Kuch bhi… I receive threats too. Almost everyday. Simply because my point of view doesn’t suit a section of people.
Stop celebrating as if democracy has suddenly been restored!
What you really miss is not democracy.. you miss monopoly. You miss ur narratives, your cultural approval.
Being a proud Brahmin doesn't make me casteist.
I oppose caste-based reservation, which leeches like you support.
Wasn't it your podcast where Abhijit Iyer Mitra called Brahmins "bastards," and you laughed like a pig?
Finally Sahab....
सरकार शायद अभी तक Paper Leak की असली वजह को नहीं समझ पा रहे हैं। Paper Leak में पकड़े गए लोगों को सज़ा छोड़िए, फाँसी भी दे दी जाए, फिर भी इसे रोकना मुश्किल होगा। जब तक ये नहीं समझा जाएगा कि Paper Leak जन्म कैसे लेता है, तब तक समाधान नहीं निकलेगा। जब आप Tender में समझौता करके, कई बार Ban हो चुकी छोटी-छोटी कंपनियों को Contract देंगे... वो भी इस शर्त पर कि पार्टी फंड में भी पैसा जाए और कम कीमत में भी परीक्षा करा दी जाए... तो वो पैसा कहीं न कहीं से तो वसूल करेंगी ही। यहीं से Paper Leak की शुरुआत होती है। उन कंपनियों के पास न पर्याप्त Centres होते हैं, न पर्याप्त Employees। ऊपर से Outsourcing और Subletting इतनी ज़्यादा होती है कि Accountability ही खत्म हो जाती है। फिर आप उम्मीद करेंगे कि ऐसे Paper Leak रुक जाएगा?
If you're talking about a "fair education system" but conveniently ignore 70% Reservations & negative NEET-PG cut-offs - then you have no idea what "fair" actually means.
First time I've seen someone speak so openly and aggressively against the caste-based reservation system on live television. Well done boy.
Will Abhijit Dipke raise this issue too? He claims to be fighting for students and this is a student issue as well. But he won't, because he doesn't actually care about students.
He is Manoj Jarange Patil
In Sept 2025, he was on 5-day hunger strike demanding Maratha Reservation.
Imagine seeking a backward category certificate for a community with such a proud history!
Today, he's fighting for "fair education system."
Transfer प्रक्रिया तब तक न्यायपूर्ण नहीं होगी जब तक सभी TRE 1,2 और 3 में बहाल बिहार के मूल निवासी शिक्षकों को उनके गृह जिले में पोस्टिंग नहीं दे दी जाए।
और इसका एकमात्र रास्ता है:-
UP वालों को पटना और बॉर्डर जिलों से हटा कर कोसी और सीमांचल में पोस्टिंग करो। UP वालों का तो कोई गृह जिला है नहीं। इसलिए वो बक्सर में रहें या किशनगंज में...क्या फर्क पड़ता है!
नवनिर्मित शिक्षक संघों को इसके लिए आवाज उठानी होगी। सिर्फ केस-केस खेलने से संघ नहीं चलेगा। आपके बिहारी भाई बहन कष्ट झेल रहे हैं और मुंह पर टेप बाँधें हुए हैं!
Imagine someone going on hunger strike against reservation & zero marks cut-offs in admissions.
Media won’t care. Government won’t care. No celebrity will care
That person will die within days.
This is the reality.
And then these people cry why we aren’t developing.
1 kid is SC
1 Kid is ST
1 Kid is OBC
1 Kid is General
All living in horrible conditions, yet benefits are given only to some castes.
The day people demand better facilities instead of caste benefits, India has some hope.
