धरती आबा बिरसा मुंडा जी की जयंती पर गुजरात में आदिवासी समुदाय की यह जागरूकता और एकजुटता साबित करती है कि अब लोग काल्पनिक मिथकों को ठुकराकर अपने असली नायक को पहचान रहे हैं। अपने हक, अधिकार और प्रतिनिधित्व के लिए समाज पहले से कहीं अधिक संगठित होकर खड़ा है। 15 साल जिस समुदाय के लिए मैंने अपना सब कुछ दांव पर लगाकर काम किया, उस समाज ने मुझे निराश नहीं किया, वह जाग रहा है, समझ रहा है और एक बड़ी न्याय की लड़ाई के लिए आगे बढ़ रहा है।
For bhakts, protecting pawpaw and his govt or attacking the critics is not enough. They have to cover a lot of ground, from China to Trump to Adani to ECI...
And all in the name of country/religion.
There are only two states in India, according to bhakts.
The State (government) and the Deep State.
They forgot that in pre-2014 India, criticising the government was an act of strengthening democracy.
Dhadak 2 Review : धड़क 2 सिर्फ फिल्म नहीं बल्कि जातिवाद के खिलाफ दलितों की हुंकार है! Lights, Camera, Caste के इस एपिसोड में देखिए कैसे #Dhadak2 ने बॉलीवुड में जाति के सवाल को सेंटर में लाकर खड़ा कर दिया ? #dhadak2review#dhadak
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15 बहुजन क्रांतिकारी जिन्होंने देश को आज़ाद कराने के लिए दी जान। बहुजन योद्धाओं की सच्ची कहानियां #indipendenceday2025
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सम्राट असोक का लघु शिलालेख सासाराम में 290 लिखावटें, 3 अंक और 14 विराम चिह्न हैं।
290 में 24 लिखावटें खोज के समय से ही मिटी हुई हैं।
अब मिटी हुई 24 लिखावटों की खोज बसहा शिलालेख से कर ली गई हैं।
सो इस लघु शिलालेख का हस्तलेख अपने शुद्धतम रूप में पहली बार जारी किया जा रहा है।
बुद्ध को पीपल के नीचे ज्ञान मिला था कि आत्मा जैसी कोई चीज नहीं है। उलट हो गया। मृतकों की आत्माएं पीपल में बसती हैं। घंट इसी पर टाँगा जाता है। आत्माएं यहीं पानी पीती हैं।