हर बार किसी घटना या समस्या के बाद 2005 से पहले के बिहार की चर्चा शुरू कर देना आखिर कब तक चलेगा?
अगर आज की सरकार को अपनी उपलब्धियों का श्रेय लेने का अधिकार है, तो आज की समस्याओं की जिम्मेदारी से भी सिर्फ पुराने शासन का नाम लेकर बचा नहीं जा सकता।
पिछले करीब दो दशकों से बिहार की सत्ता का बड़ा हिस्सा एक ही राजनीतिक व्यवस्था के आसपास रहा है।
तो सवाल बिल्कुल सीधा है—
अगर हर समस्या की जड़ 2005 से पहले का बिहार ही है, तो इतने वर्षों के शासन के बाद भी आज वही उदाहरण क्यों देना पड़ता है?
जनता को बार-बार पुरानी कहानी नहीं, आज की समस्या का समाधान चाहिए।
नेताओं को चुनने वाली जनता से सवाल करने के बजाय, अब नेताओं को भी अपने काम और फैसलों का जवाब देना चाहिए।
#Bihar #BiharPolitics #BiharNews #PublicIssues #BiharYouth
इतनी घटिया सोच आखिर आती कहां से है?
जमुई जैसे मामले पर भी कुछ लोग घटना की गंभीरता समझने के बजाय लड़का-लड़की के वहां होने पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
कहा जा रहा है कि अगर दोनों शाम 7 बजे पहाड़ी इलाके में गए थे, तो वहां गए ही क्यों थे?
ज़रा सोचिए, क्या किसी लड़के और लड़की का शाम के समय घर से बाहर होना अपने आप में कोई अपराध है?
अगर किसी के साथ गलत हुआ है, तो सवाल यह होना चाहिए कि गलत किसने किया और क्यों किया। यह नहीं कि पीड़ित वहां उस समय मौजूद ही क्यों था।
यही सोच सबसे ज्यादा चिंता की बात है—घटना पर सवाल कम और लड़के-लड़की के बाहर जाने पर सवाल ज्यादा!
बिहार को बदलने के लिए सिर्फ व्यवस्था नहीं, ऐसी सोच को भी बदलना पड़ेगा।
हर बार किसी घटना या समस्या के बाद 2005 से पहले के बिहार की चर्चा शुरू कर देना आखिर कब तक चलेगा?
अगर आज की सरकार को अपनी उपलब्धियों का श्रेय लेने का अधिकार है, तो आज की समस्याओं की जिम्मेदारी से भी सिर्फ पुराने शासन का नाम लेकर बचा नहीं जा सकता।
पिछले करीब दो दशकों से बिहार की सत्ता का बड़ा हिस्सा एक ही राजनीतिक व्यवस्था के आसपास रहा है।
तो सवाल बिल्कुल सीधा है—
अगर हर समस्या की जड़ 2005 से पहले का बिहार ही है, तो इतने वर्षों के शासन के बाद भी आज वही उदाहरण क्यों देना पड़ता है?
जनता को बार-बार पुरानी कहानी नहीं, आज की समस्या का समाधान चाहिए।
नेताओं को चुनने वाली जनता से सवाल करने के बजाय, अब नेताओं को भी अपने काम और फैसलों का जवाब देना चाहिए।
#Bihar #BiharPolitics #BiharNews #PublicIssues #BiharYouth
जागरूकता नाम की चीज़ ही नहीं बची है. नेताओं से लेकर जनता तक.. सब मोरल पुलिसिंग में लगे हैं. किसने नेताओं और लोगों को ये सवाल करने का हक दिया कि रात में लड़की जा कहां रही थी?
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@Abhinavpinch
ये तमाम लोग प्रेस कांफ्रेंस इसलिए किए थे कि किसी ने नरेंद्र मोदी जी के माँ के बारे में कुछ बोल दिया था. वो तमाम बातें पब्लिक डोमेन में है.
आज बिहार में वीभत्स कांड हुआ है, इन सभी के मुँह में दही जम गया है. बिहार अपनी निर्लज्जता पर शर्म कर रहा है.
जघन्य जमुई कांड को छिटपुट घटना बताते बिहार सरकार के मंत्री और केंद्रीय मंत्री। ये ऐसी घटना को छिटपुट मानते है तभी तो 7-8 आरोपियों में से 6-7 को बचा, शेष को छिटपुट सजा देते है। इनकी कितनी शर्मनाक सोच है
"Rise and Fall" में हमारे प्रिय मनीष भैया को जिताने के लिए 4 लाख वोट ज़रूर करें! आप सभी अपना कीमती वोट मनीष भैया को दें और उन्हें भारी मतों से विजयी बनाएं। आपके एक-एक वोट की बहुत बड़ी कीमत है, इसलिए ज्यादा से ज्यादा सपोर्ट करें और वोट करें! 🙏🗳️✨
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@PatnaNews1
By - Ravi Prakash Kumar
East Champaran Bihar
@ManishKasyapsob
*🚨 गुमशुदा व्यक्ति की सूचना 🚨*
*नाम:* मनु कुमार
*पिता का नाम:* मदन कुशवाहा
*ग्राम:* भवानीपुर
*पंचायत:* भवानीपुर
*जिला:* पूर्वी चंपारण (मोतिहारी), बिहार
*📞 संपर्क करें: 9973768012*
*यदि किसी व्यक्ति को मनु कुमार के बारे में कोई जानकारी मिले, तो कृपया उपरोक्त मोबाइल नंबर पर तुरंत संपर्क करें।*
_🙏 कृपया इस पोस्ट को अधिक से अधिक शेयर करें, ताकि *मनु कुमार* को जल्द से जल्द खोजने में मदद मिल सके।_
*_एक शेयर किसी परिवार के लिए बहुत बड़ी मदद हो सकती है। 🙏_*
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*पिता का नाम:* मदन कुशवाहा
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एक तरफ बिहार के कई इलाकों में बाढ़ से लोगों का जनजीवन प्रभावित है, दूसरी तरफ राजधानी में भव्य आयोजन और रोशनी का नज़ारा।
सवाल बस इतना है—मुश्किल वक्त में प्राथमिकता किसे मिलनी चाहिए?
बाढ़ प्रभावित परिवारों की मदद पर भी उतना ही ध्यान चाहिए।