@PradipRahi@NBTDilli This is not ramprastha city... This road is revenue road which should be maintained by government but not sure why @NBTDilli is posting wrong information here. Please correct asap.
Can you check the reality of video ? This is video of revenue road going across Ramprastha City boundary. This road is not used by residents of Ramprastha City and main road connecting to Ramprastha City is different. @NBTDilli requests you to correct the statement.
@OfficialGMDA look at the condition of premium location Sushant lok 2, sector 55. Please help. I have been raising complaints from past so many months but there is no response no resolution. Please fix the roads, ditches & drainage system on priority. It's like living in hell.
@OfficialGMDA look at the condition of premium location Sushant lok 2, sector 55. Please help. I have been raising complaints from past so many months but there is no response no resolution. Please fix the roads, ditches & drainage system on priority. It's like living in hell.
शहर के बीचो बीच खड़ा ये टोल मानेसर इंडस्ट्री की रीड तोड़ रहा है, न्यू गुडगाँव के लोगो की जेब काट रहा है ओर प्रदूषण पिला रहा है
सरकार है की टोल कम्पनी ओर ठेकदारो को काबू नहीं कर पा रही। जिस टोल की समय अवधि खत्म हो चुकी है उस टोल से जबरदस्��ी टोल लूटा जा रहा है। दिन दहाड़े लूटा जा रहा है
सब खामोश है पता नहीं क्यों ?
#KherkiDaulaToll हटाओ
@cmohry @nitin_gadkari
देश के परिवारों को इस लूट से बचाओ
Locals hail Dwarka e-way project, but demand Kherki Daula toll plaza to be shifted https://t.co/lMqqSZxchP
via @abhishekbehl
Congratulations to all residents of Dwarka Expressway. @PrakharSahay@gsinl@abhish
Cont....
मगर कुछ अड़चने अभी भी बाकी थी समय सीमा 30 महीने रखी गयी, हमें आशा थी की समय सीमा मे कार्य पुरा होगा, मगर फिर कोरोना आया कुछ एक दो हादसे भी हुय्र जिस का असर काम पर ह���आ, दिल्ली की तरफ रोड मे कुछ पेड़ आये आप सरकार मे मामला अटकाय रखा, कुछ एक्विस्ट भी अडचन बने,
आये फिर हमने प्रेस कल्ब मे प्रेस वार्ता की कुछ एक्विस्टो के साथ, असोसियेशन से भरोसा दिलाया की जितने पेड़ काटे जायेंगे उनसे दस गुना हम लगाएंगे ओर हमने लगाये, मसले का हल हुआ कजरीवाल सरकार की तरफ से भी क्लियर्टी मिली,
सड़क के बीच मे हाई टेंसन पोल के लिये HSIDC को पत्रचार और मीडिया के माध्यम से अनुरोध किया की खम्बे हैं हाई टेंशन तारे है उन्हे हटाया जाये, बसई स्थित फैक्टरी ने भी अधिक समय खराब किया और आखिर मे क्लोवर लीफ पर बने शनि मंदिर के शिफ्ट होने के बाद् तो समझो काम को भगवान का आशीर्वाद मिल गया,
हम भी मीडिया के माध्यम से लगे रहे कुछ उतार चढ़ाव भी आये नौकरी भी छोड़ी, महिंद्रा औरा मे अध्यक्ष रहा जहाँ पर कुछ केस भी लगे मुख्य कारण द्वारका एक्सप्रेसवे का मुद्दा उठाना रहा, सरकार की कीरकरि जो हो रही थी, प्रेस्सर भी आये, परेशान भी हुये, मगर अध्यक्ष के तौर पर संघर्ष जारी रखा, कुछ लोग नाराज हुए, कुछ साथियो ने साथ छोड़ा कुछ हिम्मत बन के साथ खड़े रहे ओर आज तक साथ खड़े है, संघर्ष के उस दौर ओर आज तक के सभी साथियो के साथ ओर हिम्मत से किये संघर्ष से हि ये दिन आया है की
