जैन समाज के संत पुलक सागर जी ने UGC,आरक्षण और SC/ST एक्ट पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
क्या UGC पर इसी तरह से पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, पंडित प्रदीप मिश्रा जी और देवकीनंदन ठाकुर जी समेत अन्य हिंदू धर्म के संतों का भी बयान आ सकता है?
क्या आप जानते हैं? इस देश में:-
SC-ST आयोग है!
OBC आयोग है।
अल्पसंख्यक आयोग है।
लेकिन सामान्य वर्ग के लिए सवर्ण आयोग नहीं है।
क्यों ये अन्याय क्यों? ये अत्याचार क्यों?
#सवर्ण_आयोग_बनाओ
नवनियुक्त IT सेल ने पिछले दो दिनों में दो योजनाओं का क्रियान्वयन किया है:
1. RW के कुछ लोगों को पैसे दे कर 'टूलकिट', 'धर्म के गद्दार', 'मोदी-योगी को हटाने के षड्यंत्रकर्ता' जैसे शब्दों के साथ RHA के लोगों को परोक्ष रूप से निशाना बनाना
2. भाजपा प्रायोजित हर्ष दूबे और नड्डा जी की मीटिंग की बात पर प्रश्न उठाने वाले वास्तविक लोगों को यह कह कर डिसक्रेडिट करना कि 'इनकी दुकान बंद हो जाएगी'
बात यह है कि दोनों ही नहीं चलने वाले! पुराने स्क्रीनशॉट्स निकाल कर मुझे कर पाए डिसक्रेडिट? सात महीने से %₹ घिस लिए, मेरी #@ उखाड़ पाए तुम सब मिल कर? तुम्हें सच में लगता है कि हर्ष दुबे ने यह सब खड़ा किया है? दो लाइन बोल पता है आरक्षण पर ठीक से? उसे तुमने ही प्लांट किया, तुम ही समझौते कर रहे हो।
और हास्यास्पद बात यह है कि ये सब बकलोली करते हुए हम पर ही आक्षेप कि हमारी दुकान बंद हो जाएगी। ठीक है, तुम खेलो मीटिंग-मीटिंग, देखते हैं कहाँ पहुँचते हो इस ग़ज़ब की तकनीक से, जो इतनी बात प्रयुक्त हो चुकी हैं कि अब आश्चर्य भी नहीं होता।
@JPNadda नड्डा जी आप सामान्य वर्ग आयोग का गठन और EWS के लिए स्कालरशिप की घोषणा करवा दें
हर्ष दुबे को नेता बनाने का कोई फायदा नहीं। उसे कोई नेता नहीं मानता ना मानेगा।
रिजर्वेशन हटाओ आंदोलन के पेज पर 8 मांगो को प्रदर्शित कर दिया गया है....
1. सामान्य वर्ग के लिए भी आयोग बने।
2. SC/ST आरक्षण में क्रिमी लेयर हो।
3. एक परिवार एक आरक्षण व्यवस्था हो।
4. न्यूनतम कट ऑफ व्यवस्था लागू हो।
5. विगत वर्षों के आरक्षण से क्या सुधार हुआ, इसकी समीक्षा हो, पता चले इतने वर्षों में आरक्षण से कुछ फायदा हुआ भी या नहीं।
6. प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण ना हो, केवल मेरिट के आधार पर ही चयन किया जाए।
7. UGC कानून में समानता का आधार बनाना है तो सामान्य वर्ग को भी इसमें सम्मिलित किया जाए।
8. SC/ST एक्ट का ट्रैक रिकॉर्ड चेक हो, कितने लोगों द्वारा इसका गलत इस्तेमाल किया गया है।
#ReservationReformआंदोलन
अजीत भारती की भाषा से आप असहमत हो सकते हैं:-
लेकिन इसमें ऐसी कौन सी शब्दावली है जिसके आधार पर SC/ST एक्ट लगाया जाए?चंद्रशेखर के लिए कोई जातिसूचक टिप्पणी तक नहीं
अब ये वीडियो पूरा देश देखेगा। SC/ST के दुरुपयोग की चर्चा पूरे देश में
सामान्य वर्ग से महिपाल सिंह मकराना का आह्वान
करणी सेना प्रमुख महिपाल सिंह मकराना जी ने चंडीगढ़-पंचकूला पहुंचकर सामान्य वर्ग से एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “आपके पुरखों की शौर्यगाथाओं से इतिहास भरा पड़ा है। हरियाणा का जाट समाज भी सवर्ण वर्ग में आता है। समर्थन देना है तो दीजिए, नहीं देना है तो मत दीजिए, लेकिन अपने बच्चों के भविष्य की चिंता जरूर कीजिए।”
मकराना जी ने कहा कि क्षत्रिय समाज पहले भी मजबूत था, आज भी मजबूत है और आगे भी मजबूत रहेगा। उन्होंने मौजूदा संघर्ष को “आर-पार की लड़ाई” बताते हुए सामान्य वर्ग से साथ आने की अपील की।
RHA को ले कर सरकार से कुछ बात और माँगें
सरकार अपने स्तर से हर आंदोलन को फूट, समझौता, बल-प्रयोग, समझदारी, मिसइन्फॉर्मेशन कैम्पेन या कायरता दिखा कर कर समाप्त करना चाहती है। और वही उनका कार्य भी है। RHA का नाम ले कर कुछ लोगों ने आंदोलन के लिए जनता को बुलाया और लगभग 7000 की भीड़ जंतर मंतर पर भीतर दिखी, उतने को ही बाहर होल्ड किया गया या लौटा दिया गया।
