अपने हाथों से यह एक्सरसाइज करें इससे आपका ब्रेन का दोनों भाग काम करने लगेगा याददाश्त, कंसंट्रेशन,में सुधार होगा और ब्रेन एक्टिव रहेगा , मेमोरी लॉस ,अल्जाइमर पार्किंसन' डिसीज होने की संभावना कम रहेगी।
प्रातः से लेकर रात्रि तक बोलने चाहिए ये 10 मंत्र...
1. सुबह उठते ही अपनी दोनों हथेलियां देखकर ये मन्त्र बोलें (कर दर्शन मंत्र)
कराग्रे वसते लक्ष्मीः करमध्ये सरस्वति।
करमूल�� तु गोविन्दः प्रभाते करदर्शनम् ।।
2. धरती पर पैर रखने से पहले ये मंत्र बोलें
समुद्रवसने देवि पर्वतस्तनमण्डले ।
विष्णुपत्नि नमस्तुभ्यं पादस्पर्शं क्षमस्वमे ॥
3. दातून (मंजन) से पहले ये मंत्र बोलें
आयुर्बलं यशो वर्च: प्र��ा: पशुवसूनि च।
ब्रह्म प्रज्ञां च मेधां च त्वं नो देहि वनस्पते।।
4. नहाने से पहले ये मंत्र बोलें
स्नान मन्त्र गंगे च यमुने चैव गोदावरी सरस्वती।
नर्मदे सिन्धु कावेरी जले अस्मिन् सन्निधिम् कुरु॥
5. सूर्य को अर्ध्य देते समय ये मंत्र बोलें
ॐ भास्कराय विद्महे, महातेजाय धीमहि
तन्नो सूर्य:प्रचोदयात
6. भोजन से पहले ये मंत्र बोलें
ॐ सह नाववतु, सह नौ भुनक्तु, सह वीर्यं करवावहै ।
तेजस्वि नावधीतम���्तु मा विद्विषावहै ॥
ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
अन्नपूर्णे सदापूर्णे शंकर प्राण वल्लभे।
ज्ञान वैराग्य सिद्धयर्थ भिखां देहि च पार्वति।।
ब्रह्मार्पणं ब्रह्महविर्ब्रह्माग्नौ ब्रह्मणा हुतम् ।
ब्रह्मैव तेन गन्तव्यं ब्रह्मकर्म समाधिना ।।
7. भोजन के बाद ये मंत्र बोलें
अगस्त्यम कुम्भकर्णम च शनिं च बड��ानलनम।
भोजनं परिपाकारथ स्मरेत भीमं च पंचमं ।।
अन्नाद् भवन्ति भूतानि पर्जन्यादन्नसंभवः।
यज्ञाद भवति पर्जन्यो यज्ञः कर्म समुद् भवः।।
8. अध्ययन (पढाई) से पहले ये मंत्र बोलें (सरस्वती मंत्र)
ॐ श्री सरस्वती शुक्लवर्णां सस्मितां सुमनोहराम्।।
कोटिचंद्रप्रभामुष्टपुष्टश्रीयुक्तविग्रहाम्।
9. शाम को पूजा करते वक़्त ये मंत्र बोलें (गायत्री मंत्र)
ॐ भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो ��ेवस्य धीमहि धियो यो न: प्रचोदयात्।
10. रात को सोने से पहले ये मंत्र बोलें (विशेष विष्णु शयन मंत्र)
अच्युतं केशवं विष्णुं हरिं सोमं जनार्दनम्।
हसं नारायणं कृष्णं जपते दु:स्वप्रशान्तये।।
ऊँ नमः शिवाय, हर हर महादेव 🙏
इन आयुर्वेदिक उपाय से करे अपने शरीर के महत्वपूर्ण अंगों की सफाई...
