आज मेरठ की क्रांतिधरा पर पहुंच कर उत्तर प्रदेश में आरक्षण वर्गीकरण को लागू कराने की माँग रही एव वाल्मीकि समाज की राजनीतिक हिस्सेदारी की माँग रखी !!
अब यह समाज बहुत आगे बढ़ेगा कोई रोक नहीं सकता हमे !!
#Uttarpradesh#India#Up
SC\ST एक्ट….!!
दलित उत्पीडन और भेदभाव आज भी होता है…
कम ज़रूर हुआ है… लेकिन ख़त्म नहीं हुआ…
और रही बात एक्ट के दुरुपयोग की… तो इससे भी इनकार नहीं किया जा सकता…
लोग आपसी दुश्मनी निकालने के लिए…
और पैसे वसूलने के लिए… एक्ट का भरपूर दुरुपयोग भी करने लगे है…
इसके लिए एक चीज़ तय होनी चाहिए…
जैसा कि सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में कहा था…
SC/ST एक्ट मे FIR दर्ज होने पर…बग़ैर छानबीन के तुरंत गिरफ़्तारी नहीं होनी चाहिए…
पहले शिकायत की सच्चाई जानना चाहिए…
और अगर शिकायत ग़लत निकले… तो प्रार्थी पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए…
एक दशक पहले तक…
हमारे देश में दर्जन भर टेलीकॉम कंपनियाँ होती थी
Airtel…
Aircel…
Reliance…
Vodafone…
Idea…
Spice Telecom…
Tata Docomo…
BSNL…
Virgin mobile
Uninor…
Videocon telecom…
MTS India…
Swan telecom…
प्रतिस्पर्धा का दौर चलता था…
ग्राहकों का राज चलता था…
हर कम्पनी ग्राहकों को लुभाने के ऑफ़र देती थी…
दाम बढ़ाने से पहले कम्पनियों को सौ बार सोचना पड़ता था…
लेकिन बीते दस सालों में सारी कम्पनियाँ ठिकाने लगा दी गई…
केवल दो कम्पनियाँ बची हैं… Airtel और JIO…
और तीसरी वोडाफ़ोन और Idea मिलकर आख़िरी साँसें ले रही है…
इन दो कम्पनियों ने अपने अपने ग्राहक बाँट लिए हैं…
जब भी दाम बढ़ाने होते है… दोनों कम्पनियाँ मिलकर दाम बढ़ा लेती है…
ऑफ़र देती है 350 रुपये मे अनलिमिटेड 5G…
लेकिन दो घंटे में है डाटा ख़त्म का मेसेज आ जाता है..
कर लो जो कर सकते हो…
कुछ ग्राहक Airtel से नाराज़ होकर Jio में जाते हैं
कुछ ग्राहक Jio से नाराज़ होकर Airtel में जाते है…
कम्पनियों को कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता…
लेकिन ग्राहक लुटता जा रहा है…
#FakeNewsAlert:- सीरियल फेक न्यूज़ ऑफेंडर लक्ष्मण यादव का एक और झूठ और फेक न्यूज़:-
ये घटना 2020 की राजस्थान के बीकानेर की है। तब राजस्थान में कांग्रेस की सरकार थी। मामला आपसी लड़ाई और वर्चस्व का था। ना की मूँछ रखने का। दोनों पक्ष SC समाज से थे।
तत्कालीन सीओ ओमप्रकाश चौधरी ने मूंछों वाली बात को पूरी तरह से गलत बताया। उन्होंने कहा कि:- गोली चलाने वाला व्यक्ति ख़ुद दलित समाज से थे
कपिल चौहान, मानव और नरेश नायक समेत दो नाबालिग को गिरफ्तार किया गया था।
प्यारी-लाडली-मासूम बच्ची निशु आजाद की माँ दुर्गा को लेकर सोचिए देखिए……….इसके बाप संजय आजाद ने इसे यही संस्कार दिए हैं?
अब ये और इसके बाप कह देंगे कि इन्होंने सवाल किया था! लेकिन वास्तव में ये बेहद घटिया वाहियात मंशा है……इन दोनों पर तुरंत FIR कर इनकी गिरफ्तारी की जानी चाहिए।
अन्य पिछड़ा वर्ग में आरक्षण का वर्गीकरण हो…
अनुसूचित जाति या जनजाति में आरक्षण का वर्गीकरण हो…
आरक्षण तो उतना ही रहेगा जितना अभी मिल रहा है
जो दो चार जातियाँ हैं जो समृद्ध हो चुकी है, उन्हें कम मिलकर…
जो वास्तविक ज़रूरतमंद जातियाँ हैं उन्हें ज़्यादा मिलेगा…
लेकिन सबसे बड़ी दिक़्क़त ही ये है…
जैसे ही कोई सरकार आरक्षण के वर्गीकरण की बात करेगी…
तुरंत नेरेटिव फैला दिया जाएगा कि सरकार आरक्षण ख़त्म करने जा रही है…
और सबसे ज़्यादा हंगामा और विरोध वही जातियाँ करेगी जिन्हें इस वर्गीकरण से सबसे ज़्यादा लाभ होने वाला हैं…
इसलिए सरकारें भी यही सोचती है… जब इन्हें खुद ही गर्त में पड़े रहना है
तो हमें कौनसा शौक़ चढ़ा है इन्हें गर्त से निकालने का…
सुनो, सुनो, सुनो, सुनो, सुनो………..
