@karishma_aziz97 लगता है बहुत दुःखी हो इस लिए वो समझाना चाहती हों जो सब को पता है कहा सुख शांति और प्रेम है। हलाला की मार झेलने वाली औरतों से पूछना तो वो विस्तार पूर्वक बताएंगी ख़ूबसूरती के बारे में।
@ajitanjum ये जो सलीम भोजनालय आपको दिख रहा है ये पहले "संगम भोजनालय" हुआ करता था।
25 सालों से मोहम्मद सलीम हिन्दू नाम रखकर खाना बेच रहा था।
25 साल हिन्दू समाज सलीम को संगम समझकर उसके ढाबे पर खाना खा रहे थे।
कल मोहम्मद सलीम ने अपने दुकान का बोर्ड बदल लिया, बोर्ड बदलते ही सच्चाई सामने