गायत्र्या नाम साहस्रं समाप्तावथ वा पठेत् । विष्णोर्नामसहस्रञ्च सर्वदोषोपशान्तये ।।
श्रोताको चाहिये कि वह वेद, गौ, गुरु, ब्राह्मण, स्त्री, राजा, महापुरुष, देवताओं और देवभक्तोंकी निन्दा कभी न सुने ।।
*हस्तामलक*
@govardhanmath
दक्षिण भारत की पदयात्रा के संदर्भ में आचार्य आद्यशंकराचार्य ने भगवती मूकाम्बिका की समर्चा तथा संस्तुति के अनंतर कई दिनों तक उस शक्ति क्षेत्र में निवास करने के दौर���न श्री बलि नामक ब्राह्मण बस्ती (अग्रहार ) की यात्रा की ।
उस भव्य गांव में हजारों
वन अरण्य गिरी पर्वत गांव गांव
शंकराचार्य श्री आदि शंकराचार्य ने केवल चार मठ की स्थापना नहीं की
उन्होंने नगर नगर गांव गांव पर्वत महासागर जंगल वनवासी सभी के शिक्षा उत्तरदायित्व के लिए अनेक प्रकार के साधुओं को संतो को आचार्य को शिक्षा के लिए नियुक्त किया
जो हर क्षेत्र में
गो मांस से जो कैंसर होता है वह एक व्यक्ति को नहीं होता उसके फिर पूरी वंशावली को होता है
क्योंकि जानकारी अपर्याप्त है और ऐसी जानकारी सतह पर नहीं आती
कैंसर चलता जाता ���ै
कैंसर और भी कई कारण से होता है
परंतु केवल आपके अपनी जीभ के स्वाद के लिए आपके अगले 100 पीढी
Tiger reserve
बनाना फैशनेबल है
Cow reserve
गौ संरक्षण क्षेत्र
क्यों नहीं बनाया जाता
जो इस देश धर्म विज्ञान आस्था का प्रमुख केंद्र है
गाय माता तो फिर भी कुछ उत्पाद देती है
Maa Varahi, also called Krodhakali is one of the 8 matrika who are most revered by Tantriks from Kaula to Kapalika Sampradayas, she has 16 different forms but only 14 is known. Among the Mahavidyas although she is a direct emanation of Kali, still she is similar to Dhumavati.
The names of her 14 different forms are as follows:
1. Dhumra
2. Dandahanatha
3. Sangyatha
4. Sameswari/Samareswari
5. Samyaa
6. Saangangtha
7. Varahi
8. Varthali
9. Boarthini
10. Arinkki
12. Mahasena
13. Agyachakreswari
14. Sibaa
She is said to be the commander of forces of Maa Lalitha's army and according to Lalitha Sahasranaam Maa Varahi was created by Adiparashakti in order to destroy Rakshasa Bisukan.
#SanatanaDharma
#Devi
एष ब्रह्मविदां बरिष्ठ:।मुण्डकोपनिषद 3/1/4। ब्रह्मवादियों में सबसे श्रेष्ठ कौन होता है ? जो क्रियावान,ज्ञानवान, ध्यानवान सन्यासी हो।जो आर्य मर्यादा को कभी भंग न करनेवाला सन्यासी हो।जो अनतिवादी, आत्मक्रीड, आत्मरति व क्रियावान ब्रह्मनिष्ठ है, वही ब्रह्म���ेत्ताओं में सर्वश्रेष्ठ है।
किस संविधान के कारण भारत की पहचान सोने की चिड़िया के रूप में थी? मनुस्मृति के कारण । आज भारत स्वतं���्र थोड़े ही है,अंग्रेजो का उपनिवेश है,अंग्रेजों का दास है।