बिहार की राजनीति में भूचाल।
चिराग पासवान ने जीतन मांझी का इस्तीफा माँग लिया। क्यों भाई क्यों?
गरीब - शोषित - पीड़ित परिवार आरक्षण ना माँगे?
अजीत भारती पर केस करना वाले कंप्लेनेंट का नाम है “बालकराम बौद्ध”
अगर कंप्लेनेंट बौद्ध धर्म से आता है तो SC/ST एक्ट कैसे लागू होता है ?
और अगर चंद्रशेखर रावण के लिए बोला गया है तो कोई third party वो भी Non SC कैसे फ़रियादी बन सकता है ? @ajeetbharti@DelhiPolice क़ानून का दुरुपयोग करना इसे कहते है। @gupta_rekha
Cc @narendramodi@AmitShah
ध्यान से देखिए आरक्षण किसे मिल रहा है !!
अगर वर्गीकरण होता तो ऐसा कभी नहीं होता !!
बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC 70वीं) में चयनित अनुसूचित जाति के अभ्यर्थियों में
जाटव समाज – 111
वाल्मीकि समाज – सिर्फ 01
आरक्षण किसे मिल रहा है ?
एक ही कोटे के अंदर इतनी असमानता क्यों ?
गरीब और पिछड़े उप-समुदायों का हक कब तक छिना रहेगा ?
#BPSC #आरक्षण #वाल्मीकिसमाज #जाटव #सबकोबराबरी #Subcategorization
हम क्यों नोटा दबाएंगे
@BJP4India
के कुकृत्य देखिये
1989 में बीजेपी के घोषणा पत्र में भी ओबीसी आरक्षण था, वीपी सिंह के साथ मिलकर बीजेपी पहली बार देश में ओबीसी आरक्षण लाई।
2019 के पहले नीट के केंद्रीय कोटा में ओबीसी आरक्षण नहीं था, जो पहली बार बीजेपी ने दिया।
आईआईटी (IIT) और आईआईएम (IIM) की फैकल्टी में कोई आरक्षण नहीं था, जिसे 2019 में बीजेपी ने एक्ट बनाकर दिया। यानी IIT IIM भी बीजेपी बर्बाद कर दी
ओडिशा के मेडिकल क्षेत्र में बीजेपी के आने के पहले सिर्फ 30% आरक्षण था, जिसे बीजेपी ने बढ़ाकर 50% किया।
2015 में सत्ता संभालते ही मोदी ने एससी-एसटी (SC-ST) एक्ट में 47 नए कड़े (ड्रैकोनियन) प्रावधान जोड़े।
भारत के किसी भी कानून में जातिगत भेदभाव के दायरे में ओबीसी नहीं आते थे, लेकिन बीजेपी ने यूजीसी (UGC) एक्ट में ओबीसी को जोड़ा। चूंकि 90% मुसलमान भी ओबीसी में आते हैं, इसलिए अब मुसलमानों को भी हमारे ऊपर एक्ट लगवाने का अधिकार यूजीसी के जरिए दे दिया गया।
बीजेपी 'हिंदू-हिंदू' करती है, लेकिन 1989 में जब मंडल कमीशन आया तो इसी बीजेपी ने मुसलमानों को भी ओबीसी आरक्षण दिया। आज भी पूरे देश में 90 प्रतिशत मुसलमानों को बीजेपी ओबीसी आरक्षण दे रही है।
याद रखना बीजेपी कभी भी मुसलमानो को ओबीसी आरक्षण से नहीं निकालेगी वो सिर्फ हिंदू मुस्लिम करके सत्ता लेती है
अब बताओ, जनरल समाज का 90% वोट लेकर जनरल समाज के साथ विश्वासघात करने वाली बीजेपी को जनरल समाज क्यों वोट दे?
जहां जहां आरक्षण नहीं था भाजपा सत्ता में आने के बाद वहां भी आरक्षण क्यों दी?
इसे फैलाइए PLS सब कोई ,सारे जनरल समाज को इनकी असलियत पता लगनी ही चाहिए
🚨आरक्षण के खिलाफ दलित आंदोलन
आज का ही वीडियो है, ये सब SC आरक्षण में वर्गीकरण की माँग कर रहे है।
हम भी यही कहते है, जिन्हें एक बार आरक्षण मिल गया, उनके बदले किसी गरीब को दो।
नेता विधायक IAS IPS का आरक्षण बंद करो।