मैंने केवल दिल्ली पुलिस की बकलोली की अवज्ञा के लिए इसमें भाग लेने की बात की और फिर बहुत लोग मेरे आने पर भी आए। फिर दुबे को पाठक जी ने नेता मान कर एक ऐसे पत्र पर चर्चा के लिए आश्वासन दिया जिसमें आरक्षण शब्द ही नहीं है।
खैर, मैं ये सब तकनीक देखता और जानता आया हूँ। मुझे इस विषय पर सरकार को भीड़ दिखाने की आवश्यकता न पहले थी, न आज है, पर जब चाहूँ वह भी कर सकता हूँ। अगली बार बिना अनुमति के भी ऐसा किया जा सकता है यदि प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट चाहिए, तो वह भी दिखा देंगे। पर मेरा लक्ष्य वह है ही नहीं।
सरकार को ‘आरक्षण हटाओ आंदोलन’ से इसलिए नहीं डरना चाहिए क्योंकि एक भीड़ पूरे कनॉट प्लेस को घर कर पत्थरबाजी करते हुए संसद घेर लेगी। सरकार को इसलिए डरना चाहिए कि ऐसी कोई भीड़ ही नहीं है, न ही हम संसद को घेरने की योजना बना रहे हैं।
आंदोलन की तपन केवल जलती हुई कार की आग और अराजक भीड़ की ही नहीं होती। एक तपन ऐसी भी होती है जब जनमानस को वैचारिक रूप से इतना सक्षम बना दिया जाता है कि वह स्वयं ही अपने लिए वह निर्णय कर ले, जो वो कल तक किसी दूसरे बहकावे में आ कर कर रहा था।
हमारी माँगें:
१. आरक्षण पर श्वेत-पत्र: क्या लाभ हुआ, किन जातियों को अनुपात से अधिक लाभ लगातार मिला, कौन सी जातियाँ पूर्णतः छूट गईं। आरक्षण किस तरह से देश या समाज के उत्थान में सहायक है, उसके लिए आँकड़े क्या कहते हैं आदि आदि! इस से जुड़ी हर वह रिपोर्ट और सर्वेक्षण जो सार्वजनिक नहीं हुई।
२. EWS को हर वह आर्थिक सहायता दी जाए जो SC को मिलती है। निःशुल्क कोचिंग, निःशुल्क फॉर्म, शून्य हॉस्टल और कोर्स फीस। फिर भी लोन यदि लेना पड़े तो उसमें भी सुविधा।
३. तीनों ही आरक्षित वर्ग में ‘कोटा विदिन कोटा’ लागू हो ताकि वास्तविक दलित-पीड़ित-वंचित जातियों तक लाभ पहुँचे। अभी SC और OBC में हजार-हजार जातियाँ ऐसी हैं जिन्हें नगण्य आरक्षण मिला है। और 4-5 जातियाँ ऐसी हैं जो 70-80% आरक्षण खा रही हैं। इसका आधार पारिवारिक आय हो, न कि वैयक्तिक और दुरुपयोग की संभावना न रहे।
४. मेरिट का सम्मान हो। आरक्षित वर्ग का कटऑफ किसी भी हालत में सामान्य वर्ग के कटऑफ के (से नहीं) 10% के रेंज से बाहर न जाए। और यह भी आज की परीक्षा के अधिकतम आयु सीमा वाले बच्चों की आयु के बाद समाप्त किया जाए। न्यूनतम क्वालिफाइंग मार्क्स तो तय होना ही चाहिए।
५. सरकार यह सर्वेक्षण करे कि क्या गरीबी, भेदभाव या पिछड़ेपन से किसी की बौद्धिक क्षमता घट या बढ़ सकती है? इम्पीरिकल एविडेंस सार्वजनिक करें और उसी आधार पर आरक्षण की नीतियाँ बनें।
६. एक व्यक्ति को एक बार आरक्षण मिले। एक परिवार को एक बार आरक्षण मिले।
७. दशकीय समीक्षा हो। समाप्ति के लिए एक ‘सनसेट क्लॉज’ या रोडमैप कि कब तक रहेगा।
८. कॉलेज/यूनिवर्सिटी पुस्तकालयों में पुस्तकों के अलॉटमेंट का आरक्षण तत्काल निरस्त हो। इसका कोई लॉजिक नहीं है। यह आरक्षण से लड़ कर वहाँ पहुँचे बच्चों को सताने की व्यवस्था मात्र है। या आप पुस्तकों की मात्रा दोगुनी कीजिए और वहाँ ‘आरक्षित सेक्शन’ लिख दीजिए।
—-
अन्य माँगें:
९. यूजीसी नियमावली निरस्त हो या समीक्षा कर के हर जाति समूह को इसमें सम्मिलित किया जाए।
१०. SC/ST Act की तर्ज पर ‘सवर्ण उत्पीड़न (रोकथाम) कानून पास’ हो। दोनों ही कानून में केस झूठा पाए जाने पर, उस केस में होने वाला दंड आरोप लगाने वाले को झेलना पड़े। आर्थिक जुर्माना भी वसूला जाए।
—-
सरकार और सुधिजन देख लें। बाकी, चाहे आप दुबे, शेखावत या अन्य को मैनेज कर लें, आंदोलन चलता रहेगा।
After protesting peacefully all day, does the General Category really deserve this treatment?
Cockroaches get a red carpet, while we get this treatment.
Absolute SHAME.
#21AugReservatiinHataoAndolan
Jantar- Mantar पर नया आंदोलन शुरू, Reservation Hatao Andolan के बैनर तले सैकड़ों लोगों का विरोध प्रदर्शन. आंदोलन में शामिल लोग UGC नियमों के विरोध में भी नारे लगाते दिखे. देखिए वीडियो...
Reservation Hatao Andolan | Jantar Mantar | UGC | India News