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ई-कॉमर्स के नाम पर चल रहे इस खतरनाक फ्रॉड से सावधान हो जाइए...
भारत नक्कालों और मिलावटखोरों का देश तो पहले ही था, चोरी के तरीके भी वैज्ञानिक हो गए हैं। ना कोई सिस्टम, ना सुनवाई।
पुलिस के पास जाओ तो छोटा क्राइम बताकर झल्ला जाती है।
बेईमानी में स्वर्ण पदक भारतीय समाज का ही पक्का है।
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प्रिय अवध ओझा! मुसलमान नमाज़ पढ़ता है, क्योंकि पैगंबर मुहम्मद ﷺ ने नमाज़ को एक मुसलमान और गैर-मुस्लिम के बीच का सबसे बड़ा और बुनियादी फर्क बताया है। नमाज़ तब से अदा की जा रही है जबसे नमाज़ का हुक्म दिया गया है। मुसलमान मोदी सरकार से पहले भी नमाज़ अदा करता था, मोदी सरकार के बाद भी नमाज़ अदा करता रहेगा मुसलमानों की नमाज़ें किसी सरकार को बनाने या गिराने के लिए नहीं है। मुसलमानों की नमाज़ें किसी की पूजा पाठ के विरोध में भी नहीं हैं।
मुसलमान का यक़ीन है कि अल्लाह जो करता है, बेहतर करता है। मुसलमान का यक़ीन है कि बेशक अल्लाह बेहतर करने वाला है। मुसलमान परेशान नहीं हैं, बिल्कुल परेशान नहीं हैं। हाँ! उन्हें परेशान करने के लिए नए-नए हरबे अख्तियार किए जा रहे हैं। लेकिन मुसलमान का यक़ीन कुरान पर है और कुरान कहता है कि "और ये दिन हैं जिनको हम लोगों के बीच बदलते रहते हैं, ताकि अल्लाह ईमान वालों को जान ले और तुममें से कुछ को गवाह बना ले, और अल्लाह ज़ालिमों से प्रेम नहीं करता।"
इतिहास ऐसी दास्तानों से भरा पड़ा है कि हमेशा किसी की हुकूमत नहीं रही, जो सदियों तक बादशाह थे, आज उनके वारिस भी नहीं हैं। रहा सवाल मुसलमानों का तो मंगोलों का इतिहास पढ़ लीजिए, और आज मंगोल कौम किस धर्म की अनुयायी हैं, यह भी पता कर लीजिए।
ये शहादत-गाह-ए-उल्फत में कदम रखना है,
लोग आसान समझते हैं मुसलमाँ होना।
@baisoyasunil007 @qalbEhaq यह मूत पीने वाले और गोबर खाने वाले अगर सही मन से कुरान का ट्रांसलेशन पढ़ लेंगे तो उन को सही समझ में आएगा। किसी भी कुरआन की आयत का हवाला देने से पहले उस का शान ए नजूल समझना पड़ता है। मुझे dm करो मैं आप को हिंदी अंग्रेजी उर्दू मराठी भाषा में जो आप चाहें ट्रांसलेशन की लिंक दे दूंगा