RT इतनी करे हर एक स्वर्ण के पास पहुंचे । अगर आप अपनी पीढ़ियों के लिए नामर्द साबित नहीं होना चाहते तो । बीजेपी का बहिष्कार करके सभी स्वर्णों को लामबंद होना चाहिए और अपने हितों की रक्षा के लिए लड़ना चाहिए छोटे मोटे मन मुटाव दूर करके नई पार्टी का गठन करके सोसल इंजीनियरिंग के फार्मूले से चुनाव लड़कर । योग्य ओर लड़ाई लड़ने वाले को विधानसभा लोक सभा में भेजना चाहिए और इन चापलूस स्वर्ण नेता का एक तरफा बहिष्कार करना चाहिए। चाहे ये चापलूस मंत्री मुख्य मंत्री प्रधानमंत्री भी बन जाएंगे तो आपके हित की बात कभी नहीं करेंगे । जहर की घूंट पीनी होगी ये मत देखो मंत्री मुख्य मंत्री प्रधानमंत्री हमारी जाती का बनेगा । वरना सर्वनाश के लिए तैयार हो जाए
UGC पर आपने जैसे न्याय पूर्ण तरीके से अपनी बात रखी ,आपके सही सोच को मैं प्रणाम करती हूं🙏,ऐसा ही नेता सरकार में होना चाहिए ,जो सच्चाई का आईना दिखाए। 🙏✍️
#UGC_काला_कानून_वापस_लो
विष्णु तिवारी को झूठे SC/ST Act के आरोप से निर्दोष होकर भी जवानी के 20 साल जेल में बिताने पड़े।
और पूरा जीवन बर्बाद हो गया। विष्णु तिवारी का यह केस UGC के लिए उदाहरण है कि कैसे कानून का दुरुपयोग होता हैं
वो योगी आदित्यनाथ जिन्होंने धर्म के लिए
- अपने माता-पिता को छोड़ दिया!
- बहन-भाइयों को छोड़ दिया!
- देश को ही अपना परिवार बना लिया!
- लव जिहाद विरोधी कानून बनाया!
- धर्मांतरण विरोधी कानून बनाया!
- धर्मांतरण की फैक्ट्रियों पर ताला लगाया!
- गौ तस्करों का इलाज किया!
- UP को अपराधियों की कब्रगाह बनाया!
- बेटियों को सुरक्षित माहौल दिया!
- बेटियों को ऐसा UP दिया कि वो रात को 12 बजे स्कूटी पर अकेले घूम सकती हैं!
- श्रमिकों को ऐसा UP दिया कि जब वो फैक्ट्री से सैलरी लेकर घर जाएं तो कोई उनकी सैलरी या साइकिल नहीं छीन सकता!
- किसानों को ऐसा UP दिया कि रात में उनकी भैंस चोरी नहीं हो सकती!
- अतीक अहमद के खौफ़ से UP को मुक्त किया!
- मुख्तार अंसारी के आतंक से UP को मुक्त किया!
- आजम ख़ान के काले कारनामों का हिसाब किया!
- दंगाइयों का इलाज पीतल और बुलडोजर से किया!
- अयोध्या को पुरातन वैभव दिया!
- सरयू आरती शुरू कराई!
- भव्य दीपोत्सव शुरू कराया!
- बलिदानी कारसेवकों को सम्मान दिया!
और भी ऐसे हजारों काम योगी जी ने दिन रात एक कर के हिंदुओं के लिए किए हैं
उन योगी को हुमायूं का बेटा कहकर उनकी मां को गाली देना दुष्टता है, अधर्म है, पाप है, महापाप है ..
लेकिन जो ये पाप लगातार कर रहे हैं ताकि कैसे भी करके योगी आदित्यनाथ को 2027 में हराया जा सके और फिर वही पुराना UP बनाया जा सके, जहां
- कुंभ मेले की जिम्मेदारी आज़म ख़ान को दी जाती थी!
- अतीक अहमद के कुत्तों को CM द्वारा बिस्किट खिलाए जाते थे!
- मुख्तार अंसारी बंदूकें लेकर खुले में घूमता था!
- थानों में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी रोकी जाती थी!
