🇮🇳 #मोदी_सरकार_के_12_साल_बेमिसाल
"सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण से सशक्त हुआ भारत, विकसित भारत की ओर निरंतर बढ़ते कदम।"
मा० प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के नेतृत्व में सेवा, सुशासन एवं गरीब कल्याण के सफल 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में...(1/4)
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मा० प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के नेतृत्व में सेवा, सुशासन एवं गरीब कल्याण के सफल 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में...(1/4)
आप सभी को महापर्व छठ की खरना पूजा की असीम शुभकामनाएं। सभी व्रतियों को सादर नमन! श्रद्धा और संयम के प्रतीक इस पावन अवसर पर गुड़ से तैयार खीर के साथ ही सात्विक प्रसाद ग्रहण करने की परंपरा रही है। मेरी कामना है कि इस अनुष्ठान पर छठी मइया हर किसी को अपना आशीर्वाद दें।
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लेकिन जिस के अन्दर दोषदृष्टी आ जाती है, वो समाज के लिए किये गये किसी भी मानवीय और खूबसूरत कृत्य को भी राजनीतिक चश्मे से देखने लगता है।
बस वहीं दोषदृष्टी समाजवादी पार्टी में प्रवेश कर गई, इस वजह इन लोगों ने ऐसा निर्णय लिया है।
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मैं जनता से अपील करती हूँ कि - अगर कभी मुझे गलत रास्ते पर पाओ तो मुझे रोकना
लेकिन जब मैं माफिया के खिलाफ खड़ी हूँ ,तो मेरा साथ देना क्योंकि पूजा पाल की लड़ाई व्यक्तिगत नहीं है- यह लड़ाई न्याय की है, यह लड़ाई हर बेटी, हर बहन ,हर माँ की है।
उत्तर प्रदेश की देवतुल्य जनता को मेरा प्रणाम 🙏
मेरी शादी राजू पाल जी से हुए मात्र 9 दिन ही हुए थे कि विधायक राजू पाल जी की 25 जनवरी 2005 को अतीक अहमद और अतीक का छोटा भाई अशरफ ने बड़े निर्मम तरीके से दिन दहाड़े हत्या कर दी थी तब तक गोली चलाते रहे जब तक राजू पाल जी के शरीर से प्राण नहीं निकल गये।
इस घटना से मेरा जीवन पूरी तरह से बदल गया। इस घटना ने जो मुझे दर्द दिया। इस दर्द की पीड़ा को एक अरसे लेकर के मुझे लगा की इसे किसी दूसरी महिला को इस तरह का पीडा न मिले और कोई दूसरी महिला पूजा पाल की तरह विधवा न बने।
मैं इसलिए सामाजिक और राजनितिक जीवन में आई। क्षेत्र की देवतुल्य जनता ने जो मेरे दुखः दर्द में मेरा साथ दिया। मेरी माताओं-बहनों,पिता तुल्य बुजुर्गो व नौजवान भाइयों ने मुझे वो राजनैतिक शक्ति दिये कि मै अपने प्रदेश की जनता के लिए कुछ काम कर सकू।
माफिया अतीक अहमद के सामने चट्टान बनके खड़ी रहू। जिससे की वो कृत्य न करने पाये। जो कृत्य उसने मेरे साथ किया। हर माता के लिए हर बहन के लिए हर भाई के लिए हर बच्चे के लिए उसके साथ खड़ा रहने का प्रयास करती रही।
इस प्रयास मे ना मैं कभी झूकी ना कभी बिकी और ना कभी टूटी हूँ जबकि मुझे पैसों के प्रलोभन दिये गये,मेरी हत्या की साजिश की गई। मेरे ऊपर तमाम मुकदमे लगाये गये, जो मुकदमे लूट-पाट, छिनैती, डकैती हत्या जैसे फर्जी मुकदमे लगाये गए तमाम तरीके के दबाव डाले गये, मेरे निजी जीवन में षड्यंत्र कर नुकसान पहुंचाया गया।
लेकिन मैंने कभी माफिया अतीक का समर्थन नहीं किया। जनता का आर्शीवाद मिला उन्होंने ताकत दिया। जिससे निर्भिक होकर अनवरत अपनी लड़ाई लड़ी और जनता की सेवा करती रही।
