आदरणीया बहन कु0 @Mayawati जी, पूरा देश आपकी तरफ पूरे विश्वास और उम्मीद के साथ देख रहा है।
आदरणीया बहन जी,आपका एक कदम भाजपा को सत्ता से उखाड़ फेंकेगा। आदरणीया बहन जी कुछ करिये,भाजपा ने देश में अराजकता का माहौल बना दिया है।
@bspindia@AnandAkash_BSP
सिलेंडर ना पूछो, पेट्रोल ना पूछो, स्कूल ना पूछो, अस्पताल ना पूछो, स्वास्थ्य ना पूछो, गिरता हुआ रूपयl ना पूछो, बढ़ते हुए पेट्रोल के दाम ना पूछो, पेपर लीक ना पूछो।
बस गुणगान करो, वरना "हिंदू खतरे में" आ जाएगा।
Breaking News:- आकाश आनंद का मैसूर दौरा, लेकिन BSP की खबर सोशल मीडिया से फिर रही गायब!
कर्नाटक के मैसूर में छत्रपति शाहू महाराज जयंती कार्यक्रम में आकाश आनंद शामिल हुए,मगर पार्टी के कार्यकर्ताओं को इसकी जानकारी तक नहीं
सवाल उठ रहा है पार्टी अखिर चाहती क्या है?
@AnandAkash_BSP
“बाबा साहेब तेरे सम्मान में, बहुजन समाज पार्टी मैदान में”
पंजाब के लुधियाना में लाखों करोड़ों लोगों के मसीहा एवं भारतीय संविधान के निर्माता बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर जी की प्रतिमा के आस पास लगे शीशे तोड़े साथ में प्रतिमा को क्षति पहुँचाने का प्रयास किया गया जिसको लेकर उन जातिवादी तत्वों के ख़िलाफ़ कार्यवाही की मांग को लेकर बसपा द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया और लगातार छ दिन से धरना प्रदर्शन भी किया जा रहा हैं।
#बसपा_का_बढ़ता_जनाधार
आज दिनांक 21-07-2026 को जनपद लखनऊ के विधानसभा मलिहाबाद में बहुजन समाज पार्टी द्वारा आयोजित विधानसभा स्तरीय समीक्षा बैठक में शामिल हुआ जिसमें बूथ /सेक्टर की समीक्षा तथा मिशन 2027 को सफल बनाने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई साथ ही सपा व बीजेपी को छोड़कर दर्जनों साथियों ने थामा बसपा का दामन जिसमें प्रमुख नाम निम्न है— श्री राम औतार रावत जी,श्रीमती आशा रावत जी,श्री सुरेश कुमार मौर्य जी,श्री सुरेंद्र पाल जी,श्री राम जीवन पाल जी,श्री मिथलेश पाल जी,श्री भीम पाल जी,श्री राम जीवन शर्मा जी, श्री गरीबे पाल जी,श्री श्याम लाल पाल जी,श्री शिव प्रसाद लोधी जी,श्री कमता प्रसाद लोधी जी श्री मूलचन्द्र शर्मा जी, श्री महादेव पाल जी,श्री शिव प्रसाद प्रजापति जी, श्री श्याम जी मौर्य जी, श्री हनुमान प्रसाद जी व श्री महादेव पाल जी ने बहुजन समाज पार्टी व आदरणीय बहन कुमारी मायावती जी के नीतियों में अपनी आस्था व्यक्त करते हुए बहुजन समाज पार्टी की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण की।
सभी सम्मानित साथियों का बहुजन समाज पार्टी परिवार में हार्दिक स्वागत।
#जयभीम #BSP #लखनऊ #मिशन_2027 #मलिहाबाद #बहुजन_समाज_पार्टी
आज दिनांक 20-07-2026 को जनपद अयोध्या में बहुजन समाज पार्टी के तत्वाधान में अयोध्या मंडल की एक अतिमहत्वपूर्ण कार्यकर्ता बैठक संपन्न हुई जिसमें शामिल हुआ साथ ही सपा को छोड़कर दर्जनों साथियों ने थामा बसपा का दामन जिसमें प्रमुख नाम निम्न है— अरमान हुसैन जी,मो. फहाद जी,मो. महबूब जी,पिंटू सोनू जी,अमोर हुसैन जी,बल्ले शर्मा जी,श्री राम जी,मो. मुकीद जी,मो. चाँद बाबू जी,जावेद हुसैन जी,मो. शेखबुल जी,शाबान हुसैन जी,जीशान हुसैन जी,आन हुसैन जी,बिल्लू भाई जी,अनिल कुमार जी,रियासत अली जी,सौरभ जी,अदनान जी,अयान जी,आलम भाई जी,सरफराज़ जी,इरफान अहमद जी व रोहन जायसवाल जी ने बहुजन समाज पार्टी एवं आदरणीय बहन कुमारी मायावती जी के नीतियों में अपनी आस्था व्यक्त करते हुए बहुजन समाज पार्टी की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण की।
सभी सम्मानित साथियों का बहुजन समाज पार्टी परिवार में हार्दिक स्वागत!