- कांवड़ यात्रा में डीजे बैन होते थे!
- जालीदार टोपियां आए दिन आतंक मचाती थी!
- कारसेवकों को गोलियों से भूना जाता था!
अब UP को तय करना है कि क्या वो कालनेमी के योगी विरोधी एजेंडे का शिकार बनेगा या योगी का साथ देता रहेगा ..?
कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट पहुँची है Places of Worship Act, 1991 को बचाने के लिए।
यह वही कानून है जिसे #Congress ने 1991 में बनाया था। इस कानून का मूल उद्देश्य बाबर, हुमायूँ, तुगलक, ग़ज़नी, गौरी, खिलजी और औरंगज़ेब जैसे आक्रांताओं द्वारा किए गए अवैध कृत्यों को वैध ठहराना था।
मुग़ल शासकों ने जिन मठों और मंदिरों को तोड़ा, यह कानून कहता है कि उन्हें दोबारा पुनर्स्थापित नहीं किया जा सकता।
यह कानून यह भी कहता है कि काशी, मथुरा, भद्रकाली, भोजशाला, अटाला, संभल सहित अन्य धार्मिक स्थलों को पुनः प्राप्त करने या पुनर्स्थापित करने के लिए कोर्ट नहीं जाया जा सकता ⚖️🚫
इतना ही नहीं, जो मुकदमे पहले से अदालतों में चल रहे हैं, उन्हें भी बंद कर दिया जाएगा।
यह कानून हिंदू, जैन, बौद्ध और सिखों के लिए न्याय के दरवाज़े बंद करता है। सबसे खतरनाक बात यह है कि कांग्रेस ने अपनी याचिका में कहा है कि यदि Places of Worship Act समाप्त हो गया, तो देश की एकता और अखंडता खतरे में पड़ जाएगी 🇮🇳⚠️
यह एक तरह से सुप्रीम कोर्ट और सरकार दोनों को धमकी है।
कांग्रेस का दावा है कि यह कानून हटने से देश में अराजकता फैल जाएगी।
इसका सीधा मतलब यह निकाला जा सकता है कि भारत इसलिए एक है क्योंकि बाबर, हुमायूँ, ग़ज़नी, गौरी और औरंगज़ेब द्वारा तोड़े गए मंदिर आज भी दूसरों के कब्ज़े में हैं।
और यदि उन मंदिरों को पुनः स्थापित किया गया, तो देश टूट जाएगा — ऐसा आरोप कांग्रेस अपनी याचिका में लगा रही है।
कांग्रेस यह भी कह रही है कि सेक्युलरिज़्म को बचाने के लिए Places of Worship Act ज़रूरी है।
👉 यह तुष्टिकरण की पराकाष्ठा है।
यह पूरा कदम केवल और केवल दिल्ली विधानसभा चुनाव 🎯 को ध्यान में रखकर उठाया गया है।
दिल्ली में 10 से अधिक विधानसभा सीटें ऐसी हैं जो सत्ता का फैसला करती हैं।
क्योंकि कांग्रेस का खाता पिछले कई चुनावों से दिल्ली में नहीं खुल पाया है, इसलिए उसने यह रणनीति अपनाई है।
अगर हम अपने धार्मिक स्थलों को कोर्ट के ज़रिये भी वापस नहीं ले सकते, तो यह कैसी स्वतंत्रता है? 🤔
यह लड़ाई किसी एक धर्म की नहीं है।
यह Right to Justice ⚖️, Freedom of Religion 🕉️, और संवैधानिक अधिकारों 📜 की लड़ाई है।
आख़िरकार सवाल यह है — क्या हिंदू, जैन, बौद्ध और सिखों को धार्मिक स्वतंत्रता है या नहीं?
आदरणीय @AshwiniUpadhyay जी
UGC के काले कानून पर संघ विचारक के रूप में आने वाले संगीत रागी भी आहत है UGC के काले कानून से, डरकर ही बोल रहे हैं लेकिन बोल रहे हैं।
@narendramodi ने एक झटके में पूरी @BJP4India
को बर्बाद कर दिया, @NitinNabin इसे बर्खास्त करे।
क्या इतना दम है।