आज देश के प्रधानमंत्री माननीय नरेन्द्र मोदी जी इसका उद्घाटन कर ��हे है, ह्रदय प्रफुल्लित है मन संतुष्ट है पिछले दस साल का संघर्ष सफल हुआ, इसमे हजारों लाखो लोगो का संघर्ष शामिल है प्रत्यक्ष ओर अप्रत्यक्ष तौर पर,
मे ओर हमारी पुरी टीम आप सबको बधाई देती है मै मीडिया के सभी साथियो का अधिकारियों ओर नेताओं का जिन्होंने इसमे सहयोग दिया सबका धन्यवाद करता हू यशपाल यादव, अचलेन्द्र कटियार आप सबके बिना इस रोड का बनना बेहद मुश्किल था, मे रिषी राज राणा का भी धन्यवाद करुंगा उन्हीने आउटसी का मुद्दा उठाये रखा जिस से हमारे संघर्ष को भी बल मिला,मे राव अभय सिंह पूर्व चेयरमैन का भी धनवाद करूँगा, मे सांसद राव इंदिरजीत का ह्रदय से आभार वयक्त करता हू इसमे आपकी अहम भूमिका रही, आपके बिना ये संभव् नहीं था
नितिन गडकरी एव तमाम नेताओं ओर संघर्ष के साथियो का पुनः धन्यवाद आप सभी बधाई के पात्र है। तब से अब तक किसी मे त्रुटि ओर गलती के लिए सभी से माफी का पात्र हू, पिछले इतने सालो मे कुछ खोया है तो उस से बहुत अधिक पाया है, लिखने को बहुत कुछ है दस साल का सफर है खट्टी मिट्टी यादे है अब बस संघर्ष की जीत की आनंद अनुभती लेनी है आप लोग भी लीजिये l
*मैं माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी प्रार्थना करता हू की अगर आपके साथ मुझे ओर मेरी टीम को सेल्फी लेने का सौभाग्य मिल जाए तो हमारे संघर्ष की जीत पर चार चांद लग जायेंगे।*
पुनः सभी का आभार
Team #DXPWA
#DwarkaExpressway
#ThankyouModiJi मोदी की गारंटी
Cont.
छोटे बड़े लगाकर लगभग डेढ़ दर्जन से अधिक प्रोटेस्ट/ धरना दे चुके थे मगर DPR थी की बनने का नाम हि नहीं ले रही थी कारन था लिटीगेशन तब एसोसिएशन ने फरवरी 2017 कोर्ट का रुख किया। (CWP 2970-2017) इसी दौरान हुडा एडमिंस्ट्रेशन् यशपाल यादव का से मिलना हुआ कोर्ट ओर यशपाल यादव की सूझ भूझ से मसला हल् हुआ
जिन लोगो के मकान प्लॉट रोड मे आ रहे थे उनको अल्टरनेट प्लाट दिये गये ये अपने आप मे एक अलग हि केस था,
लोगो को Northern Peripheral Road (NPR) का पता नहीं जो की ऑफिसियल नाम था सब इस�� अब Dwakra Expressway के नाम से जानने लगे.l
आपकी जानकरी के लिए बता दु ये NPR 2008 मे कांग्रेस सरकार ने लांच किया था ओर इसे 2010 कॉमन वेल्थ गेम से पहले बन जाना चहिये था, तब इसकी कुल लम्बाई 18 किलोमीटर थी 14 किलोमीटर हरियाणा ओर 4 किलोमीटर दिल्ली मे,
तब् ये रोड खेड़की टोल से शुरु होकर (क्लोवर लीफ से नहीं टोल से) द्वारका सेक्टर 26 UER I I पर ख़तम होना था,
मगर जब् इसे 2016 मे NHAI के अंतर्गत दिया गया तब इसकी कुल लम्बाई बढ़कर 28.4 किलोमीटर कर दी गयी ओर CPR - Central Peripheral Road को इसका हिस्सा बना दिया ओर जो की सेक्टर 84 से शुरु होकर SPR -Southern peripheral Road रोड से जुड़ता था सेक्टर 84 के आगे के रोड को इस से कट कर दिया ओर दिल्ली साइड मे इसे सेक्टर 26 से बढाकर शिव मूर्ति नेशनल हाइवे से जोड़ दिया गया,
