🇮🇳🇮🇳 वन्देमातरम 🇮🇳🇮🇳
सदियों के तप, परिश्रम, त्याग और बलिदान के बाद भारत को स्वराज मिला।
समस्त देशवासियों को 80वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।
"सृष्टि" कितनी भी बदल जाये, फिर भी हम पूरी तरह से सुखी नहीं हो सकते...
जबकि "दृष्टि" ज़रा सी बदल जाये तो हम सुखी हो सकते हैं।
इसीलिए 'दृष्टि' हमेशा सकारात्मक होनी चाहिए।
☔आपका दिन शुभ हो☔
छू रहे थे सब बुलंदियाँ आसमान की..
मैं सितारों के बीच
चाँद की तरह छिपता रहा...
दरख़्त होता तो
कब का टूट गया होता..
मैं था नाज़ुक डाल
जो सबके आगे झुकता रहा...
बदले यहाँ लोगों ने
रंग अपने-अपने ढंग से..
रंग मेरा भी निखरा
पर मैं मेहँदी की तरह पिसता रहा...