7Ts of Life.
1. Trust yourself.
2. Turn Problems into opportunities.
3. Think & Act Differently.
4. Transform Continuously.
5. Take Risk.
6. Take Responsibility of your life.
7. Track & Target the Opportunity.
पत्रकार:- यश जी राहुल गाँधी अपनी छुट्टी से लौटकर आए है
यश श्रीवास्तव:- एक और शख्स विदेश से लौटकर आया है 🤭
पत्रकार:- हा वो काम करने गया था
यश:- नही काम करने नही नाच गाना करने गया था
पत्रकार:- आप मुद्दे पर आइए 🤣🤪
यथ:- आपकी एकतरफा बाते मैने सुनी अब आप मेरी सुनिए
पत्रकार;- मोदी जी क्या कर रहे कहा जा रहे उनकी नुक्ताचीनी मे लगे हुए है
यश:- और आप राहुल गाँधी की नुक्ताचीनी मे लगे है🤪👍
काँग्रेस प्रवक्ता यश श्रीवास्तव जी ने ऐंकर को गजब का बेल्ट ट्रीटमेन्ट दे दिया है अब आज रात उसे नींद नही आएगी 🤣🤭🤣
जब मेरी बेटी रिया NEET पेपर देकर आई, तो बहुत खुश थी। उसने बताया कि उसका एग्जाम बहुत अच्छा गया है।
लेकिन कुछ दिनों बाद पेपर लीक हो गया।
मेरी बेटी ने मुझसे कहा कि हमारे साथ हमेशा धोखा होता है। हम इतनी मेहनत करते हैं और पेपर लीक हो जाता है। वो NTA पर बहुत नाराज हुई।
उसने बताया कि जब हम परीक्षा देने जाते हैं, तो हमारे ऊपर बहुत सारी पाबंदियां लगाई जाती हैं। हम कान में टॉप और हाथों में धागा तक नहीं पहन सकते- लेकिन ये पेपर लीक कर देते हैं।
मेरी बेटी पेपर लीक से दुखी हो गई थी। वो परेशान थी कि इतने कम समय में Re-NEET की तैयारी कैसे होगी?
मैंने उसे बहुत समझाया, लेकिन वो बेहद निराश हो गई।
: NEET पेपर लीक की वजह से खुदकुशी करने वाली रिया कुमारी के पिता राजेश मल्ल जी
Jallianwala Bagh stands as one of history’s greatest massacres. It was carried out by a colonial regime. But the question that haunts me after watching Jaswant Singh Khalra is different:
What is more painful than oppression by an outsider? When those entrusted to protect their own people are accused of becoming the source of their greatest fear.
A police officer’s duty is to protect innocent lives—not to abuse power. Khalra’s courage exposed evidence of alleged illegal disappearances and secret cremations, reminding us that the abuse of state power can leave wounds that last for generations.
Punjab’s mothers are still waiting for answers. Many families are still waiting for justice. Truth cannot remain buried forever.
Outstanding work by @HoneyTrehan and @diljitdosanjh for bringing the story of Jaswant Singh Khalra to the world. His courage deserves to be remembered.
>Lost his father
>Lost his grandmother
>Trolled for over a decade
>32+ political cases across India
>Appears in court 4 times a month
>Faced 55 hours of ED interrogation
>Was sentenced to two years in jail
>Lost his Parliament membership
>Lost his official residence
>Still never cried on camera
>Facing all the adversities with a smile
Remember the name: RAHUL GANDHI🫡
मोदी जी, खुली चुनौती है - India-US Trade deal रद्द कर के दिखाइए।
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प के टैरिफ़ रद्द कर दिए, दुनिया भर के देशों ने अपने समझौते renegotiate कर दिए - आप क्यों खामोश हैं?
सारा देश जानता है आप ये नहीं कर सकते - क्योंकि आप अमेरिकी Grip में Choke कर पूरा Surrender कर चुके हैं।
नरेंद्र मोदी को मेरा चैलेंज है 👇
अगर दम है तो भारत-अमेरिका ट्रेड डील को रद्द करके दिखाएं।
लेकिन नरेंद्र मोदी ऐसा नहीं कर सकते, क्योंकि:
1. Epstein Files का डर
2. अडानी केस का डर
: 'कांग्रेस किसान महाचौपाल' में नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi
📍 भोपाल, मध्य प्रदेश
कांग्रेस पिछले 3 लोकसभा चुनावों में हारी जरूर है
लेकिन राहुल गांधी जिस कांग्रेस का निर्माण कर रहे है वो कई सालों तक कांग्रेस को सत्ता में रखेगी।
देश का टॉप लेवल का लीडर जब एक एक कार्यकर्ता पर नज़र रखे तो समझ लो रणनीति बहुत आगे की है,
विनोद जाखड़ के nsui राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद रौनक खत्री को बुलाना साबित करता है कि किसी भी कार्यकर्ता को नाराज़ नहीं होना पड़ेगा
जो मेहनत करेगा वो ही कांग्रेस में आगे बढ़ेगा।
FIR हो,
मुकदमा दर्ज हो या
Privilege प्रस्ताव लाएं - मैं किसानों के लिए लड़ूंगा।
जो भी ट्रेड डील किसानों की रोज़ी-रोटी छीने या देश की खाद्य सुरक्षा को कमजोर करे, वह किसान-विरोधी है।
अन्नदाताओं के हितों से किसान-विरोधी मोदी सरकार को समझौता नहीं करने देंगे।
भारत की तेल ख़रीद पर अब अमेरिकी निगरानी क्यों होगी?
