वैसे नवाब साहब अपने नाम के पीछे से jutt हटा लेते तो कम से कम ये भ्रम रहता इनके पूर्वज गधे पर आये थे
अब वो तो रहा नहीं
तलवार के डर से सलवार पहनने वालों के लिए ही कहावत थी नया मुल्ला प्याज ज्यादा खाता है।
@juchkuduk Your religion starts from 1500-2000 BC while the IVC is 4000-5000 BC old. 🤦🏻♂️.
Hinduism could be an adaptation of the IVC culture but the people of the IVC were not Hindus. Their writings haven't been deciphered yet. Stop mixing both and trying to prove something incoherent.
Dear Vaibhab @DefnsiveOffence Sri @narendramodi Can be anything but not narcissist you must expunge these remarks from your Podcast.
We can have our differences with current dispensation but he is the best we have in generations.
There are certain poltical compulsions always.
@DefnsiveOffence podcast Some Raw Agent Mr Sharma called @narendramodi a narcissist alongside Trump.
Trump's cabinet is a mirror gallery — everyone reflects him back.
Kash Patel is exhibit A.
Modi's cabinet is a delivery machine.
One man needs applause,other needs results.
It is incredibly tough to build wealth in India.
Not only you are taxed thrice. But, no one supports you if you lose your job. You are basically a cow, who is useful till it gives milk.
All this is: IF you get a good job to begin with.
Try starting a business-- the "unease of doing a business" will make you quit that business.
If somehow you work through these barriers and build a corpus: then your investment options are limited. You can't invest abroad, take leverage etc.
It is as if you are a criminal for even thinking about investing abroad. So you have no choice but to become a forced investor in India.
Then you juggle currency depreciation, limited investment options and constant noise of "SIP karte raho" from people who would sell India. But, move their own portfolio abroad [yes, Coffee Can, you!]
Is India the worst? No, not at all.
There are far worse destinations.
India is full of opportunities. But here your timing matters more.
Example: If you picked a job in IT 30 years ago, you had it good. If you started 5 years ago, you are screwed.
Same applies to investing. If you have no understanding of valuations: just buy land and gold.
SIP returns (if you see on currency adjusted basis) will shock you. Don't do it. It will kill your joy.
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व्यवस्था बहुत निर्दयी है, यहां वास्तविक कसौटी योग्यता, विश्वसनीयता और परिणाम देने की क्षमता ही है और जो भी जहां तक पहुंचा, वो अपनी-अपनी काबिलियत, परिश्रम और भरोसे के बल पर पहुंचा, न कि किसी विशेष रियायत के सहारे।
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यानि ‘रुदाली गैंग’ छाती पीटने और दूसरों पर कीचड़ उछालने से ‘उद्धार’ नहीं होने वाला। कुंठा से बाहर निकलो। वैमनस्यता का ‘प्लेग’ फैलाना बंद करो। ये जो दिनरात तुम नफरत के बीज बो रहे हो, उनसे उगी फसल के भरोसे कड़वाहट के अलावा कुछ नहीं हासिल होने वाला।
अमित शर्मा
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इसका सीधा प्रमाण यही है कि मोदी, माया, मुलायम, इंदिरा, सोनिया से लेकर योगी-राहुल-अखिलेश की सत्ता और संगठन दोनों को ही अंततः काम करने वालों की जरूरत थी है और रहेगी, न कि गाल बजाने, बकैती करने वालों की।
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कुल मिलाकर ये स्पष्ट है कि ऊपर जिन भी नामों का उल्लेख है, उनमें से कोई भी आरक्षण के सहारे या किसी कृपा-दृष्टि के आधार पर नहीं पहुंचा। न ही यह ‘चॉइस’ या प्रतीकात्मक संतुलन का मामला है। इनमें से ज्यादातर ऐसे हैं जो पर्दे के पीछे लगातार काम किए या कर रहे हैं।
