ज़्यादातर लोग आपको पसन्द करते हैं पर ऐसे लोग कम हैं जो आपकी ‘वैल्यू’ समझते हैं. 'वैल्यू' समझने वालों की बातों पर ध्यान दो क्योंकि वो आप को पसन्द करें या ना करे
जिसके दिल में सब्र और ज़बान पर शुक्र हो, वह हर हाल में कामयाब है !
जब चीज़ें हमारी सोच या ख़्वाहिश के मुताबिक़ नहीं होतीं, तो मायूसी और झुंझलाहट कभी-कभी ग़ुस्से की शक्ल इख़्तियार कर लेती है !
लेकिन आजकल की टीनएजर ज़ेहनियत को समझना वाक़ई मुश्किल होता जा रहा है ! फ़ोन इनसे छूटता नहीं, और यही फ़ोन अक्सर इनके सब्र और जज़्बात पर भी असर डालता है ! सोशल मीडिया और इंटरनेट की दुनिया में हर वक़्त दूसरों की ज़िंदगी और कामयाबियाँ नज़र आती रहती हैं, जिससे तवक़्क़ुआत (उम्मीदें) भी हक़ीक़त से कहीं ज़्यादा बढ़ जाती हैं !
फिर जब ये बढ़ी हुई तवक़्क़ुआत हक़ीक़त से टकराती हैं, तो उसे क़ुबूल करना मुश्किल हो जाता है ! नतीजा यह कि मायूसी, बेचैनी और ग़ुस्सा बढ़ने लगता है ! सब्र और शुक्र की दौलत कम हो जाए, तो छोटी-सी बात भी इंसान को अंदर से हिला देती है !
सावधान, कॉकरोच जनता पार्टी किसी का 'मुखौटा' तो नहीं..?
थोड़ा संदेह तो कीजिए कि अचानक लश्करे नोएडा ने CJP को इतना सिर ,आंखों पर क्यों बिठा लिया है!
थोड़ा रुकिए न....इतना जल्दी आह, वाह करने से पहले चाल ढाल परखिए।
ऐसा न हो कि आज आप IAC जैसे खोटे सिक्के के नाम पर पछता रहे हैं कल CJP के नाम पर पछताना पड़े।
हां अगर ये खरा सिक्का है तो मो शा एंड कंपनी के लिए भी आफ़त बनेगी।
@SpecialCoverage@CJP_2029
इस्लाम ने बेवा के सामने बीवी को प्यार करने से मना किया है इस्लाम ने गरीब के सामने दौलत की नुमाइश करने पर पाबंदी लगाई है इस्लाम ने यतीम के सामने अपने बेटे से प्यार करने पर तम्बीह की है आप इस्लाम पढ़िए आपके बहुत सारे कन्फ्यूजन दूर हो जायेंगे इंशा अल्लाह !
❤️🤲🥰
@iRaviKantMLA त्रिलोकपुरी 32 ब्लॉक में यह काफी टाइम से ही रोड पर कूड़ा पड़ा हुआ है और इसकी वजह से काफी कीड़े मकोड़े पैदा हो रहे हैं और हमें काफी प्रॉब्लम हो रही है सर आपसे रिक्वेस्ट है कि इस कूड़े की सफाई कराई जाए धन्यवाद
इंस्टाग्राम पर #ILoveMuhammadﷺ पोस्ट को लेकर मुजफ्फरनगर के नदीम को गिरफ्तार किया गया था। कोर्ट ने 7 महीने बाद उसे ज़मानत दे दी है। कोर्ट ने कहा कि 'कथित आपत्तिजनक' पोस्ट में किसी खास जाति या समुदाय का नाम नहीं लिया गया। नदीम की जमानत अर्जी पर उसके वकील ने हाईकोर्ट में यह दलील भी दी कि आवेदक का इससे पहले कोई भी आपराधिक इतिहास नहीं है.
नफ़रत रूह की वह आग है जो सबसे पहले इंसान के अपने अंदर का सुकून जला देती है, फिर उसकी चिंगारियाँ दूसरों तक पहुँचती हैं !