भारत किससे तेल खरीदेगा, किससे नहीं - यह हमारी ज़रूरतें तय करेंगी या अमेरिका की मर्ज़ी?
भारत को मुनाफे का व्यापार करने पर रोक लगाने की हिम्मत अमेरिका को किसने दी?
प्रधानमंत्री जी, भारत का हित और स्वाभिमान बेचते वक़्त ज़रा भी शर्म नहीं आई?
Indians should move on from Narendra Modi.
It would be good for India to have a Prime Minister like Rahul Gandhi.
I strongly believe that if he gets 10–15 years as the Prime Minister, he will be remembered as one of the greatest Prime Ministers of India.
He believes in decentralisation of power and a strong, functioning democracy in India which is very important to offer the world an alternative to China.
India needs to be more India to become a great country, and only he can make that happen.
I hope every Indian realises this soon. It’s time to make that decision, we are already lagging behind.
77वें गणतंत्र दिवस पर कांग्रेस अध्यक्ष श्री @kharge का राष्ट्र के नाम संदेश-
मेरे प्यारे देशवासियों,
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की ओर से मैं आप सभी को 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई देता हूं।
भारतीय संविधान को अपनाए हुए 77वें साल में हम प्रवेश कर रहे हैं। संविधान भारतीय गणतंत्र की आत्मा है।
हम महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, मौलाना आज़ाद, सरोजिनी नायडू, बाबा साहेब डॉ. बी. आर. अंबेडकर और अनगिनत अन्य नायकों को भावभीनी श्रद्धांजलि देते हैं, जिनके अटूट समर्पण से भारतीय गणतंत्र को आकार मिला।
हम संविधान सभा के सभी सदस्यों का स्मरण करते हुए उनके असाधारण ज्ञान और दूरदर्शिता के प्रति विनीत हैं, जिन्होंने एक ऐतिहासिक दस्तावेज़ तैयार किया, जो विविधता में एकता के साथ हमारी आकांक्षाओं और सामूहिक इच्छा का प्रतीक है।
हम अपनी सेना, अर्धसैनिक बलों और सुरक्षा प्रतिष्ठानों के हर सदस्य को दिल से सलाम करते हैं, जिनका अनुकरणीय साहस और बलिदान राष्ट्र की संप्रभुता और अखंडता की सतत रक्षा करता है।
हम अपने वैज्ञानिकों और शिक्षकों के भी उतने ही आभारी हैं, जिनका राष्ट्र निर्माण में अमूल्य योगदान भारत की प्रगति को मजबूत करता है और ज्ञान, नवाचार और तकनीकी उत्कृष्टता के केंद्र के रूप में हमारी स्थिति मजबूत करता है।
हम अपने अन्नदाता किसानों के ऋणी हैं, जो श्रम से राष्ट्र का पेट भरते हैं और हर थाली तक भोजन पहुंचाते हैं। हम करोड़ों दिहाड़ी मजदूरों, श्रमिकों और गिग वर्कर्स के प्रति भी अपनी हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करते हैं, जिनके अथक हाथों से भारत ईंट दर ईंट खड़ा होते हुए आगे बढ़ रहा है। हम अपने कलाकारों, लेखकों और खिलाड़ियों की भी सराहना करते हैं।
आज, करोड़ों मनरेगा मजदूरों के संवैधानिक अधिकारों पर हमला हो रहा है। उनकी आजीविका छीनी जा रही है। जमीनी स्तर पर पंचायती राज संस्थाओं को कमजोर किया जा रहा है। वर्षों की मेहनत से बनाया गया अधिकार-आधारित सामाजिक कल्याण मॉडल तुगलकी फरमानों से खत्म किया जा रहा है।
आज संस्थागत गिरावट चरम पर है। वोट देने का अधिकार, जो लोकतंत्र का सबसे मजबूत स्तंभ है, उसे ध्वस्त किया जा रहा है। नागरिक अधिकार कुचला जा रहा है। संघीय ढांचे पर यह सरकार प्रहार कर रही है। "डबल इंजन" की सरकार विपक्ष शासित राज्यों को नुकसान पहुंचाने के लिए सभी संभव षडयंत्र रच रही है। जिस हवा में हम सांस लेते हैं, जो पानी हम पीते हैं और जो खाना हम खाते हैं - वे सभी भ्रष्टाचार के कारण प्रदूषित हो गए हैं।
