मेरी इस पोस्ट से कई लोगों को भयंकर मिर्ची लगी है, इसलिए अपना दुःख कमेंट्स में निकाल रहे हैं। कई टिप्पणियों को छिपाना भी पड़ा।
खैर, हमें कोई फर्क नहीं पड़ता। जलने वाले यूँ ही जलते रहेंगे, क्योंकि गुर्जरों का इतिहास किसी की राय से नहीं, अपने कर्मों से बोलता है।🙌
मेरी इस पोस्ट से कई लोगों को भयंकर मिर्ची लगी है, इसलिए अपना दुःख कमेंट्स में निकाल रहे हैं। कई टिप्पणियों को छिपाना भी पड़ा।
खैर, हमें कोई फर्क नहीं पड़ता। जलने वाले यूँ ही जलते रहेंगे, क्योंकि गुर्जरों का इतिहास किसी की राय से नहीं, अपने कर्मों से बोलता है।🙌
हम इतने कमज़ोर नहीं कि सुरक्षा माँगें। एक जगन गया है, मेरे पीछे परिवार और समाज खड़ा है। न नौकरी चाहिए, न पैसा... बस दुश्मन का पता चलना चाहिए एक बार मारने वाले से कबूल करवा दो.
फिर देखो
— कोमेश गुर्जर
बेड़ियाँ हाथों में थीं, लेकिन सम्मान दिल में था।
भाई को अंतिम विदाई और जनसैलाब को हाथ जोड़कर प्रणाम-यही इस तस्वीर की कहानी है...
यह तस्वीर एक भाई के अंतिम सम्मान की गवाही देती है।
---- लाल सिंह गुर्जर -----
बेड़ियाँ हाथों में थीं, लेकिन सम्मान दिल में था।
भाई को अंतिम विदाई और जनसैलाब को हाथ जोड़कर प्रणाम-यही इस तस्वीर की कहानी है...
यह तस्वीर एक भाई के अंतिम सम्मान की गवाही देती है।
---- लाल सिंह गुर्जर -----
हम इतने कमज़ोर नहीं कि सुरक्षा माँगें। एक जगन गया है, मेरे पीछे परिवार और समाज खड़ा है। न नौकरी चाहिए, न पैसा... बस दुश्मन का पता चलना चाहिए एक बार मारने वाले से कबूल करवा दो.
फिर देखो
— कोमेश गुर्जर
हम इतने कमज़ोर नहीं कि सुरक्षा माँगें। एक जगन गया है, मेरे पीछे परिवार और समाज खड़ा है। न नौकरी चाहिए, न पैसा... बस दुश्मन का पता चलना चाहिए एक बार मारने वाले से कबूल करवा दो.
फिर देखो
— कोमेश गुर्जर
@Deepakjhajhri11 कायर नहीं था सामने से मारते इतनी हिम्मत थी तो क्यों हाई सिक्योरिटी जेल में मारा गया आत्मसमर्पण करने के बाद क्यू मारा ये पूछता है पूरा समाज