यह एक ऐसा साया है जो इंसान की असलियत पर छा जाता है,यहाँ तक कि वह अपने अंदर के नूर को भी पहचान नहीं पाता है !
नफ़रत कभी जीत नहीं दिलाती, नफ़रत सिर्फ़ जलाती है ! यह इंसान को इतना भारी कर देती है कि उसकी रूह उड़ना भूल जाती है !
इंसान ! क्या तूने कभी सोचा कि जिस दुश्मनी को तूने अपने सीने से लगा रखा है,
वही तेरी रूह की उड़ान को जकड़ कर बैठी है ?
नफ़रत एक ऐसा चक्कर है, जिसमें घूमते-घूमते इंसान अपनी राह भूल जाता है !
मोहब्बत वह सीधी लकीर है जो उसे उस चक्कर से निकालकर आसमान की ऊँचाइयों तक पहुँचा देती है !
मोहब्बत वह बारिश है जो अंदर जमी हुई गर्द को धो देती है ! मोहब्बत वह हवा है
जो बंद कमरों में भी ताज़गी भर देती है ! मोहब्बत वह नूर है जो टूटे हुए दिलों को भी फिर से ज़िंदा कर देता है !
अपने दिल को ऐसा आईना बना लीजिये जिसमें सिर्फ़ रौशनी झलकती हो,
जो हर चेहरे को उसकी असल सूरत में देख सके..बिना धुंध के, बिना नफरत के !
जिस दिल में नफ़रत रहती है, वहाँ रहमत देर से उतरती है…और जिस दिल को इंसान पाक कर देता है, वही दिल अल्लाह के नूर का घर बन जाता है !
1- #सुन्नत यह भी है. कि बड़ी उम्र की औरतों से निकाह किया जाए।
2- सुन्नत ये भी है. कि #तलाक़शुदा औरत से निकाह किया जाए।
3- सुन्नत यह भी है. कि #बेवा औरत से निकाह किया जाए।
4- यह भी सुन्नत है. कि घरेलू कामों में औरतों की #मदद की जाए। (जैसे कि खाना पकाना, सफ़ाई करना, कपड़े धोना वग़ैरह)
5- और यह भी सुन्नत है. कि मुहब्बत के इज़हार के तौर पर अपनी बीवी को अपने हाथ से खाना खिलाया जाए। (यह एक क़िस्म का #सदक़ा शुमार होता है)
6- सुन्नत है. कि बीवी से मुहब्बत, क़दर और इज़्ज़त का #इज़हार किया जाए।
7- यह भी सुन्नत है. कि बीवी की #ग़लतियों को माफ़ किया जाए।
8- यह भी सुन्नत है. कि अपनी बीवी के लिए ख़ुद को #ख़ुशनुमा रखा जाए।
9- सुन्नत ये भी है... कि बीवी के #जज़्बात को समझने की कोशिश की जाए. और ज़रूरत के वक़्त उसकी दिलजोई की जाए।
10- यह भी सुन्नत है. कि बीवी के साथ ख़ुश-तबीयती की जाए और ख़ुशनुमा वक़्त गुज़ारा जाए। (मिसाल के तौर पर दौड़ लगाना, कहानियाँ सुनाना, #ख़ुशियों में शरीक़ होना वग़ैरह)
11- सुन्नत है. कि बीवी की #गोद में आराम किया जाए।
12- सुन्नत यह भी है. कि बीवी को ख़ूबसूरत #नामों से पुकारा जाए।
13- यह भी सुन्नत है. कि बीवी के ज़ाति #मामलात को ख़ानदान या दोस्तों के सामने ज़ाहिर ना किया जाए।
14- सुन्नत यह भी है कि बीवी के वालिदैन से मुहब्बत और #इज़्ज़त का बर्ताव किया जाए।
धार्मिक स्थलों पर किस तरह महिलाओं का शोषण किया जाता है होता है ।।😎
लेकिन धार्मिक शूद्रों को फिर भी महिलाओं और बच्चियों को इन पत्थरों के आगे जाना ही है ।।