ये दिल्ली का रामलीला मैदान है। मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के लिए 20 से अधिक राज्यों के सरकारी कर्मचारी लाखों की संख्या में एकत्रित हुए हैं। वे नई पेंशन योजना को रद्द करने और ओपीएस लागू करने की मांग कर रहे हैं लेकिन कोई भी न्यूज चैनल उन्हें कवर नहीं कर रहा है।
आजतक
Zee न्यूज़
NEWS18
इंडिया टीवी
हर किसी ने उन्हें अपने फ्रेम से बाहर कर दिया है क्योंकि वे शासन के खिलाफ हैं। अशोक गहलोत की कांग्रेस सरकार सबसे पहले राजस्थान, फिर छत्तीसगढ़, हिमाचल और झारखंड में ओपीएस लागू करने वाली सरकारें थीं।
कुछ रीढ़ दिखाओ, भारतीय मीडिया।
पोस्ट क्रेडिट: @Politics_2022_ की पोस्ट का हिन्दी रूपांतरण।
Congratulations to Kumari Pavani, a phenomenal para athlete from @JnvKhammam for this outstanding achievement. Her dedication and talent truly inspire all of us. Keep breaking the barriers and making all proud by such inspirational achievement. #ProudNavodayan#JNV#NVS
Person A- Not receiving any help from the government. He is just left to fend for himself.
Person B- Getting #Reservation, freebies from the government, but it's not reaching him.
Both are being exploited by a few elite Reserved class.
इतिहास साक्षी है जब भी किसी आतातायी ने स्त्री का हरण किया है या चीरहरण किया है उसकी क़ीमत संपूर्ण मनुष्य ज़ाति को चुकानी पड़ी है।
जैसे सत्य, तप, पवित्रता और दान ‘धर्म’ के चार चरण होते हैं वैसे ही ‘लोकतंत्र’ के भी विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका व पत्रकारिता रूपी चार चरण होते हैं। लोकतंत्र के इन चारों स्तंभों को एक दूसरे के साथ लय से लय मिलाकर चलना होगा तभी वे लोक को अमानुषिक कृत्यों के प्रलय के ताप से मुक्त कर पाएंगे।
अब समय आ गया है जब सभी राजनीतिक दलों और राजनेताओं को, मीडिया हाउसेस व मीडिया कर्मियों को अपने मत-मतान्तरों, एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोपों को भूलकर राष्ट्र कल्याण, लोक कल्याण के लिए सामूहिक रूप से उद्यम करना होगा क्योंकि ये राष्ट्र सभी का है, सभी दल और दलपति देश और देशवासियों के रक्षण, पोषण, संवर्धन के लिए वचनबद्ध हैं।
हमें स्मरण रखना चाहिए- स्त्री का शोषण, उसके ऊपर किया गया अत्याचार, उसका दमन, उसका अपमान.. आधी मानवता पर नहीं बल्कि पूरी मानवता पर एक कलंक की भाँति है। 🙏
भारतीय शादी में
अनपढ़ शांतिप्रिय बैंड वाला - 50,000- मांगता है और हम खुशी खुशी देते हैं।🙆🏻♀️
अनपढ़ शांतिप्रिय बग्घी वाला- 20,000 मांगता है और हम खुशी खुशी देते हैं।🙆🏻♀️
अनपढ़ शांतिप्रिय फूल वाला- 15000/- मांगता है और हम खुशी खुशी देते हैं।🙆🏻♀️
लेकिन एक स्नातक शास्त्री ब्राह्मण- जो विवाह का मुख्य आधार है, जिसके बिना विवाह सम्भव नही है- उसे हम केवल 1100/- रुपये देते हैं और वह भी मन मसोस कर।
यह एक कड़वा सत्य है।
जागो हिंदुओ जागो 🤷🏻♀️🤷🏻♀️
DGP