Saudi Arabia 🇸🇦 के यर्मूक क्षेत्र के पास मिला यह प्राचीन शिलालेख इस बात की गवाही देता है कि इस्लाम के शुरुआती दौर में ही लोग खुले तौर पर अपने ईमान का इज़हार करते थे।
उस पर लिखा
मैं, अलक़मा बिन तल्हा, गवाही देता हूँ कि अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं और मुहम्मद ﷺ अल्लाह के रसूल है
@tiwarimuchkund@CJP_for_India तिवारीयो की गान जलना लाजमी है इसको बर्दास्त नहीं के गरीब का बच्चा कम पैसे मै पढ़ लिख रहा इन जैसों की नसों में नफरत जा बसी है ये क्या इसके बाप दादा यही करते आ रहे गरीबों को दबावों और राज करो उसको खान सर जैसे लोग कितना दुख देते मै समझ सकता हु
@ranvijaylive ऐसा थोड़े ही है की #aamirkhan साहब ने डिलीट कर दिया तो क्या पब्लिक उनकी इतनी अच्छी creation को कैसे भूल सकती है ॥
ये लीजिए पब्लिक demand पर:
@lkoabhishek@RahulGandhi 1962 (चीन) और 1965 (पाकिस्तान) के युद्धों के कारण देश की अर्थव्यवस्था काफी कमजोर हो गई थी और रक्षा खर्चों के लिए धन की आवश्यकता थी इंदिरा चाहती थी लोग सोने में निवेश करने के बजाय पैसे को बैंकिंग प्रणाली में लाएँ। अब आप बताइए इंडिया ने कौन सा युद्ध किया है अंधभक्ति छोड़िए और देखें
@yamggar@middle_East_up ये अंधभक्त अलग ही लेवल के होते है भाईसाब इन चोटियों को कुछ नहीं समझ आता किसी को अपना बाप बना लेते है और कुछ हग देते है अलबत्ता इनका दिमाग में गोबर जो भर है