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एक समय ऐसा भी आया। मेरी यात्रा में जो मेरे क्षेत्र का माफिया था। जिन्हे समाजवादी पार्टी सरंक्षण देती थी। एक समय मुझे ऐसा लगा की समाजवादी पार्टी ने अपना पूरा कलेवर Change कर लिया है। जो अपनी नई चादर ओढ़ने जा रही है।उसमें माफियाओं का दाग धबा नहीं चाहिए मैं इस आशा विश्वास के साथ एक समय पर मैं समाजवादी पार्टी का हिस्सा बन जाती हूँ अब ये समाजवादी पार्टी पुरानी समाजवादी पार्टी से भिन्न है।
मगर सन् 2023 में प्रयागराज मे एक हत्या होती है। वो हत्या उत्तर प्रदेश के माफिया अतीक अहमद के बेटे असद के द्वारा की जाती है। उत्तर प्रदेश में शासन माननीय योगी आदित्यनाथ जी का था। उन्होंने तुरन्त ऐसे कृत्य करने वाले अपराधी का इनकाउंटर करा देते हैं। फिर धीरे-धीरे मुझे समाजवादी पार्टी के माफिया स्नेह और आशा से मुझे चोट पहुँचती रही।
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प्रदेश के बड़े माफियाओं का भी अन्त हुआ। यह न्याय सिर्फ पूजा पाल का ही नहीं था। बल्कि उन हजारों बहनों का था जिनकी मांगे सूनी कर दी गयी ,यह न्याय उन माताओं का था जिनकी गोद सूनी कर दी गयी ,यह न्याय उनका था जो बच्चे अनाथ हो गये ,यह न्याय उन बहनों का था जिन्होंने फिर अपने भाइयों के कलाइयों में कभी राखी नहीं बाध पाई।
यह न्याय सिर्फ पूजा पाल का नहीं था। उन हजारों दूसरी जिन्दगियों का न्याय था। और उन हजारों दूसरी जिन्दगियों के साथ कुछ गलत होने से बचा लेने का प्रयास था।
ये जो निर्णय हुआ था। यह मैं अपना धर्म समझती हूँ, अपना दायित्व समझती हूँ, राजनैतिक रूप से भी और सामाजिक रूप से भी। मैंने उसके बाद भी पार्टी नहीं छोड़ा।
कुछ महीनों बाद एक ऐसा समय आता है जहाँ भाजपा को एक वोट की जरूरत होती है। मेरे राजनैतिक सहयोगी द्वारा मुझसे एक वोट के सहयोग की बात रखते है।
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वर्तमान स्थिती मेरी ऐसी थी। मानों उनको एक वोट की जरूरत नहीं थी। मेरी अन्तर आत्मा ने मुझसे कहा की जिस लड़ाई के लिए मैंने राजनीति में कदम रखा न्याय पाने के लिए दरबदर भटकती रही।जीवन में अपने परिवार और दुश्मनों के षड्यंत्रों से घिरी जा रही थी। और उसी बीच मुझ जैसी विधवा महिला को न्याय मिला।
इससे बड़ी मेरे जीवन की क्या ही कामयाबी हो सकती है। जैसे लगा मानो मुझे मेरा सबकुछ मिल गया।
मैंने अपना एक वोट जो राज्यसभा में देने का काम किया। यह वोट पीड़ित विधवा की तरफ से था।ये वोट उन उत्तर प्रदेश की उन हजारों माताओं ,बहनों ,नौजवान, भाइयों ,और उन अनाथ बच्चों के हिस्से का था। जिनका इस वोट में अधिकार था।उन पीड़ित परिवारों की तरफ़ से माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को धन्यवाद था।
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लेकिन जो मेरा सबसे पहला दायित्व था। वो समाज के प्रति था। जो समाज के प्रति मेरा दायित्व था, उसका निर्वहन करते हुए चंद दिनो पहले विधान सभा में जो कुछ बोला उसको राजनैतिक नजरिये से न देखा जाना चाहिए था।
राजनैतिक नजरिये से देखना मेरे नजर मे तुछता है।सभी को राजनैतिक से परे जाकर के हित और अहित के नजरिये से देखा जाना चाहिए।