हमारी भावी पीढ़ियां इस भ्रष्टाचार की कीमत चुका रही हैं। देश के कई हिस्सों में पुल गिर रहे हैं। नई बनीं सड़कें टूट रही हैं, पानी की टंकी उद्घाटन के पहले ही गिर रही है। "स्मार्ट" बनने के बजाय, हमारे शहर आम नागरिकों, खासकर सीनियर सिटीजन, बच्चों और दिव्यांगजनों के रहने लायक नहीं रह गए हैं।
स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर चरमरा गया है। हमारा स्वास्थ्य का ढांचा किफायती नहीं रहा। CAG ने पाया कि प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत 41% कार्ड फर्जी थे और 34% की जांच चल रही थी।
आज बेरोजगारी अपने चरम पर है और युवाओं को नौकरी देने के बजाय प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में 94% तक भ्रष्टाचार हो रहा है, जिसका खुलासा CAG की रिपोर्ट में हुआ है। आर्थिक असमानता खतरनाक हद तक पहुंच गई है। चंद चहेते अरबपति दोस्तों को देश के कीमती संसाधन सौंपे जा रहे हैं, जबकि छोटे और मध्यम कारोबारी परेशान हैं।
पिछले एक दशक में धार्मिक कट्टरपंथ पर आधारित एक कड़वे और विभाजनकारी एजेंडे ने हमारे देश के सामाजिक ताने-बाने को तोड़ दिया है। हमारे सबसे कमजोर समूह, जिनमें SC, ST, महिलाएं, हाशिए पर पड़े लोग और अल्पसंख्यक शामिल हैं, उनके साथ दूसरे दर्जे के नागरिकों जैसा व्यवहार किया जा रहा है। उनके खिलाफ हिंसा और अत्याचार की घटनाओं को सरकार नजरअंदाज कर रही है।
स्वतंत्रता सेनानियों के धर्मनिरपेक्ष आदर्शों और सिद्धांतों के प्रति समर्पित नागरिकों को महसूस हो रहा है कि उन्हें सुनियोजित प्रोपेगेंडा के जरिए निशाना बनाया जा रहा है।
इसलिए, मेरे प्यारे देशवासियों, समय की जरुरत है कि हम अपने संविधान के सिद्धांतों और भावना की रक्षा में मजबूती से खड़े हों। न्याय, स्वतंत्रता, समानता और भाईचारा.. ये वे स्थायी मूल्य हैं, जो हमारे संस्थापकों ने हमें दिए हैं और इनकी रक्षा करना हमारा पवित्र कर्तव्य है।
आइए, हम संविधान की रक्षा के लिए हर जरूरी बलिदान देने के लिए तैयार रहें। यही हमारे पूर्वजों के बलिदानों के प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
एक बार फिर, मैं गणतंत्र दिवस के इस गौरवपूर्ण अवसर पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं।
जय हिंद 🇮🇳
16 अक्टूबर 1998 दो बड़ी बजट फिल्में बॉक्स ऑफिस पर एक दूसरे से भिड़ गयी.
सुपरस्टार शाहरुख खान की KUCH KUCH HOTA HAI. और
सुपरस्टार गोविंदा CHOTE MIYAN BADE MIYAN.
'कुछ कुछ होता है' को करण जौहर ने बनाया था जिसमें समीर लिखे शानदार गीत और जतिन ललित का मधुर संगीत था.
वहीं 'बड़े मियां छोटे मियां' के निर्देशक डेविड धवन थे जिसमें विजु शाह ने दमदार म्यूजिक दिया था.
क्रिटिक्स को लगा कोई एक फ़िल्म कम बिजनेस करेगी. लेकिन दोनों फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया. रिकॉर्ड तोड़ कमाई की. तब गोविंदा बहुत बड़े स्टार थे.
इतिहास में दुबारा दो समकालीन असरदार फिल्में बॉक्स ऑफिस पर भिड़ने जा रही है. DHURANDHAR 2 और TOXIC एक ही दिन 19 मार्च को रिलीज हो रही हैं.
दोनों एक्शन थ्रिलर फिल्मों का ऑडिएंस को बेसब्री से इंतजार है. देखना दिलचस्प होगा, कौन ज्यादा कामयाब होता है.