जिसे पांच पैकेज मे रखा गया पहला ओर दूसरा पैकेज दिल्ली ओर तीसरा ओर चौथा पैकेज हरियाणा मे रहा पाँचवा पैकेज अंडरग्राउंड टैनल के माध्यम से T _3 को पैकेज एक से जोड़ना रहा, इसका बजत 9000 करोड़ रखा गया,
संघर्ष अभी भी जारी था लगभग डेढ़ दर्जन धरने प्रदेशन के बाद् भी मसला हल नहीं हो रहा था तो निर्णय हुआ की खेरकी दौला टोल के कारणइस रोड को नहीं बनाया जा रहा तो हम भी निर्णायक संघर्ष के मूड मे थे
हमने निर्णय लिया हम अनिश्चित कालीन भूख हड़ताल करेंगे इसके लिये पैसे ओर टीम की जोड़नी थी इतने प्रोटेस्ट कर चुके थे लाखो घर खरीदार भी जुड़ चुके थे टीम अपनी जेब से पैसा ख़र्च कर रही थी लोगो को भी भरपूर समर्थन रहा लोग चंदा दे रहे थे संघर्ष की चर्चा मीडिया के सहयोग से सरकार तक पहुंच रही थी यशपाल जी आउटस्सीस को अल्टरनेट प्लाट अल्लाट करने के लिए तत्परता से कार्य कर रहे थे अचलेंडर कटियार , मिरर नाव,गुड़गांव का प्रिंट मीडिया ओर इलेक्ट्रॉनिक मिडिया भरपूर सहयोग दे रहे थे, प्रदीप मिश्रा बहुत अच्छे से मैनेज कर रहे थे
हमने जनवरी 2019 मे भूख ���ड़ताल खेड़की दौला टोल के पास जगह चिन्हित करके बैठ गये अब तक ओर स��थी भी जुड़ गये थे नवदीप सिंह पहले हि साथ थे
मेरी याशीश यादव की अध्यक्षता मे हम पांच लोग एसोसिएशन् की तरफ से अनिश्चित कालीन भूख हड़ताल पर बैठ हैं
मै याशीष यादव
कंचन जैन
लोकेश यादव
बजरंग जैन
अमरेश मिश्रा
हमारी मुख्य मांग हमने रखी की द्वारका एक्सप्रेसवे को जल्द से जल्द बनाया जाए ओर खेड़की दौला टोल हटाया जाए ओर जब तक ये ना हट जाए इस रोड को ब्लॉक करती इस दिवार को हटाया जाये, जिस से लाखों की सं���्या मे घर खरीदारों को राहत मिल सेl इस रोड के बनने लगभग 200 सोसाइटी, सैकड़ो गाँव, दिल्ली और गुड़गांव मानेसर के दैनिक आवाजाही करने वालो को राहत मिलेगी, टोल हटने से प्रदूषण ओर मानेसर इंडस्ट्री को बढ़ावा ओर लोगो की जेब को आराम मिलेगा l
चार दिन की भूख हड़ताल के बाद् हमें सरकार की तरफ से आश्वाशन मिला चीफ मिनिस्टर मनोहर लाल ने आकर उस दिवार को हटवाया ओर बताया की जल्द टोल हटाया जायेगा एवं जल्दी हि द्वारक��� एक्सप्रेसवे का उद्घाटान् होगा,
हमने भूख हटताल ख़तम कर दी हमें भूख हड़ताल खोलने भेजे सांसद राव इंदिरजीत के ओर गुरुग्राम मेयर ने भी बताया की जल्द रोड का काम शुर हो जायेगा।
मगर लगभग एक महीने बाद टूटी हुयी दिवार के जगह टोल कम्पनी ने हाइ कोर्ट से ऑर्डर लेकर ग्रिल लगा दी लोगो को रोड खुलने से जो खुशी एक महीने मिली वो फिर छू मंतर हो गयी
हमारा फिर नेताओं से मिलना शुरु हुआ हम राव इंदुरजीत सांसद गुरुग्राम से मिले हमने उन्हे उनका वादा याद दिलाया उन्होंने हमें बताया की जल्द् अच्छी खबर मिलगी
ओर अगले महीने देश के सबस�� छोटे नेशनल हाइवे ऑफिशियल नाम 248 BB का स्वर्गीय अरुण जैतली, स्वर्गीय सुषमा स्वराज, सांसद राव इंदिरजीत, मिनिस्टर नीतिन गडकरी ने
इसका उद्घाटन 9 मार्च 2019 को कर दिया ओर एक वर्ल्ड क्लास रोड की नीव रख दी जो की कई मायनो मे किसी अजूबे से कम नहीं है बुर्ज खलीफा से अधिक स्टील लगा, सीमिंट लगी, सिंगल पिल्लर, 8 लन, ईजी एंट्री एग्जिट, इलेवटेड ओर अंडरग्राउंड का बेजोड़ मिस्सरन ओर देश का सबसे छोटा नेशनल हाईव, क्लोअर लीफ से एयरपोर्ट नॉन स्टॉप, शानदार डिजाइन
