आज अगर देश में WhatsApp University से भी ज़्यादा फेक ख़बरें फैलानी वाली कोई भी यूनिवर्सिटी है तो वह है
"अनिरुद्धाचार्य की यूनिवर्सिटी"
ये भगवान की कथा सुनाएं और यही सुनने को लोग इनके पास आते हैं मगर ये बताते हैं कि
Apple Company का लोगो ऐसे बनाया गया कि
"एक अमेरिका से नीब करोली बाबा जी का शिष्य आया और उसने कहा कि हम अपनी कंपनी का LOGO क्या बनाएं तो बाबा जी के पास एक Apple रखा था
उन्होंने उस Apple को थोड़ा सा खाकर उसे पकड़ा दिया बस यहीं से उसने Apple का LOGO बना लिया।
मगर सच तो यह है कि
नीब करौली बाबा जी ने 11 सितंबर 1973 को प्राण त्यागे थे, उनके 1 साल बाद यानी 1974 में स्टीव जॉब्स बाबा नीब करौली के दरबार में पहुंचे थे।
नोट: भगवान की कथा ज़रूर सुनें मगर अनिरुद्धाचार्य जैसे लोगों से दूर रहें जो अपना बिजनेस चलाने के लिए Baseless, Senseless और Illogical बातें करते हैं।