#जयभीम #BSP
#अयोध्या
दिल्ली के जंतर मंतर पर में चल रहे छात्रों के आंदोलन को लेकर बसपा सुप्रीमो मायावती जी का बयान सामने आया है और कहा कि पेपर लीक और गड़बड़ी की शिकायतों से युवा परेशान हैं सरकार की जिम्मेदारीपूर्ण तरीके से परीक्षा व्यवस्थाओं से जुड़े जो लोग है खासकर वह जो उच्च पदों पर बैठे उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
सरकार को तत्काल ध्यान देना चाहिए ताकि कॉकरोच जनता पार्टी के होने रहे आंदोलन जैसी कार्रवाइयों के लिए खासकर युवा वर्ग को परेशान नहीं होना पड़ेगा इसलिए सरकार को इनके प्रति सहानुभूति रवैया अपनाकर स्तिथि का सही से समाधान करें।
1.आज से जब संसद का मानसून सत्र शुरू हो रहा है, सदन से लेकर सड़कों व दिल्ली के जन्तर-मन्तर तक में विभिन्न ज्वलन्त मुद्दों को लेकर ज़बरदस्त टकराव की स्थिति है, जिसे देश के विकट राजनीतिक, आर्थिक एवं सामाजिक हालात के मद्देनज़र ज़रूर बेहतर सूझबूझ से टाला जाना चाहिये।
2.वैसे भी सर्वसमाज के करोड़ों परिवारों के लिये जीवनदायी मेडिकल आदि की अति-महत्वपूर्ण व विशेष आल-इण्डिया परीक्षायें सहित राज्यों में नौकरी सम्बंधी परीक्षायें आदि भी लगातार हो रहे पेपरलीक/गड़बड़ी आदि के कारण रद्द होने की अनिश्चितता से ख़ासकर युवा वर्ग व बेरोज़गार लोग लगातार काफी ज़्यादा परेशान हैं, जो विभिन्न जगहों पर अनेकों प्रकार से व्यक्त किये जा रहे उनके आक्रोश व आन्दोलन आदि से भी प्रकट है और यह देश व जनहित से जुड़ा ऐसा अति-गंभीर मामला है जिसपर पूरी तरह से क़ाबू में करने के लिये सरकारों को तत्काल सख़्त क़दम उठाना नितान्त आवश्यक है।
3.साथ ही, इसके लिये ज़िम्मेदारी भी ज़रूर तय होनी चाहिये तथा ख़ासकर परीक्षा व्यवस्थाओं से जुड़े उच्च पदों पर बैठे लोगों के विरुद्ध भी कड़ी क़ानूनी सज़ा हो ताकि देश की तरक्की की नींव युवा पीढ़ी का भविष्य इस प्रकार की अनिश्चितता और अंधकार से आगे बच पाये।
4.इसी क्रम में यूपी, राजस्थान, दिल्ली सहित देश के विभिन्न राज्यों/शहरों में जिस प्रकार से, अच्छे सरकारी स्कूलों व सरकारी स्कूलों में अच्छी पढ़ाई के घोर अभाव में, प्राइवेट स्कूल एवं बड़ी-छोटी कोचिंग संस्थायें, तेज़ी से पनप रही हैं, उससे यह स्पष्ट है कि देश का युवा वर्ग व उनका परिवार, ज़बरदस्त महंगाई के इस दौर में भी अपना पेट काटकर एवं अन्य परेशानियों को झेलकर भी, अपने स्तर से पूरा जी-जान लगाकर आगे बढ़ने हेतु प्रतिबद्ध है।
5.वे लोग आउटसोर्सिंंग की शोषणकारी छोटी-मोटी नौकरी आदि से आगे बढ़कर स्थाई व स्वाभिमानी नौकरी में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं ताकि इज्ज़त से दो वक्त की रोटी कमाकर अपना व अपने परिवार का पेट पाल सकें, जो सराहनीय है।
6.ऐसे में सरकारें कोचिंग संस्थाओं आदि पर भय भ्रष्टाचार-मुक्त कड़ी निगरानी ज़रूर रखें, किन्तु प्राइमरी से लेकर उच्च शिक्षा स्तर पर सम्पूर्ण सरकारी शिक्षा व्यवस्था को हर स्तर पर बेहतर बनाने के साथ-साथ छात्र-छात्राओं को आगे बढ़ाने में भी अपना अहम् दायित्व निभाने का ईमानदार प्रयास ज़रूर करें।