1. लिवर की सफाई के लिए :- 20 ग्राम काली किशमिस और 1 ग्लास पानी लेकर मिक्सर मे ज्युस बनाकर सुबह खाली पेट 15 दिनों तक सेवन करने से लिवर की सफाई होती है |
2. किडनी की सफाई के लिए :- हरा धनिया 40 ग्राम +1 ग्लास पानी मिक्स करके मिक्सर मे पिस करके सुबह खाली पेट लिजिए यह 10 दिनों तक करने से किडनी की सफ़ाई होती है�� और हमारी किडनी स्वस्थ रहती है।
3. हार्ट की सफाई के लिए :- 60 ग्राम अलसी को मिक्सर मे पीस लिजिए फिर सुबह शाम खालीपेट 10-10 ग्राम की मात्रा मे सेवन से हमारा हार्ट (हृदय) स्वस्थ रहता है यह उपाय 1 महिने तक करनां है।
4. दिमाग की सफाई के लिए :- बादाम 8 और अखरोट 2 नग लेकर रात को 1 ग्लास पानी मे भिगोकर सुबह खाली पेट सेवन करें। यह पूरे 2 महिनों तक करने से दिमाग को पूरी तरह से जहरमुक्त किया जा सकता है।
5. फेंफडो की सफाई के लिए :- 2 चम्मच शहद + 1 चम्मच नींबू का रस + 1 चम्मच अदरक का रस सभी चीजो को मिक्स करके सुबह खाली पेट सेवन करने से बिड़ी, स��गरेट, गुटखा या तंबाकु से जो नुकसान हमारे फेंफडो को हुआ है उन्हे सुधार होगा और हमारे फेंफडे पुरी तरह से स्वस्थ हो जाते है। यह प्रयोग करीब 20 दिनों तक करनां है।
प्राकृतिक उपचारओं के माध्यम से शरीर को निरोगी बना सकते हैं!
नाभि में तेल लगाने के फायदे :-
नाभी में गाय का शुध्द घी या तेल लगाने से बहुत सारी शारीरिक दुर्बलता का उपाय हो सकता है।
1. आँखों का शुष्क हो जाना, नजर कमजोर हो जाना, चमकदार त्वचा और बालों के लिये उपाय…
सोने से पहले 3 से 7 बूँदें शुध्द घ�� और नारियल के तेल नाभी में डालें और नाभी के आसपास डेढ ईंच गोलाई में फैला देवें।
2. घुटने के दर्द में उपाय
सोने से पहले तीन से सात बूंद इरंडी का तेल नाभी में डालें और उसके आसपास डेढ ईंच में फैला देवें।
3. शरीर में कमपन्न तथा जोड़ोँ में दर्द और शुष्क त्वचा के लिए उपाय
रात को सोने से पहले तीन से सात बूंद राई या सरसों कि तेल नाभी में डालें और उसके चारों ओर डेढ ईंच में फैला देवें।
4. मुँह और गाल पर होन�� वाले पिम्पल के लिए उपाय:-
नीम का तेल तीन से सात बूंद नाभी में उपरोक्त तरीके से डालें।
5. जोड़ो का दर्द करे सही :
फटे होंठ या जोड़ों का दर्द है अगर आप इन चीजों से परेशान है तो आपको ज़रूरत है सरसों के तेल की जिसके द्वारा आप अपनी इस समस्या से छुटकारा पा सकेंगे, अपने पेट की नाभि पर सरसों के तेल की कुछ बूंदें लगाएँ. हाँ यह आपको अजीब लग रहा होगा लेकिन ये प्राचीन औषधि बहुत फायदेमंद है।
6. सर्दी ज़ुकाम से राहत :
क्या आपको सर्दी, जुकाम है, तो यह आपके लिए काफी फायदेमंद है, हममे से कुछ लोग ऐसे ह���ते है जिन्हें बारो मॉस ज़ुकाम की शिकायत रहती है तो आपको बस इतना करना है की रुई के फ़ोहे को एल्को*हल में डुबोए और पेट की नाभि पर लगाएँ, बस हो गया। ये सर्दी और जुकाम की अचूक दवा है इससे आपका पुरान से पुराने ज़ुकाम ठीक हो जाएगा।
7. मासिक धर्म :
लडकियों को मासिक धर्म में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता हैं इन ��िनों बहुत सारे होर्मोनेल चेंजेस भी होते है जिसके कारण ना उनका मूड ठीक रहता हैं और उनका स्वस्थ्य लेकिन अगर आप मासिक धर्म होने वाली इन सम्सायो से बचना चाहती है तो रुई के फ़ोहे को ब्रां*डी में भिगोएँ और इसे पेट की नाभि पर रखें, इससे आपको इन चीजों से मुक्ति मिलेगी।
