जिसकी सोच गंदगी में पली हो, उसे कितनी भी सुविधाएँ, सम्मान और अवसर दे दो वह लौटकर वहीं जाएगा जहाँ उसकी मानसिकता सहज महसूस करती है। दोगले लोग अपने बच्चों की झूठी कसमें कैसे खाते हैं।
समस्या हालात की नहीं, सोच की है।
इस पर हमारे यहां पर एक कहावत है गू का कीड़ा गू ही राजी रहता है।
81 साल के NSA अजीत डोभाल प्रेस ब्रीफिंग में ऊंघते दिखे।
ये राष्ट्रीय सुरक्षा संभाल रहे हैं या आपके बिल्डिंग की वॉचमैनी?
याद रखिए, इन पर होने वाला हर खर्च आपकी जेब से जाता है।
अब तय आप करें।
Happy Holi
2,89,00,0000 यानी 2 करोड़ 89 लाख रुपए से बना पुल बनते ही ढह गया अर्थात् दुनिया से चल बसा, अदभुत 🤡
आप सभी शोक सभा में निमंत्रित हैं, आइए और पुल की आत्मा की शांति के लिए 2 शब्द लिखिए।
गोपालगंज 📍बिहार
राजस्थान में होली सिर्फ एक रंगों का त्योहार नहीं है, बल्कि यह इतिहास, लोककथाएँ और संस्कृति से जुड़ा हुआ है। इसे मनाने का तरीका हर जिले में थोड़ा अलग होता है, लेकिन उत्सव का रंग और हर्ष हर जगह समान होता है।
कागज तो अब सबको दिखाना ही पड़ेगा !
जिस देश में शंकराचार्य से पूछा जा रहा कि तुम सिद्ध करो कि शंकराचार्य हो, वहां कल किसी से भी हिंदू होने का सर्टिफिकेट माँगा जा सकता है...
मुझे राहत इंदौरी जी का शेर याद आ रहा है,
लगेगी आग तो आएंगे घर कई जद में,
यहां पे सिर्फ हमारा मकान थोड़ी है,
केरल पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने के तहत लड़की shimjitha musthafa को गिरफ्तार कर लिया है,
शिमजीथा ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया था, वीडियो में उसने एक भीड़-भाड़ वाली बस में यात्रा के दौरान 42 वर्षीय दीपक पर सेक्सुअल हरासमेंट का आरोप लगाया था,
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर भारी ट्रोलिंग हुआ जिसने दीपक को मानसिक रूप से बहुत परेशान कर दिया,
दीपक ये अपमान सहन नहीं कर पाया और घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली,
अब पुलिस ने शिमजीथा को गिरफ्तार कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है.
देखिए की अंध भक्ति काआलम क्या है
जिसके 27 साल के युवा बेटे की तंत्र के लापरवाही के कारण मौत हो गई
उसके पिताजी योगी जी के दर्शन के अभिलाषी हैं
भगवान जी किसी को कितनी भी तकलीफ दे दे लेकिन ऐसा बेशर्म बाप ना दे 🤡 https://t.co/cGSnsRpu7k
भारत एक पाखंड प्रधान देश बन चुका है
ज़ब देश के सासंद, मन्त्री, एक बुजुर्ग आदमी से पैर दबवा सकते हैँ.
तो कुमार विश्वास जैसे सत्ता के समर्थक लोगों से अगर पैर दबवा लेंगे तो क्या ही हो जाना है.
दो शब्द इनके लिए??
565 रजवाड़े खत्म किए थे , ताकि जनता आज़ाद हो सके।
लेकिन हमने पैदा कर दिए 5 लाख सत्ता के दलाल, वर्दीधारी राजा और कुर्सी के भिखारी।
ये ताज नहीं पहनते , ये घमंड ओढ़ते हैं।
इनके लिए आम आदमी इंसान नहीं , फुटपाथ की धूल है।