जब मोदी जी इटली में टॉफी खिलाते हुए reels बना रहे थे - पेपर लीक से त्रस्त भारत के युवा सड़कों पर न्याय मांग रहे थे।
क्योंकि NEET Paper Leak ने लाखों छात्रों का भविष्य बर्बाद कर दिया। कई बच्चों ने तो अपनी जान तक गंवा दी।
और मोदी जी ने न ज़िम्मेदारी ली, न धर्मेंद्र प्रधान को हटाया, न एक शब्द कहा।
अब जब छात्र, NSUI और INC के कार्यकर्ता न्याय की आवाज़ उठा रहे हैं - BJP की प्रदेश सरकारें उन पर लाठियाँ बरसा रही हैं।
जो सरकार छात्रों के सवालों का जवाब लाठी से देती है, वो जवाबदेही से नहीं - डर से चलती है।
पर हम डरने वाले नहीं हैं।
हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफ़ा नहीं देते और देश में पेपर लीक रोकने के लिए एक मज़बूत और सुरक्षित सिस्टम नहीं बनता।
यह लड़ाई हर उस छात्र के लिए है जिसका भविष्य इस नाकाम सरकार ने चुराया।
टैरिफ वार को लोग आधे ग्लास खाली की तरह देख रहे हैं जबकि आधा ग्लास भरे हुए की तरह कोई नहीं सोच रहा है। जब एक्सपोर्ट कम होगा तो चीज विदेश में विदेशियों की लिए महंगी ��ोगी, जो समान बहुतायत में बनेगा वो हमारे भारत के अंदर तो जनता के लिए सस्ती ही उपलब्ध होगी।
@GovindDotasra आपकी सरकार ने ही बंद किए थे छात्रसंघ चुनाव और आप��ी बोलती भी बंद कर दी उस टाइम तो बोल नहीं पाए आप
जैसे आपके राष्ट्रीय अध्यक्ष के सामाने इस्तीफे दिए तब क्यों नहीं दिए युवाओं के लिए
@AnilAgarwal_Ved इसी बात पर और शिक्षा में दिया गया आपका योगदान मेवाड़ के भामाशाह के समान है क्योंकि इस से किसी का घर का चिराग रोशन होगा तो दुआएं मिलेगी और आपका कर्म बढ़ेगा और निश्चित ही आपके परिवार का योगदान इस वीर भूमि पे एक वीर जन्म लेगा और इसे आगे ले जाएगा अनिल जी 🙏