8. मुहासे के लिए
लड़का हो फिर चाहे लड़की हो हर कोई मुहासे की समस्या से परेशान रहता हैं अगर आप भी इसी समस्या से परेशान हैं और कोई भी उपाय काम नहीं आ रहा हैं तो नीम के तेल की कुछ बूंदें पेट के बीच में डालकर और आस-पास मसाज करने से आपके कील-मुहाँसे ठीक हो सकते हैं, और आपकी त्वचा बेदाग़ वा सुंदर हो जायेगी।
9. चेहरे पर निखार :
अगर आपका चेहरा दागरहित वा सुंदर हो तो क्या कहने ऐसा कहा जाता है कि बादाम के तेल की कुछ बूंदें पेट की नाभि पर लगाने से चेहरे पर निखार आता है और आपकी रंगत भी अच्छी होती हैं।
नाभि में घी की दो बूंदे लगाकर हल्की मालिश कर���े से होने वाले 7 फायदों के बारे में
स्किन : इसे नाभि में लगाने से स्किन में नमी बनी रहती है जिससे फेयरनेस बढ��ी है।
चेहरे ही चमक : इससे स्किन की ड्राईनेस दूर होती होती है और चेहरे ही चमक बढती है।
बालों का झड़ना : इससे बालों का झड़ना रुकता है और बालों किस शाइनिंग बढती है।
घुटनों का दर्द : यह घुटनों का दर्द दूर करने में फ़ायदेमंद है और जॉइंट पैन से बचाता है।
पिम्पल्स और दाग-धब्बे : इससे चेहरे के पिम्पल्स ठीक होते है और दाग-धब्बे दूर होते है।
कटे-फटे होंठ : नाभि में घी लगाने से कटे-फटे होंठ नही ठीक हो जाते है।
कब्ज : इससे पेट की प्रॉब्लम दूर होती है और कब्ज से बचाव होता है।
नाभी में तेल डालने का कारण :-
हमारी नाभी को मालूम रहता है कि हमारी कौन सी रक्तवाहिनी सूख रही है, इसलिए वो उसी धमनी में तेल का प्रवाह कर देती है।
जब बालक छोटा होता है और उसका पेट दुखता है तब हम हिंग और पानी या तैल का मिश्रण उसके पेट और नाभी के आसपास लगाते थे और उसका दर्द तुरंत गायब हो जाता था।बस यही काम है तेल का।
घी और तेल नाभी में डालते समय ड्रापर का प्रयोग करें, ताकि उसे डालने में आसानी रहे।
अपने स्नेहीजनों, मित्रों और परिजनों में इस नाभी में तेल ��र घी डालने के उपयोग और फायदों को शेयर करिये।
गृध्रसी= साइटिका का आयुर्वेद से सफल चमत्का��ी इलाज...
◾लक्षण-: एक पैर मे पंजे से लेकर कमर तक दर्द होना गृध्रसी या रिंगण बाय कहलाता है। प्रायः पैर के पंजे से लेकर कूल्हे तक दर्द होता है जो लगातार होता रहता है। मुख्य लक्षण यह है कि दर्द केवल एक पैर मे होता है। दर्द इतना अधिक होता है कि रोगी सो भी नहीं पाता।
हारसिंगार = पारिजात के 10-15 कोमल पत्ते को कटे फटे न हों तोड़ लाएँ। पत्ते को धो कर मिक्सी मे या कैसे ही थोड़ा सा कूट ले या पीस ले। बहुत अधिक बारीक पीसने कि जरूरत नहीं है। लगभग 200-300 ग्राम पानी (2 कप) मे धीमी आंच पर उबालें। तेज आग पर मत पकाए... चाय की तरह पकाए। चाय कि तरह छान कर गरम गरम पानी (काढ़ा) पी ले। पहली बार मे ही 10% फायदा होगा।
प्रतिदिन 2 बार पिए...यदि आप ऑफिस जाते हैं तो दोगुना पानी उबाले। थर्मस मे भरकर ले जाएँ। इस हरसिंगार के पत्तों के काढ़े से 15 मिनट पहले और बाद तक ठंडा पानी न पीए...दही लस्सी और आचार न खाएं।।
पोस्ट जनहित स्वास्थ्य जानकारी हेतु रिट्वीट शेयर फालो जरूर करें धन्यवाद 💌😇
हड्डि���ों से आती है कट-कट की आवाज ? इस दर्दनाक रोग का है संकेत...
