अब लोग मीर जाफर और जयचंद को भूल जाएंगे हिंदुस्तान में अब से राहुल गांधी और गांधी परिवार की मुखबिरी को याद रखेगा लोग कहेंगे आज तक ऐसा मुखबिर पैदा नहीं हुआ ।
#राहुल_मीरजाफर_गांधी
22-वर्षीय देवा द्विवेदी ने स्वयं के ब्राह्मण होने और मोदी के दलीत-पीड़ीत फैन होने का अपराध झेलते हुए आत्महत्या कर ली।
उस पर मोदी एक्ट लगा था जिसके दवाब को वह सह नहीं पाया और अंतिम विकल्प चुना। सामाजिक और मानसिक य��तना को झेलने से बेहतर उसने मरना चुना।
आशा है कि उसमे मरते समय ‘हर हर मोदी’ कहा होगा ताकि उसकी आयु भी मोदी जी को लग जाए और वह 2097 तक भारतभूमि पर राज कर सकें।
कहा जाता है कि ब्राह्मण देवा द्विवेदी अब श्री मोदी जी के परमधाम में वास कर रहे हैं। बोलिए @narendramodi भगवान की जय!
भाजपा दीर्घकाल से एक मेरिट विरोधी पार्टी रही है! हर स्तर पर आरक्षण का समर्थन करती रही है। प्राइवेट में आरक्षण के लिए लम्बे समय से दलील दे रही है। मुसलमानों को ओबीसी में हर जगह घुसा रखा है। न्यूनतम मार्क्स का क्राइटेरिया इन्होंने ही हटाया।
और यह जान लीजिए कि राहुल गाँधी विपक्ष में रहते हुए, भाजपा से प्राइवेट में आरक्षण 2028 में ही करवा लेगा। कास्ट सेंसस पर इनकी सहमति केवल और केवल उसी बकलोली के लिए है।
कास्ट सेंसस में कोई री-चेक नहीं है। हमने पढ़ा है कि किसी जगह जैन समाज के लोगों की जातियों के कॉलम में ‘ओबीसी’ लिखा जा रहा है। ऐसे घटिया आँकड़ों के साथ भाजपा सामान्य वर्ग की पीठ में पुनः तलवार मारेगी ही।
इनमें आज तक यह साहस नहीं हुआ है कि ये UGC पर दो शब्द ढंग से बोल सकें। ये पतितों की तरह, ‘स्टे तो लग गया न’ बोल कर काम चला रहे हैं। अबे पापियों, तुम्हारा स्टैंड क्या है इस पर, वो तो बताओ। कोर्ट में तो हम गए तब स्टे मिला, तुमने घंटा दिया?
अतः, जो भी आपको यह चूरन बाँट रहा है कि सोचो, फलाना आ जाएगा, तो उसको बोलिए कि फलाना जो सोच रहा है, वो भाजपा पहले ही कर चुकी है।
अ��ालवे जी, जाटव जी और पासवान जी का लक्ष्य इस बच्चे तक आरक्षण पहुँचाने से रोकना है। ये किस जाति का है, पता नहीं, पर इसे आरक्षण चाहिए यह इसकी थाली में पानी का होना बताता है।
@Sadhvi_prachi आप कौन हो राष्ट्रवाद की सर्टिफिकेट देने वाली ? सभी लोग आप जैसे चाटुकार नहीं है मोदी के। इलेक्शन का टिकट आपको चाहिए। हम लोगों को नहीं। आप कीजिये चाटुकारिता।
तर्क: हमारे साथ 5000 वर्षों से डिस्क्रिमिनेशन हुआ। अतः आरक्षण सकारात्मक डिस्क्रिमिनेशन है और उचित है।
उत्तर: हिन्दुओं का नरसंहार मुगलों के समय में हुआ, बलात्कार हुआ, गाँव जलाए गए। यह 4-500 वर्ष पहले की ही बात है। तो क्या वर्तमान मुसलमानों का, उपरिलिखित तर्क से, नरसंहार उचित हो जाएगा?
