बेसिक कंप्यूटर अनुदेशक भर्ती के परिणाम में शामिल अतिरिक्त अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन की तारीख घोषित o
24 जुलाई से 27 जुलाई तक होगा दस्तावेज सत्यापन का कार्य l
बीएड को लेवल प्रथम की विज्ञप्ति से बाहर करने में @TheUpenYadav का हाथ था। आंदोलन इसने ही करवाए थे ।
समय का चक्र घूमता है। अप्रैल का इंतजार करो। सबको ज़बाब देंगें
जिन निजी अस्पतालों में आमजन को राइट टू हेल्थ देने की बात सरकार कह रही है, जब वो ही विरोध में है तो फिर आमजन को यह अधिकार कैसे मिलेगा ? आंदोलनरत चिकित्सकों को विश्वास में लिए बिना यह अधिकार महत्वहीन है। मेरी मांग है कि राज्य सरकार अतिशीघ्र आंदोलन समाप्त कराएं।
इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या होगा कि धरती के भगवान कहे जाने वाले हजारों चिकित्सक राज्य सरकार की हठधर्मिता व संवेदनहीनता के कारण विगत कई दिनों से आंदोलनरत है, मरीजों का जीवन संकट में आ गया है। वहीं मुख्यमंत्री और चिकित्सा मंत्री दोनों आंदोलन को खत्म करने की बजाय बढ़ाने पर उतारू है।
#संभावना
BCI मे UR केटेगरी के 80-100 वालो को निम्न जिले मे फर्स्ट प्रायोरिटी मिलने की उम्मीद कम
जयपुर जोधपुर सीकर झुंझुनू बीकानेर दौसा
बाकी सभी केटेगरी को अपनी प्रथम प्रायोरिटी मिलने की पूरी उम्मीद
जुलाई में नियुक्ति अफवाह है 💯
जुलाई में नियुक्ति किस किस को देंगे 🤣🤣
1) कंप्यूटर अनुदेशक
2)PTI
3) REET
4) lab assistant भी है शायद 🤔
कुछ लोगों को कई दिन से मसाला नहीं मील रहा बस उसी के लिए उल्टा सुलटा बोल रहे है
नियुक्ति अप्रेल माह में हो जाएगी....
@TheDeepeshJJN
अस्पताल फ्री तो,इन्टरनेट फ्री हो,मीडिया चैनल भी फ्री हो,हवाई यात्रा,सिनेमा,ट्रेन,होटल+ खाना,रेस्त्रां,घर,बिजली,पानी,दुकाने,किसानो के लिए टूल खाद बीज़,कोचिंग संस्थान.फ्री स्टूडेंट हास्टल,राइट टू जॉब भी,सब फ्री हो बस tik tokऔर वीडियो बनाने का काम बचे!
#SayNoToRTH
और जैसे प्राइवेट अस्पतालों में यह बिल आया ही शिक्षा के लिए भी आना चाहिए फिर क्यूकी प्राइवेट स्कूल कॉलेज में सबको मुफ़्त शिक्षा का अधिकार होना चाहिए फिर
पर , लाखों करोड़ों की हेराफेरी होगी अगर उनसे बचना है तो सरकार को बिल के सभी बिंधुओ को विस्तार से डिफाइन करना होगा की किस केटेगरी में क्या आएगा जैसे एक एग्जाम्पल के तोर पर सामान्य पेट दर्द भी इमरजेंसी होगा और विकराल दुर्घटना भी इसलिए तमाम एसी कई बातें है सबको तर्कपूर्ण सूचना होगा
जैसे यह #RightToHealthBill लोग जायज़ समज रहे है वो यह भूल रहे है इस से हालत बद से बदतर होगी प्राइवेट अस्पताल बेहतर उपचार के लिए बनाये है क्यूकी सरकारी अस्पतालो के हालात तो जग ज़ाहिर है और अगर समय रहते इसमें बदलाव नहीं किया गया तो आने वाला समय और ख़राब हो सकता है । इमरजेंसी के नाम