7.वैसे भी यह सर्वविदित है कि देश व समाज को शिक्षित बनाना अनवरत प्रक्रिया है और जिसमें सरकारों द्वारा समुचित बजट प्रावधान के साथ-साथ उसकी गुणवत्ता को भी अच्छे से अच्छा बनाने जैसी सही सोच रखना भी बहुत ज़रूरी है, तभी युवाओं के उज्जवल भविष्य के सहारे परिवार, समाज, प्रदेश व देश का भविष्य संवर पायेगा, वरना जीडीपी ग्रोथ देश की नैया का सही खिवैया क्या बना पायेगा, इसमें शक है।
8.इसीलिये यूपी व देश में भी विकास का मूल आधार संविधान निर्माता परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के उद्देश्यों के अनुसार शिक्षित, सुरक्षित, कल्याणकारी व सभ्य भारत हो तो यह हमेशा ही बेहतर होगा।
9.और अगर इन बातों पर तत्काल ज़रूरी ध्यान दिया जाये तो जन्तर-मन्तर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के हो रहे आन्दोलन जैसी कार्रवाईयों के लिये लोगों में भी ख़ासकर युवा पीढ़ी को बाध्य नहीं होना पड़ेगा। सरकार इनके प्रति सहानुभूति का रवैया अपनाकर स्थिति का सही समाधान करें तो यह उचित होगा।
लाठी मारने वाला बोल रहा है मारो बहन के #*#@ को!
पीटने वाला खड़ा है बोल रहा है मारो सर मारो
जनता इस हद तक परेशान हो चुकी है लाठी खाने को तैयार है लेकिन पीछे हटने को नही।
जंतर मंतर पर लाठी चार्ज शुरू हो गया है
सड़क,मेट्रो रास्ते सब बंद हैं।
हम दिल्ली में ही नज़र धरे बैठे थे उधर अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर के लोगों ने धर्मेंद्र प्रधान के ख़िलाफ़ सड़को पर मोर्चा खोल दिया।
आज पूरे देश का युवा धर्मेद्र प्रधान से इस्तीफ़ा मांग रहा हैं।
हजारों लड़कों को भड़काकर उन्हे जेल भिजवा दिया,और खुद पर 32 मुक़दमे होने के बाद भी पुलिस जेल में नही डाल रही है ये माजरा जितनी जल्दी हो युवाओ को समझ आ जाये तो अच्छा है ये RSS बीजेपी का गुलाम है जिसका काम बसपा को ख़त्म करना है, टाइप 8 बांग्ला सरकार ने ऐसे नही दिया, y + सुरक्षा।
यह धर्मेंद्र प्रधान का आज का वीडियो हैं। देखिए कितना मुस्कुरा रहे हैं संसद के बाहर छात्र शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए लाठी खा रहे है।
हजूर संसद की कैंटीन में भुना काजू पेल कर जीब से दांत खुजा रहे हैं।
मेट्रो में लड़की पोस्टर लेकर CJP के प्रोटेस्ट में जा रही थी। पोस्टर पर लिखा था We want Ambedkar india
मेट्रो में अंधभक्त अंबेडकर की फोटो देखते ही चीड़ गया बोला अंबेडकर का भारत क्या हैं और क्यों चाहिए।
लड़की बोली अम्बेडक का भारत समानता का भारत हैं संविधान से चलने वाला भारत हैं धर्म से चलने वाला भारत नहीं।
भक्त भाग खड़ा हुआ।
समानता को मानने वाले,पढ़े लिखे लोगो को अम्बेडकर भाते है सावरकर नहीं क्योंकि
अंबेडकर समानता की बात करते हैं। सावरकर की तरह सामंतवाद की नहीं।
अंबेडकर का भारत!
जय भीम 💙
protests by tribal communities in Chhatarpur, Madhya Pradesh, against the Ken-Betwa River Link Project. The villagers and activists allege they are being displaced without fair compensation or proper rehabilitation.