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इस पर तुरंत भीम वाले पगला जाएँगे कि ऐसे कैसे तुम आरक्षण के डिबेट में लॉजिकल बातें ले आते हो। आज तक ये 5,000 वर्ष का कोई भी प्राइमरी सोर्स ले कर आए नहीं। और उस समय किसने किया, क्या किया, मैं उसका लोड क्यों लेता फिर��ँ?
जिन जातियों को आरक्षण से हटाने के लिए 1960 के ही दशक में सिफारिश हुई, वो आज तक टिकी हुई हैं लिस्ट में, सबसे अधिक आरक्षण खा रही है। जिन जातियों को मुगलों के समय में जमींदारी दी गई, वो आज ओबीसी लिस्ट में हैं।
यदि सरकार को लगता है कि ये सारे डॉक्यूमेंट प्रधानमंत्रियों के तकिए की खोली में रखे होते हैं, तो वो भूल जाएँ। ये सब सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आँकड़े और तथ्य हैं।
‘व्हाइट पेपर’ तो लाना ही होगा��� नहीं लाओगे तो हम निकलवा लेंगे या ऐसे आँकड़े रख देंगे जो तुम्हें और भी असहज करेगा।
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एक बात संघ के लिए भी है: मूर्ख बनाना बंद करो ये सब लीक करवा कर कि ‘UGC पर तो हमें न उगलते बन रहा, न निगलते’। यह ऐसा स्तरहीन तर्क है कि सामने मिले ऐसा आदमी तो पूछूँ कि तुम्हारी बुद्धि घास चरने चली गई?
इसमें ‘उगलना-निगलना’ क���या है? सीधा वक्तव्य यह दो: “आज के संदर्भ में, जब विश्वविद्यालयों की दीवारों पर सवर्णों के नरसंहार की बातें लिखी जाती हैं, हर सप्ताह कब्र खुदने के नारे लगते हैं, तो यह मानना अनुचित है कि उनको लेकर जातिगत घृणा नहीं है। अतः उन्हें भी इस लिस्ट का हिस्सा होना चाहिए।”
तत्पश्चात्, इसमें एक और बिन्दु जोड़ा जाए: यदि कोई भी शिकायत झूठी निकली, उस पर दोगुना जुर्माना और जेल का दंड होगा।
ऐसा कोई रॉकेट साइ��स नहीं है।
सबको पता है ये ग़लत है पर कोई आवाज नहीं खड़ी कर रहा हैं । क्योकि सबकी आत्मा मर चुकी हैं । पर हमारा जमीर जिंदा है । BJP की भाषा में - आरक्षण तुझे जाना होगा भाई 🙏🏻🙏🏻
The installation team overcharged ( Outer stand price ₹1000 and tape price charged ₹250 )me without providing a proper explanation. In local market stand price is ₹350 and tape price is ₹60. Overall charged ₹3200.
@myvoltas
सभी पेड़ एक समान नहीं होते हैं
सभी पशु एक समान नहीं होते हैं
��भी पक्षी एक समान नहीं होते हैं
सभी जज एक समान नहीं होते हैं
सभी डॉक्टर एक समान नहीं होते हैं
सभी शिक्षक एक समान नहीं होते हैं
सभी मनुष्य एक समान नहीं होते हैं इसलिए मनुष्य द्वारा बनाए गए सभी मजहब एक समान नहीं होते हैं
Arre madarchod Mohammad Zubair, tu fact checker nahi fact chodu hai behenchod! Valentine day pe bhi gaand mein ungli karke fake news check karta rehta hai saale. Teri Alt News pura propaganda ka gandu factory hai, har Hindu ki maa-behen ko target karta hai. Teri biwi ko bol, kya woh bhi tere dost ke lund pe fact check karti hai? Chhote lund wale gandu, ab jaake apni phati hui gaand mein burnol laga le, jal rahi hogi teri aukaat! No holds barred roast le le bhenchod!
PMO will be called ‘Seva Teerth’ from now onwards with motto of ‘Public is God’
With this PM Modi has taken ‘Parliament is the temple of democracy’ phrase to next level while erasing the prevailing colonial signs of British era.