@dromsudhaa शोषण किसी ने नहीं किया। जो काम जिसके जिम्मे था वो उन्होंने किया।जो अपना काम बदलना चाहते थे कोई रोक नहीं थी। यह उस समय की व्यवस्था का हिस्सा थे। आज जमाना बदला है।
@dromsudhaa आज क्या हो रहा है। कौन से संसाधन मिल गए। कौनसी ज़मीन ख़रीद ली, कौन सी factory लगा ली। कौन सी जागीर मिल गई।
आज भी वो ही कर रहे हैं जो हज़ारों साल से कर रहे हैं।
संसाधनों पर अधिकार सिर्फ़ पूँजीपतियों का है राजनेताओं का है अधिकारी का है।
आम SC ST वहीं है और वहीं रहेगा।
देश भक्त कौन हैं। वो जो झंडा फहराते हैं, राष्ट्र गान गाते हैं भाषण देते हैं या फिर वो जो चुपचाप टेक्स देते है, दूसरों के अधिकारों का ख़याल रखते हैं अपने कर्तव्यों का पालन करते हैं एक अच्छे नागरिक की तरह रहते हैं। ज़रूरत पड़ने पर सेनाओं में जा सकते हैं।
@Krishan88701400 पुलिस किसी को भी पीट सकती है। पुलिस सरकारी तंत्र का हिस्सा है। उसकी लाठी से कोई नहीं बच सकता। जाट मीणा गुर्जर सब लट्ठ खाते रहे हैं।
राजपूतों ने लट्ठ परहेज़ किया इसलिए लड़ना भूल गए। अब जब एक बार लाठी चार्ज हो ही गया तो क्या डरना। अब सरकार ही डरेगी।