#DXPWA
#DwarkaExpressway
#ThankyouModiJi
Cont. 2-3
मेरा सफर:
याशीश यादव Via Dwarka Expressway
आज से लगभग दस साल पहले 2014 के आखिर मे जब मै महिंद्रा औरा ��े शिफ्ट हुआ तो देखा Northan Peripheral Road ( NPR) जिस रोड को जिसे गुडगाँव की लाइफ लाइन् रोड कह के बिल्डरो ने सपने दिखाए थे और हम लोगो को घर बेचे थे वो तो कहीं नहीं है सिर्फ धुल के गुब्बहार है
समश्या विकट थी हमे लगा कहा फस गये तब कुछ घर खरीदार इक्खता हुए प्रदीप मिश्रा ने मार्गदर्शन किया ओर एक एसोसिएशन Dwarka Expressway Welfare Association (DXPWA) का गठन हुआ ओर मुझे अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गयी
तो शुरु हुआ हमारा सफर जिस मे कोमल आहूजा, प्रदीप राही, गौरव प्रकाश, प्रदीप मिश्रा, मेजर मनु पांडे आदि ��हे।
हम लोगो ने दफ़्तरों के चक्कर लगाने शुरु किये, समझना शुर किया, कैसे क्या किया जाए, हमने जाना की NPR को 2008 मे लांच किया था ओर इसकी समय सीमा की 2010 कॉमन वेल्थ गेम से पहले रखी गयी थी, मगर 2014 तक यहाँ रोड के नाम पर सिर्फ धुल मिट्टी थी कुछ कुछ बन भी गया था
मगर अधिकांश जगह पैच बचे हुए थे कही मकान, कही फैक्ट्री, कही बिजली के हाई टेंशन खंबे, दिल्ली साइड मे तो जमीन अधिग्रंण ही नही हुआ था
फिर हमे शुरुआत करी,
अधिक��रियों से मिले, नेताओं से मिले, मगर सब नील बट्टे सन्नाटा कोई कुछ सुनने को तैयार नहीं, किसी को कोई मतलब नही, कोई जानकारी नही,
ज्ञापन दिये, मांग रखी मगर नतीजा वही कुछ नहीं हो सकता, लिटीगेशन है कैसे होगा मसला कोर्ट का है
हमने इसे अब अपने हर ज्ञापन् मे Dwarka Expressway लिखना शुरु कर दिया था अधिकारियों, दफ़्तरों ओर नेताओ के चक्कर लगा लगा कर परेशान हो गये थे,मगर कुछ नहीं हो रहा था सब नौकरी पेसा वाले लोग थे तो निर��णय हुआ की धरना करना पड़ेगा वैसे कोई बात नहीं बनने वाली तो ��म गुडगाँव डीसी ओफ़्फ़िस् मे धरने की अनुमति मांगी हमें समय मिलता रहा मिलने का, मगर हमें धरने की अनुमति नहीं मिली मगर हमें धरना करना था अनुमति कर बाद् हि इसलिय हमें चक्कर लगाते रहे, लोगो को भी जोड़ना था अनुमिति भी लेनी थी ओर जब अनुमति मिलने वाला समय आया तो पता लगा की धरने के लिए एसोसिएशन का रजिस्ट्रेशन् भी होना चाहिए, हम रेजिस्ट्रेशन मे लग गये, रेजिस्ट्रेशन करवाके दोबारा धरने की अनुमति मांगी इस सबमे एक साल गुजर गया, 2016 के शुरू मे जिस दिन फाइनल अनुमति देने के लिये डी सी साहब हमे बुलाया हम सब उनके केबिन मे ही थे उसी दौरान उनके माध्यम से पता लगा जाट आंदोलन शुर हो गया ओर आपलोगो को अब अनुमति नही दे सकते ओर हमारी सारी तैयारी फेल ओर अनुमति मिलते मिलते रहे गयी, असफलता हाथ लगी
हमने हिम्मत नहीं हारी हमें लगा यहाँ अनुमति नहीं मिलेगी हमारी सारी तैयारी तो पहले से ही थी तब निर्णय हुआ की दिल्ली जंतर ���ंतर मे धरना देंगे दिल्ली मे धरना देने के लिये हमे ओर् लोगो कि टीम की जरूरत थी तो प्रखर सहाय, समीर सोनिक, मिर्दुल् बबर ��दि साथी साथ आये,