1.अब जबकि संसद का मानसून सत्र कल दिनांक 20 जुलाई से शुरू हो रहा है, एक बार फिर यह देश व आमजन की चिन्ता है कि क्या इस बार भी फिर से संसद का सत्र हंगामा व स्थगन आदि की भेंट चढ़ जायेगा, या फिर ज़बरदस्त महंगाई, ग़रीबी, बेरोज़गारी, महिला असुरक्षा, महत्वपूर्ण परीक्षाओं के भी पेपरलीक आदि से जुड़े देश के ज्वलन्त मुद्दों से उत्पन्न उत्तेजित, आक्रोशित व आन्दोलित माहौल को शान्त करने व इनके संतोषजनक समाधान हेतु गंभीरता दिखाई जायेगी।
2.वैसे ख़ासकर अयोध्या श्रीराम मन्दिर में चढ़ावा की चोरी, हेराफेरी व ग़बन आदि को लेकर व्यापक जन आक्रोश ने भी यूपी व देश को काफी झकझोर कर रख दिया है और लोग, धर्म का चुनावी स्वार्थ हेतु राजनीतिकरण करने वालों को इसके लिये कठघरे में खड़ा करके, उनसे दिल दुखाने की जवाबदेही माँग रहे हैं, जिसकी गूंज सड़कों से लेकर अदालत तक में है और संसद में भी यह मुद्दा ज़रूर गर्म होगा, जिसपर भी लोगों की पैनी नज़र है।
3.इतना ही नहीं बल्कि बंगाल में विधानसभा आमचुनाव के बाद के हालात्, राजस्थान में सरकार की लापरवाही के कारण गर्भवति महिलाओं की मौत सहित विभिन्न राज्यों में बढ़ती महिला असुरक्षा, काफी आपाधापी में की जाने वाली चुनावी रेवड़ियों में भारी गड़बड़ी, सरकारी योजनाओं आदि में चर्चित भ्रष्टाचार, पुलिस मुठभेड़ का प्रचलन, वर्षों से बसे-बसाये लोगों को उजाड़कर उनके कालोनियों का ध्वस्तीकरण आदि जैसे सरकारी रवैयों से चरमराई संविधान की जनकल्याणकारी व्यवस्था के साथ ही,
https://t.co/zbwuw6xrFA की अर्थव्यवस्था व यहाँ के जनजीवन को बुरी तरह से प्रभावित करती हुई अमेरिका-इज़राइल का ईरान के विरुद्ध लगातार युद्ध व रुपया का अवमूल्यण आदि देश व जनहित के ऐसे ख़ास मुद्दे हैं जिनपर राजनीतिक द्वेष, स्वार्थ व आरोप-प्रत्यारोप की संकीर्णता/वैमनस्य को त्यागकर सत्ता और विपक्ष दोनों को एकजुट होकर अच्छा उपाय ढूंढ कर सराहनीय कार्य करना होगा, वरना लगभग 140 करोड़ की जनसंख्या वाले अपने देश में बहुजनों का जीवन यहाँ और भी अधिक बुरे दिन वाला बनकर उनका भविष्य अधर में लटकायेगा, जिसकी आशंका भी व्यक्त की जा रही है।
5.अतः देश को त्रस्त करने वाली इन भारी चुनौतियों व उसके प्रति चेतावनियों को ध्यान में रखकर संसद के मानसून सत्र को, बिना किसी उत्तेजना, रोष व विद्वेष के, सुचारू, शान्तिपूर्ण एवं स्वस्थ्य लोकतांत्रिक परम्परा के मुताबिक चलना सुनिश्चित किया जाना चाहिये, जो वक्त की अहम् ज़रूरत के हिसाब से सभी की ज़िम्मेदारी भी बनती है।
6.साथ ही, इस सम्बंध में सभी संस्थाओं को ऐसा प्रयास ज़रूर करना चाहिये कि देश के कठिन सामाजिक, राजनीतिक व आर्थिक हालात से त्रस्त भारतीयों के जीवन का बोझ व नित्य दिन की उनकी परेशानी/दिक्कतें और अधिक नहीं बढ़ने पायें।
7.इसी क्रम में संसद को भी इन ज्वलन्त राष्ट्रीय मुद्दों पर पूरी तरह से गंभीर व संवेदनशील होना ज़रूरी है और इसकी शुरूआत अगर संसद के वर्तमान मानसून सत्र से ही हो तो यह अवश्य ही बेहतर होगा। जनहितैषी गुड गवरनेन्स हेतु संसद का प्रभावी होना ज़रूरी। जय भीम, जय भारत।