क्या आपको कभी अचानक चलने, उठने और बैठने से घुटनों, कूल्हे और कोहनी की हड्डियों की कट-कट की आवाज आई है? क्या यह हड्डियों से जुड़ी किसी गंभीर बीमारी के लक्षण ��ैं? बहुत से लोगों को लगता है कि इस प्रकार की आवाज आने का मतलब है कि हड्डियां कमजोर हो चुकी हैं। कई बार लोग इसे जोड़ो से जुड़ा रोग समझ लेते हैं। हम आपको बता रहे हैं कि हड्डियों में आने वाली इस तरह के आवाज का क्या मतलब है और इसके क्या नुकसान हैं।जोड़ों में इसलिए आती है आवाज जोड़ों से आने वाली आवाज को मेडिकल भाषा में क्रेपिटस कहा जाता है। क्रेपिटस सामान्य लोगों के जोड़ों को हिलाने-डुलाने पर आने वा��ी ध्वनि का मेडिकल नाम है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि जोड़ों के भीतर रहने वाले द्रव में हवा के छोटे बुलबुले फूटते हैं। इन्हीं बुलबुलों के फूटने से यह आवाज पैदा होती है। कई बार जोड़ों के बाहर मौजूद मांसपेशियों के टेंडन या लिगामेंट्स की रगड़ से भी आवाज सुनाई देती है। ऑस्टियोआर्थराइटिस का संकेत जोड़ों में हल्की चटकने की आवाज आना
ऑस्टियोआर्थराइटिस का संकेत हो सकता है। ऑस्टियोआर्थराइटिस एक त��ह का गठिया रोग है, जिसमें हड्डियों के सिरों पर लचीले ऊतकों की ��ंख्या कम हो जाती है। घुटनों के जोड़ों पर मौजूद कार्टिलेज धीरे-धीरे खत्म हो जाता है। जैसे ही क्षतिग्रस्त घुटने का जोड़ गति करता है इससे टूटने या चटकने जैसी आवाजें आती हैं, जिसे घुटने की चरचराहट कहते हैं। यह आवाजें घुटने में अक्सर होती हैं और आमतौर पर दर्द नहीं देतीं। बच्चों की हड्डियों में आने वाली आवाज से न डरें अगर किसी बच्चे या किशोरावस्था में हड्डियों से कट-कट की आवाज आ रही है और उसकी हड्डियों में कोई दर्द या परेशानी का अनुभव नहीं हो रहा है तो परेशानी की कोई बात नहीं है। इसका मतलब यह नहीं कि बच्च्चे की हड्डियां कमजोर हैं या उसके शरीर में कैल्शियम की कमी है। हड्डियों से कट-कट की आवाज आने का मतलब है कि उसकी हड्डियों में वायु अधिक है। इस वजह से हड्डियों के जोड़ों में एयर बबल्स बनते हैं। और टूटते हैं। जिसकी वजह से हड्डियों से कट-कट की आवाज आती है।
◾हड्डियों की आवाज से ऐसे पायें छुटकारा -
1. मेथी का दाने अगर आपको अक्सर यह समस्या होती है, तो जैसा हमने बताया यह गठिया का या हड्डियों के जोड़ों में लुब्रिकेंट की कमी का संकेत हो सकते हैं। इसलिए इससे समय पर राहत पाना बहुत जरूरी है। इसके लिए आप कई घरे��ू उपाय ट्राई कर सकते हैं। इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए रात को आधा चम्मच मेथी दाना पानी में भिगो दें और सुबह मेथी दानों को चबा-चबा कर खाएं। उसके बाद पानी पी लें। इससे हड्डियों के बीच एयर बबल्स की समस्या खत्म हो सकती है।
2. सोंठ वाला दूध -कई बार आवाज आने के मतलब हड्डियों के जोड़ों में लुब्रिकेंट की कमी का संकेत हो सकता है। अक्सर देखा जाता है कि ज्यादा उम्र के लोगों की हड्डियों से कट-कट की आवाज आती है और दर्द होता है। इससे छुटकारा पाने के लिए और कैल्शियम की पूर्ति के लिए एक गिलास दूध में एक चौथाई चम्मच सौंठ डालकर उबालें ओर उसमे थोड़ी सी हल्दी मिलाकर हल्का कुनकुना रहने पर इसका सेवन करें। इसके अलावा एक कटोरी ताजा दही में एक चम्मच शहद मिलाकर लगातार एक महीने तक सेवन करने से हड्डियां फौलाद की तरह मजबूत और सख्त हो जाती है...