हमें वाह अनुमति मिल गयी, ओर हमारा पहला धरना अप्रैल 2016 मे बेहद सफल हुआ शायद गुडगाँव मे नहीं होता, नेशनल मीडिया ने मुद्दा उठाया, डिजिटल ओर प्रिंट मिडिया ने इसे राष्ट्रीय मुद्दा बनाया ओर घर खरीदारो को राष्ट्रीय चैनलो पर लाइव डिबेट मे बुलाया गया, लाईव डिबेट एसोसिएशन की तरफ से मै याशीश यादव, मेजर मनु पाण्डे, एवं प्रखर सहाय लोग मुद्दा रखते गये, प्रदीप मिश्रा से पूरा मीडिया मे सहयोग ��रते रहे, मै नोएडा मीडिया हाउस जाता रहा, कभी गुड़गांव मीडिया हाउस मे, Dwarka Expressway, हुडा ऑफिस मे मुद्दे उठाता रहा, साथियो ने सहयोग दिया, सबमे समय देने के लिये मैने नौकरी छोड़ी और फिर हमे बड़ी सफलता मिली,
अगस्त 2016 मे एक नोटिफ़िकेशन जारी करके सरकार ने इस रोड को NHAI (National Highway authority of India) के अंतर्गत दे दिया ओर हमें समय दिया की अब इसकी DPR (Detailed Project Report) बनेगी ओर जल्द काम शुरु हो जायेगा
मगर अभी तो संग्रर्ष शुरु हुआ था धरने ��्रदेशन जारी रहे, क्योंकि प्रोजेक्ट रिपोर्ट बन ही नही रही थी
हमे भी ल���े रहे
० हवन के माध्यम से प्रोटेस्ट
० DxPl क्रिकेट टूरनामेंट के माध्यम से प्रोटेस्ट (मार्च 2018) एक मुद्दा एक मैच के तहत
० गुलाब देकर प्रोटेस्ट
० कैंडल मार्च
० कार रैली करके प्रोटेस्ट
० NHAI के दफ़्तर के समाने प्रोटेस्ट, सितम्बर 2017
० हुडा ऑफिस के सामने धरना
० सचिवालय के सामने धरना
० प्रेस कॉन्फ्रेंस
० मीडिया बाइट
० वोटर कार्ड - पौधा रोपण
#DXPWA
#DwarkaExpressway
#ThankyouModiJi
Cont. 1-3
गुरुजल :
अगर गुरुग्राम प्रशासन इस पानी को बचा के
#RainWaterHarvesting के ज़रिए अगर भू-जलस्तर तक ले जाने में कामयाब हो जाते तो ना बाढ़ की स्थिति गुरुग्राम में बनती ओर ऊपर से गुरुग्राम का ज़मीनी जल स्तर भी बढ़ता।
समाधान है बर्शते ढंग से ओर लगन से किया जाये
में ��िशांत जी @DC_Gurugram जी से पूछना चाहूँगा गुरुग्राम में कितने रैन हार्वेस्टिंग है
जो सॉसाययटी/ किसी भी बिल्डिंग में कमपलसरी है उतने होने ही चाहिए। बाय लॉज़ के हिसाब से ।
क्या वो सब सही से काम कर रहे है ? क्या इसकी जाँच हुई थी ?
मै शर्त से कह सकता हूँ “टोटल का 90% RWH काम नहीं कर रहे “ पूरे गुड़गाँव का
सरकारी बिल्डिंग का तो 2% भी मिल जाये तो ग़नीमत है 🙏
RWH को बढ़ावा दीजिए उस से ज़मीनी जल स्तर भी बढ़ेगा ओर बा���़ भी नहीं आएगी 🙏
इसे सुझाव की तरह ले - कटाक्ष नहीं 🙏
@DC_Gurugram
CC
@Dchautala @mlkhattar
@YasheshYadav Totally agree... This is the situation of whole gurgaon... Authorities should take proper action so that such situation doesn't occur next time..
@atanubhatt77@DC_Gurugram@mlkhattar@cmohry@sec37d@RwaView@rakeshdaultabad Such an unfortunate incident!
Is not it the moral responsibility of the builder in making sure the basic safety measures are put in place? Kindly take corrective measures so that similar instance can be avoided or better managed in the coming times!
@atanubhatt77@DC_Gurugram@mlkhattar@cmohry@sec37d@RwaView@rakeshdaultabad It's really shocking,there is no arrangement for fire in the market,and OC was released by authorities, tomorrow this incident happened again with anyone.And Builder and maintenance Agency Authorities sitting at home on relax mode.