पटना में परीक्षार्थी सफोकेशन से मर गया घुट-घुट के। सेशन पर जो अराजकता की स्थिति थी, वह हम सबने देखी। विद्यार्थियों को इस देश में कीड़े-मकोड़े की तरह देखा जाता है।
रैंडम जगह पर सेंटर होंगे ताकि बच्चे अधिकतम समस्याओं का सामना कर सकें। उन्हें एक दिन पहले जाना पड़े, रेल में भीड़ हो, सड़कों पर जाम लगे।
कोई लॉजिक नहीं है बगले के जिले की जगह तीन सौ किलोमीटर दूर सेंटर देने का। कुत्तों की तरह हमारी शिक्षा व्यवस्था इन्हें ट्रीट करती है।
छात्र मर रहे हैं, मारे जा रहे हैं, आंदोलन कर रहे हैं, लीक हुए पेपर की दोबारा परीक्षा दे रहे हैं, और नीरो बंसी बजा रहा है। उसे कोई पॉलिसी नहीं लानी, मरते रहो।
ऐसी निष्ठुर सत्ता, ऐसी घटिया व्यवस्था, ऐसी उपेक्षा मैंने पहले नहीं देखी।
चोर बाजार से 20 रुपए का नीला गमछा डालकर मुंहे में झौआ भर का फ़िल्टर लगाकर ये गोल्डन दास जो शब्दावली “ब्राह्मणों” के लिए उपयोग कर रहा:-
यही शब्दावली कोई सामान्य वर्ग का या OBC का इसके जाति के लिए कर देगा तो वो जेल चला जाएगा। हफ्तों तक उसकी जमानत नहीं हो पाएगी।
प्रशासन पहले ऐसे गुंडों पर कार्रवाई नहीं करेगी फिर इसका विरोध करने वालों को यहीं X पर सर्टफिकेट बांटा जाएगा।
मिलिए उमाशंकर तिवारी जी से।
एक पैर से दिव्यांग हैं, फिर भी अयोध्या से दिल्ली आकर पिछले 3 साल से delivery partner का काम कर रहे हैं।
2 दिन पहले ये खाना डिलीवर करने आए थे। तीसरी मंज़िल पर आना था, लेकिन इन्होंने एक बार भी फोन करके यह नहीं कहा कि “आप नीचे आ जाइए।” बिना किसी शिकायत के खुद ही ऊपर आए।
जब पूछा, तो मुस्कुराकर बोले- “हम अपने आप में पूरी तरह सक्षम हैं।”
क्या ये कहीं से भी आपको “privileged Brahmin” लग रहे हैं? कोई एक सरकारी योजना बताइए, जिससे इन्हें थोड़ी मदद मिल सके।
आज की तारीख में हर राजनीतिक दल votebank की राजनीति में सिर्फ कुछ समुदायों की ही बात कर रहा है।
लेकिन सामान्य वर्ग से आने वाले ऐसे लाखों उमाशंकर तिवारी के लिए कौन खड़ा है?
ब्राह्मणों पर आफ़त ही आफ़त , जब भी कोई मुखर आवाज़ सवर्णों और ब्राह्मणों की निकलती है तो उसे दबाने का पूरा प्रयास किया जाता है , सवर्णों की शेरनी , ब्राह्मण कुलदीपक @talk2anuradha अनुराधा तिवारी के ऊपर एससी एसटी कमीशन ने सियोमोटो लेकर एससी एसटी एक्ट लगाने की सिफारिश किया है ,
आपको बता दें की ये AI से बना कर किसी ने स्क्रीन शॉट लेकर पोस्ट किया था 2 साल पहले और कमीशन के पास कोई काम तो है नहीं केवल ब्राह्मणों को परेशान करने के अलावा और प्रताड़ित करने के अलावा ।
हम और हमारा पूरा समाज अनुराधा तिवारी के साथ खड़ा है पूरा केस हम लोग लड़ेंगे ।
अनुराधा तिवारी को पुराने ट्वीट्स के आधार पर SC/ST एक्ट में नोटिस देना सीधे सीधे उस कानून का मिसयूज है। प्रशासन को अपनी कार्रवाई बस अब नोटिस तक ही सीमित रखनी चाहिए।
अनुराधा के ऊपर कार्रवाई करने का मतलब साफ़ है कि ये डराने की कोशिश है। इससे बचना चाहिए। देश में अभिव्यक्ति की आजादी सभी को है ऐसे कृत्यों के और मुखर होकर बोला जाएगा। क्रांतिकारियों की औलादें डरा नहीं करते
