भीषण गर्मी और बढ़ते हुए तापमान को देखकर लगता है....पूरे राज्य में गर्मी का प्रकोप अभी रहने वाला है.....इसलिए शिक्षा विभाग से विनम्र निवेदन है कि विद्यालय का संचालन जुलाई माह में भी प्रातःकालीन हीं करने का आदेश निर्गत करें।
@BiharEducation_
जिस राज्य में एक चपरासी का वेतन, एक शिक्षक के वेतन से अधिक हो उस राज्य का अन्य राज्यो की तुलना में शिक्षा के क्षेत्र में नीचले पायदान पर होना कोई हैरानी वाली बात नही है।
बिहार के शिक्षकों को ना बढ़ा हुआ DA मिल रहा ना HRA ये कैसा अन्याय है ? जहाँ सभी कर्मचारी को अब DA बढ़कर 58% मिलेगा वहीं बिहार के शिक्षकों को अब भी 50% DA ही मिल रहा है क्यों ? जबाब दे बिहार सरकार @NitishKumar@BiharEducation_#BiharTeachersMatter
जब नियुक्ति पुराने नियमित शिक्षक की तरह BPSC से हुई, फिर वेतनमान पुराने शिक्षकों की तरह क्यों नहीं दिया जा रहा?
प्रतिष्ठित आयोग से भर्ती करके कथित रूप से राज्य कर्मी बनकर, बिना सातवें वेतनमान का लाभ दिए, भेदभाव पूर्ण वेतन नीति बनाकर विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण कैसे प्रदान किया जा सकता है?
शिक्षा के प्रति विद्यालय अध्यापकों की निष्ठा से विद्यालयों में पिछले 2 वर्ष में स्पष्ट सकारात्मक बदलाव देखा जा रहा है, कृपया विद्यालय अध्यापकों को पुरस्कृत करें 7वें वेतनमान का लाभ देकर।
@NitishKumar@samrat4bjp@sunilkbv@NitishCares
#7thPayForBpscTeachers
Bpsc tre 1 से बहाल विद्यालय अध्यापक को वार्षिक वेतन वृद्धि नियमानुसार 01 जुलाई 2024 से ही देय है साथ ही आवास भत्ता भी बढ़ा के देना है लेकिन 3 से 4 महीने गुजर जाने के बाद भी अभी तक कोई वेतन वृद्धि का लाभ विद्यालय अध्यापकों को नही मिल रहा है।
#BPSC_TEACHER_RELEASE_INCREMENT
केरल की बाढ़ पर पेटीएम तुरंत डोनेशन अभियान शुरु कर देता है, शिमला मनाली की बाढ़ पर हैशटैग चलने लग जाते हैं, उत्तराखंड की बाढ़ पर मोदी स्वयं ट्वीट करते हैं, और बिहार की बाढ़??
बिहार की बाढ़ पर छपता है एक नोटिस, जिसे किसी पीली सरकारी ईमारत पर चिपका दिया जाता है। उस नोटिस पर लिखा होता है कि नेपाल ने भारी मात्रा में पानी छोड़ा है, जनमानस से अपील है, किसी ऊंची जगह पर चले जाएं। कहां जाएं ये नहीं लिखा होता है! कैसे जाएं ये भी नहीं लिखा होता है! और गाय, बछड़ों, बच्चों का क्या करें ये भी नहीं लिखा होता उस नोटिस में।
हर साल हम जाते हैं, किसी ऊंची जगह पर, माड़ भात खाने को, बिना शिकायत अपनी झोपड़ी बहते देखते हैं हर साल। अगली बार से नहीं आएगा पानी, ये सोचकर दो महीने काटते हैं।
हमने सीख लिया गंगा और कोसी के शोक के साथ जीना! बाढ़ हमारे जीवन का हिस्सा बन चुका है।
बिहार की बाढ़ में शायद वो ग्लैमर नहीं है, इसलिए ज्यादा चर्चा नहीं होती।
डॉ. तन्मय कुंज
#PrayForMithila #PrayForBihar #BiharFlood
सबसे पहले तो कॉलेजियम प्रणाली को ख़त्म किया जाना चाहिए..! आख़िर कब तक चंद परिवारों और सवर्ण समुदाय के लोग सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में राज के करेंगे..! इस देश में इंडियन ज्यूडिशियल एग्जाम शुरू होनी चाहिए और उसी के आधार पर जजों की नियुक्ति हो..!
#कॉलेजियम_प्रणाली_ख़त्म_करो