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बहन जी, इनका भी वर्षों से साए की तरह साथ कौन निभा रहा? सीनियर एडवोकेट सतीश चंद्र मिश्रा। जब 2007-12 वाली सरकार थी तब भी रामवीर उपाध्याय, नकुल दुबे बहन जी के खास सिपहसालार थे।
चर्चित गेस्टहाउस कांड में बहन जी की रक्षा करने वाला कौन? स्वर्गीय ब्रह्मदत्त द्विवेदी।
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अखिलेश यादव जी के पिता जी स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव जी जब जैन इंटर कॉलेज करहल में पढ़ाते थे, उस दौरान जब उन पर हमला हुआ तब गोली खाकर उन्हें बचाने वाले कौन- उस कॉलेज के तत्कालीन प्रिंसिपल स्वर्गीय दुबे जी। स्वर्गीय जनेश्वर मिश्र के बारे में जानते ही हैं सब।
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सरकार में भी कुछ इनोवेटिव, यंग इंडिया के अनुरुप करने के लिए कौन चाहिए था? मंत्री अभिषेक मिश्रा। अभी भी बौद्धिक विमर्श जैसे टास्क कंप्लीट करने में चुपके से लगे दिखते हैं। हाल ही में बैंगलोर में अखिलेश जी की इन्होंने और राजीव राय ने ही बड़ी बैठक/कार्यक्रम कराया था।
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PDA वाले अखिलेश जी के यहां वर्षों से निष्ठापूर्वक लिखने पढ़ने के काम करने वाले कौन? मधुकर त्रिवेदी जी। आपके पास जितने भी प्रेसनोट आते हैं उन पर सिग्नेचर भले ही राजेंद्र चौधरी और आशीष यादव के होते हैं, इन्हें दिन-रात मगज खपा कर कई वर्षों से अनवरत लिखते बेचारे मुधकर जी ही हैं।
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भाजपा उत्तर प्रदेश के संगठन मंत्री धर्मपाल जी के सहयोगी- अनुराग गौतम।
सुनील बंसल के समय से लेकर अब तक पार्टी के संगठनिक कार्यों, चुनाव प्रबंधन, तमाम कार्यक्रमों में दिन रात लगे रहने वाले, सभी महामंत्रियों में सबसे काबिल कौन? गोविंद नरायण शुक्ल।
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अब आइए उत्तर प्रदेश की तरफ, पक्ष-विपक्ष सबको देखिए यहां भी काम नहीं चल पा रहा इनके बिना।
योगी आदित्यनाथ के सबसे पुराने सहयोगी, बड़े महंत के समय से मठ से जुड़े सभी संगठनों की पूरी व्यवस्था देखने वाले कौन? द्वारिका तिवारी। मुख्यमंत्री के नाते प्रमुख सलाहकार कौन? अवनीश अवस्थी।
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UPA के दौरान कांग्रेस पार्टी के वैचारिक और सांगठनिक नेता व सोनिया गंधी के भरोसेमंद जनार्दन द्विवेदी से लेकर अब अमेठी में राहुल की नाक बचाने वाले कौन? किशोरी लाल शर्मा, जो कि वर्षों से सोनिया गांधी के निजी सचिव भी हैं।
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बात कांग्रेस की करें तो स्वर्गीय इंदिरा गांधी की किचिन कैबिनेट में सबसे भरोसेमंद केंद्रीय मंत्री और सलाहकार कौन? स्वर्गीय उमाशंकर दीक्षित। प्रमुख सलाहकार कौन थे? परमेश्वर नारायण हक्सर।1913 में गुजरांवाला (अब पाकिस्तान में) जन्मे हक्सर कश्मीरी पंडित थे।
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दूसरे नृपेंद्र मिश्रा- हालांकि वे अब पद पर नहीं हैं, लेकिन प्रारंभिक कार्यकाल (2014–2019) में प्रधानमंत्री की कोर रणनीतिक टीम का महत्वपूर्ण हिस्सा रहे, अभी भी प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं। पर्दे के पीछे से वर्षों से मोदी जी का साथ निभाने वाले कौन? हीरेन जोशी।
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प्रधानमंत्री जी कहते हैं कि मैं पिछड़ा हूं। मेरी सरकार में पहला हक शेड्यूल ट्राइब्स, दलित और पिछड़ों का है लेकिन ये ‘हक’ देने के लिए काम करने के लिए उन्हें भी काबिल लोग ही चाहिए। वो कौन हैं- प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव पीके मिश्रा।