ये हैवान“भीमराव कांबले” है। इसने 3 साल की मासूम का रेप कर उसे मार डाला। इस पूरे मुद्दे पर नेशनल मीडिया कोई डिबेट नहीं! इस हैवान की सच्चाई आपको कोई नहीं बताएगा! पूरी सच्चाई यहाँ जानिए:-
- “भीमराव कांबले” एक सीरियल रेपिस्ट है
- इसने 1998 में एक 75 साल बुजुर्ग महिला के साथ रेप किया
- 2015 के इसने अपनी सगी भतीजी के साथ रेप किया। जिसमें कुछ साल पहले जेल से छूट कर आया
- मामला महाराष्ट्र के पुणे के
- अब इसने 3 साल की इस मासूम बच्ची की रेप के बाद हत्या कर दी
कितनी छोटी-प्यारी मासूम बच्ची है यार!🥲
भीमराव कांबले ने 4 साल की मासूम बच्ची से रेप किया, फिर पत्थर से कुचलकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद हैवान ने बच्ची के शव को तबेले के अंदर गोबर के ढेर में दबा दिया।
बताइए ये हैवान शोषित-पीड़ित-वंचित है? या हैवान दरिंदा? हे भगवान इस हैवान ने हैवानियत की सारी हदें पार कर दी।
When people talk about Reservations, they only think college or jobs.
But today, Reservations are everywhere.
I'm starting a series exposing all kinds of discrimination faced by General Category.
Episode 1- Reservations in Libraries
Make sure these videos reach every GC.
“तू ब्राह्मण है ना”
आज तू चल, तेरा नंगा परेड निकलेगा?
दिल्ली में महिला पत्रकार रुचि तिवारी पर हमला किया गया हैं इस घटना की पूरी सच्चाई उन्हीं की ज़ुबानी सुनिए।
हम सच में समझना चाहते हैं कि कौन से ऐसे महा पुरुष हैं इतिहास में और वर्तमान में भी प्रभु श्रीराम से बढ़कर जिनके लिए हम अपने विचार भी व्यक्त नहीं कर सकते !
#ANILMISHRA
अगर मनुस्मृति जलाना “अभिव्यक्ति की आज़ादी” है,
तो डॉ. भीमराव अंबेडकर का अपमान “गलत” कैसे हो गया?
या तो कानून सबके लिए बराबर है,
या फिर साफ़ कह दो कि यहाँ न्याय नहीं, दोहरा मापदंड चलता है।
डॉ. अंबेडकर किसी एक जाति या पार्टी की संपत्ति नहीं,
वो भारत के संविधान के शिल्पकार हैं।
उनका अपमान = संविधान का अपमान।
आज अगर एक विचारधारा को जलाने की छूट है,
तो कल दूसरी विचारधारा पर गुस्सा आना स्वाभाविक है।
आग एक तरफ़ जले — ऐसा लोकतंत्र नहीं चलता।
अब बहुत हो गया।
या तो सबके लिए एक ही नियम लागू करो,
या फिर मान लो कि यह लड़ाई न्याय की नहीं, सत्ता की है।
न तो कुलदीप सेंगर ब्राह्मण हैं
न ही भाजपा ब्राह्मणों की पार्टी है
और न ही देश के प्रधानमंत्री ब्राह्मण हैं।
तो फिर ब्राह्मणवाद की आड़ में ब्राह्मणों विरोध क्यों?
दिल्ली पुलिस और भारत सरकार ऐसे देश-विरोधी तत्वों के खिलाफ़ कठोर कार्रवाई भी नहीं कर पा रही है
जंतर मंतर धरने से संतोष वर्मा की बर्ख़ास्तगी को लेकर परशुराम दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष गंगाधर शर्मा का ऐलान।
बर्ख़ास्तगी के लिए दिया गया धरना।
बर्खास्त नहीं हुआ तो होगा संसद का भी घेराव।
धरने में परशुराम दल की इकाइयों व ब्राह्मण समाज ने दिखाया रोष।
दो कौड़ी के आदमी ब्राहमण समाज की बेटियों कॊ मंच से मांग रहे है।
BJP उन्हें सरंक्षण दें रही है।
क्या ब्राह्मणों तुम्हारा रक्त पानी हो गया या हड्डियों मे भरा पानी सूख गया।
मे अपने समाज के सम्मान स्वाभिमान के लियॆ
#बेटी_सम्मान_न्याय_यात्रा के साथ 10 जनवरी कॊ हाथरस से @BJP4India दिल्ली मुख्यालय के लियॆ कूच करूंगा।
#BJPHatesBrahmin
ये वो पंकज चौधरी हैं जिनको ब्राह्मण नेताओं के बंद कमरे में खाना खाने से ऐतराज है!👇
लेकिन खुद "कुर्मी महासभा" में शिरकत भी करते हैं और उसका प्रचार भी अपने official हैंडल से करते हैं?
क्या बोलें इसको?
दोगलापन या
#BJPHatesBrahmin