टिकोण अपनाना चाहिए और केवल अत्यधिक तकनीकी (over-technical) आधारों पर ऐसे आवेदनों को अस्वीकार नहीं करना चाहिए। Haramani Sahoo vs. Lalita Nayak, On 12/10/2026.
किसी महिला पर भी गैंगरेप का आरोप तय किया जा सकता है, भले ही उसने शारीरिक रूप से बलात्कार (रेप) का कृत्य खुद न किया हो: दिल्ली हाईकोर्ट। Ansxxx vs. State NCT of Delhi, On 15/10/2026.