@talk2anuradha हमेशा से सामाजिक राजनीतिक मुद्दों पर लिखती रही हैं। इस मामले में इन्हें पूरा समर्थन है
मैं वर्षों से SC/ST Act के दुरुपयोग के खिलाफ बोल रही हूँ, पर सोचा नहीं था कि एक दिन खुद ही इसका निशाना बनूँगी।
मेरे 3 साल पुराने tweets खंगालकर @NCSC_GoI & Delhi Police द्वारा मेरे खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
यह एक सोची-समझी साज़िश है- हमारी आवाज़ दबाने की ।
#SCSTActMisuse
मेरा नाम अनुराधा तिवारी है ।
मैं उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गाँव के ब्राह्मण परिवार से आती हूँ। बचपन से हमेशा यही सुनने को मिला - “तुम ब्राह्मण हो, तुम्हारे पास तो सब कुछ होगा”, जबकि हमारी वास्तविकता संघर्ष और सीमित संसाधनों से भरी थी।
बिना किसी Reservation या govt scholarship के मैंने पढ़ाई की, सरकारी कॉलेज से इंजीनियरिंग की, खुद का startup खड़ा किया और विदेश में काम किया। TEDx speaker रही और कई सम्मान प्राप्त किए।
एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में मैंने हमेशा उन मुद्दों पर आवाज़ उठाई जो आम लोगों को प्रभावित करते हैं - poor infrastructure, food adulteration, freebies, caste-based politics ब्राह्मणों व सवर्णों के खिलाफ बढ़ती नफरत। मैंने कभी किसी समुदाय के खिलाफ नहीं बोला।
लेकिन समस्याओं का समाधान निकालने के बजाय अब मेरे 3-4 साल पुराने tweets खंगाले जा रहे हैं। @NCSC_GoI और Delhi Police द्वारा SC/ST Act के तहत कार्रवाई की कोशिश यह दिखाती है कि हालात कितने गंभीर हो चुके हैं।
क्या आज अपने विचार रखना भी अपराध है?
क्या आज के भारत में सवर्ण होना ही अपराध बन चुका है?
Post No 3– for which SC/ST Act invoked against me
I simply replied to Chandrasekhar's tweet with facts.
This post is 3 years old but as per National commission for SC, it can create law & order issue today.
Meanwhile, this person openly abuses our religion & got Z security.
I have received legal notice from Delhi Police regarding certain posts where they have invoked SC/ST Act.
The matter was taken up suo motu by National Commission for Scheduled Castes.
I am sure an FIR is coming soon. Long live democracy!
AEDO परीक्षा में ब्लैकलिस्टेड कंपनी को जानबूझकर ठेका दिया गया ताकि सत्ता में बैठे लोग सेटिंग कर के कमाई कर सकें?
बिहार के गरीब और मेधावी अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ कब तक NDA की परीक्षा गैंग खिलवाड़ करते रहेगी?
जब तक नीतीश कुमार मुख्यमंत्री रहे तब तक नालंदा गैंग परीक्षा माफिया बनकर बिहार के मेधावी युवाओं की हकमारी करता रहा!
अब सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री बने हैं तो मुंगेर गैंग AEDO परीक्षा में परीक्षा माफिया बनकर कुकुरमुत्ते की तरह उग आया है!
तो क्या समझा जाए?
NDA से जो मुख्यमंत्री बनेगा समझ लिया जाए कि उसके गृह जिले की किसी सत्ता संरक्षित गैंग की छत्रछाया में परीक्षा घोटाला होता रहेगा?
@yadavtejashwi
#RJD #bihar #TejashwiYadav