अब्दुल: "हिंदू-मुस्लिमों के बीच अब कोई प्यार नहीं बचा है।"
रिपोर्टर: "ऐसा क्य���ं लगता है?"
अब्दुल: "जब कोई किसी को प्रताड़ित करता है, तब नफरत पैदा होती है।"
रिपोर्टर: "ईद असद पर हिंदू सूर्या को चाकू मारा ��या।"
अब्दुल: "माफ़ कीजिए, मुझे कुछ नहीं पता।"
कपड़ा हलाल,साबुन हलाल, माचिस हलाल, यह क्या है भाई?
मीट मुर्गा तक तो ठीक है। बाकी सामान के लिए हलाल का सर्टिफिकेट लेना क्यों जरूरी है? हलाल सर्टिफिकेट की मान्यता न राज्य सरकार ने दी है ना केंद्र सरकार ने।
हलाल सर्टिफिकेट जारी करने वाले 25000 करोड़ की कमाई करते हैं और यह सब पैदा आतंकवाद, जिहाद और धर्म परिवर्तन के लिए खर्च किया जाता है।
योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में हलाल सर्टिफिकेट को हलाल कर दिया।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री व भाजपा के वरिष्ठ नेता योगी आदित्यनाथ जी को आज उनके जन्मदिन पर हार्दिक बधाई एवं उनके स्वस्थ्य जीवन व दीर्घायु होने की भी शुभकामनायें।
@abhinaymaths पेपर लीक में में पकड़े गए सभी आरोपी कोचिंग संस्थानों से जुड़े हुए हैं।कोचिंग माफिया ही बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते हैं।
अभिनय की भाषा, व्यवहार और बातचीत करने का तरीका किसी सड़क छाप गुंडे मवालियों जैसी है।
इन जैसे फ टीचरों ने ही युवाओं को छपरी बनाने का काम किया है।
असद के पिता ने दी 2 बच्चों को धमकी
हिंदू महिला के कहा मुझ बोला जो सूर्या के साथ
जो हुआ वही तेरे 2 बच्चों के साथ होगा
मॉमेडियन महिलाएं भी दे रही धमकी बोल शांत
बैठ जा ज्यादा उड़ने को कोशिश मत कर
प्रशासन को इस पर तुरंत संज्ञान लेना चाहिए
युवक की मौत का सच क्या है पत्रकार के सवालों के बाद जाए कई बड़े सवाल।
सब के सब बाहर के है तो खोड़ा के कोई निवासी नहीं है @myogiadityanath इनकी जांच कराई जाए।
पिंकी चौधरी को हिंदू समाज बहुत ज्यादा समर्थन नहीं देता क्योंकि लोगों को लगता है यह राजनीति में आगे बढ़ने का प्रयास कर रहे हैं |
पर हिंदुओं ध्यान रखना यही वह व्यक्ति है जो सूर्या चौहान जैसी हत्याओं को हम तक पहुंचता है |
अगर हम इनके साथ पहुंच नहीं सकते तो सोशल मीडिया से साथ दे सकते हैं | @BHUPENDER_HRD 🚩
क्योंकि इस ��्यक्ति में हिंदू के लिए जमीनी स्तर पर काम करने का वही जुनून है जो हमको सोशल मीडिया पर करने का है |
सूर्या चौहान को घर बुलाकर उसके दोस्त असद ने चाकू घोंपकर उसकी हत्या कर दी लेकिन पूरे इलाके के छिलकों को कुछ नहीं पता है
इन भोई वालों से गाजा, फिलस्तीन, लीबिया, सीरिया, ईरान समेत किसी भी इस्लामिक मुलुक का इतिहास भूगोल पूछ लो फट से बता देंगे MKL (माँ के ला���ले) मगर अपनी ही G के नीचे क्या चल रहा है उसका इनको कुछ अतो पतो न होगा
ये इनका अलतकिया है, सब मिले रहते हैं
इनके इसी दोगलयी और हरामीपन के चलते पुरे विश्व मे पेले जाते हैं, शक की निगाहों से देखे जाते हैं
सूर्या के बाद धनराज मौर्या.. अब सनातनी के रक्त से नहाया UP का बलरामपुर भी,
मजहबी भीड़ जुटा कर आये थे आसिफ और वाजिद.
घायल हिंदू महिला का भी अस्पताल में इलाज जारी..
छांगुर पीर के इलाके गैंडास बुजुर्ग की सड़कों पर खोड़ा जैसा तनाव.
#UP@balrampurpolice
कोचिंग माफिया वाले मास्टर और 'सर' लोगों को नैतिकता क�� दंभ नहीं भरने चाहिए। चाहे ख़ान हो या अभिनय, इनके वीडियो में ज्ञान कम और परफॉरमेंस अधिक होता है। मैथ्स पढ़ाने वाले जब कोविड वैक्सीन के कारण लोगों को हार्ट अट��क होने की बकवास करते हैं और स्मार्ट बोर्ड के सामने नाचने लगते हैं, तो वो टीचिंग नहीं होती।
ख़ान, ओझा, स्कोडा, लहसुन सब के सब को देखा हुआ है, सबका मॉडल पता है। ये लोग बच्चों के पक्ष में नहीं होते, ये केवल उस पक्ष में खड़े हो कर अपना पक्ष प्रबल कर रहे होते हैं। ख़ान ने कहा था कि ये मीडिया वाले पुतिन का इंटरव्यू करेंगे? उसका इंटरव्यू किसी BPSC या UPSC की तैयारी करने वाले को करना चाहिए!
कितनी बकचोदी वाली ब��त है ये! UPSC या BPSC वाले (अधिकांशतः) केवल रट्टू तोते होते हैं और वो जब सेलेक्ट हो कर जाते हैं तो कहते हैं कि परीक्षा तो ऑफलाइन होती है, कोई हैक कैसे कर लेगा वेबसाइट!
UPSC में जाने वाले भारत के टॉप ब्रेन नहीं होते, वो घूसखोरी के सबसे बड़े प्रतिमान होते हैं। उनमें से कुछ अपवाद हैं जो देश को किसी तरह चला रहे हैं, इसलिए उन्हें जो भी उदाहरण बना रहा है, उसे ना देश की समझ है, ना प्रतिभा की।
कोचिंग माफिया एक माफिया है, जो बच्चों की असफलता पर थ्राइव करते हैं। असफलता का भार कभी कोचिंग पर नहीं होता, वह सदैव ही तंत्र पर होता है। मैंने दिव्यकीर्ति की बकवास भी सुनी हुई है और मुखर्जीनगर में 16 वर्ष रह कर यह जानता हूँ कि कोचिंग वालों को स्वयं ना भाषा का ज्ञान है, ना विषय का। तंत्र भी बेकार है, पर तुम दूध के धुले नहीं हो।
परंतु हाँ, इसमें भी कई अपवाद होंगे जैसे कि मीडिया में भी कई अपवाद हैं जो अच्छे हैं। पर हाँ, यदि मीडिया बिकी हुई है (जो कि वास्तव में है), तब भी बच्चों के नाम पर नैतिकता की बात करने वाले ये अधिकांश यूट्यूब टीचर स्वयं अनैतिक हैं।