कहीं राजस्थान में भी जंतर-मंतर जैसे हालात न बन जाएं… सरकार को तृतीय श्रेणी शिक्षकों के आंदोलन को बिल्कुल हल्के में नहीं लेना चाहिए।
तृतीय श्रेणी शिक्षक वर्षों से अपनी जायज़ ट्रांसफर की मांग कर रहे हैं। अब हजारों शिक्षक जयपुर के शहीद स्मारक पर धरने पर बैठने को मजबूर हो गए हैं, लेकिन उनकी बात सुनने के बजाय संवेदनहीन भाजपा सरकार आवाज़ दबाने में लगी है। बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं तक बंद कर दीं गई हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
हमारी मांग है कि सरकार को गंभीरता के साथ तुरंत शिक्षकों के प्रतिनिधियों से वार्ता कर इस मुद्दे का सकारात्मक समाधान निकालना चाहिए। अगर समय रहते संवाद नहीं हुआ, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी भाजपा सरकार की हठधर्मिता पर होगी।
@BhajanlalBjp@RajCMO
तृतीय श्रेणी शिक्षक लम्बे समय से स्थानांतरण की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। आज अपनी इस जायज मांग को लेकर जयपुर स्थित शहीद स्मारक पर उन्होंने धरना भी दिया |
जब शिक्षक ही अपनी मूलभूत प्रशासनिक समस्याओं के समाधान के लिए सड़कों पर उतरने को विवश हों, तो यह सरकार की संवेदनहीन कार्यप्रणाली को दर्शाता है।
मैं प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp से मांग करता हूँ कि इन शिक्षकों की पीड़ा को सुनते हुए जल्द से जल्द पारदर्शी रूप से तृतीय श्रेणी शिक्षकों का तबादला करने से जुड़ी मांग पर सकारात्मक निर्णय लिया जाये |
@RajCMO
@DrRanjeetMeena@madandilawar चुनाव कर वाने है थर्ड ग्रेड
लेकिन शिक्षा मंत्री जी तो हमे निकमा मानते है
और जो ये सारे काम न्ही करते है उनके 6 महीने मैं दो बार ट्रांसफर हो जाते है क्या है मंत्री जी जब आपकी पार्टी 3 महीने बाद चुनाव हार के दरवाजे पे खड़ी होगी तब हमारे वोट की याद आएगी तब आपको हमारी याद आ जाये
@Omrlp07 थर्ड ग्रेड शिक्षकों के साथ सौतेला व्यवहार जनगणना करवानी हो तो थर्ड ग्रेड शिक्षक पंचायती चुनाव करवाने हो तो थर्ड ग्रेड शिक्षक और SIR करवाना हो तो 3 थर्ड ग्रेड शिक्षक लेकिन ट्रांसफर करवाने हो तो सौतेला व्यवहार और जिनका इन काम मैं कोई योगदान नहीं वह लेक्चरर 6 महीने 2 baar transfer
@1stIndiaNews@RajGovOfficial@i_dimplesharma इनको बचो से और टीचर्स से क्या लेना देना इनको तो बस ऐसी वाली गाड़ी ऐसी वाली ऑफिस और इनको गर्मी नहीं लगती है बाक़ी बच्चे हो या टीचर हो गर्मी मैं मर जाये एक दिन ख़बर चलेगी और क्या होगा सता मैं चूर मंत्री जी