@ManoharMisqsf4 नदी का स्वभाव बहना था, पहाड़ का धर्म ठहरना। दोनों अपनी प्रकृति में सही थे, बस उनकी दिशाएँ अलग थीं। जीवन भी यही सिखाता है,हर बिछड़ना बेवफ़ाई नहीं होता और हर ठहर जाना प्रेम नहीं,कभी-कभी नियति दो अस्तित्वों के रास्ते अलग लिख देती है।
@ManoharMisqsf4 समाज ने अक्सर स्त्री की गलतियाँ तो गिन लीं, मगर उसके त्याग का हिसाब कभी नहीं रखा। कभी वह बेटी बनकर पिता की चिंता में बड़ी हुई, कभी बहन बनकर जिम्मेदारियाँ निभाईं, कभी पत्नी बनकर संघर्षों में साथ खड़ी रही और माँ बनकर अपना पूरा अस्तित्व संतान पर न्योछावर कर दिया।
Thank you for everything! किसी को आँखों की रोशनी चाहिए, किसी को अपने पैरों पर चलने की ताकत, तो किसी को पढ़ने का अवसर। हमारे पास जो सहज उपलब्ध है, वही किसी और का अधूरा सपना हो सकता है। इसलिए जीवन से शिकायतें कम, और जो मिला है उसके लिए कृतज्ञता अधिक रखिए।
मर्द भी टूटता है, मगर आँसू छिपा लेता है; थकता है, मगर मुस्कुरा देता है। वह चाहता है कि कोई उसकी कमाई नहीं, संघर्ष देखे, उसकी ख़ामोशी पढ़े, दर्द समझे। क्योंकि जो दुनिया के लिए मज़बूत बना रहता है, वह भी भीतर से कभी सहारा चाहता है।
ढल गई उम्र, झुर्रियों में सिमट गया चेहरा, मगर प्रेम आज भी उतना ही गहरा है। कभी-कभी सोचती हूँ, दो अनजान लोग कैसे एक-दूसरे का पूरा संसार बन जाते हैं। हाथ थामकर शुरुआत से अंतिम छोर तक साथ निभाना ही शायद प्रेम की सबसे सुंदर परिभाषा है।
❣️
सुनो लड़कियों, अगर जीवन में ऐसा पुरुष मिले जो तुम्हें समझे, सम्मान दे और हर परिस्थिति में तुम्हारा साथ निभाए, तो उसके प्रेम की कद्र करना। क्योंकि सच्चे प्रेम में केवल इंसान नहीं, कभी-कभी ईश्वर का स्वरूप भी दिखाई देता है। ❤️🙏
किसी स्त्री का सम्मान करना और उसके विश्वास की कद्र करना सीखिए। जो व्यवहार आप अपनी माँ-बहन के लिए स्वीकार नहीं करेंगे, वह किसी दूसरी स्त्री के साथ भी मत कीजिए। आज का युवा शिक्षित और समझदार है,उम्मीद है कि वह शिक्षा के साथ संस्कारों का भी महत्व समझेगा।
इसमें आपके संस्कार दिखते है
@ManoharMisqsf4 समाज में बदनाम औरत की कलम उठते ही कई शरीफ़ों के किरदार काँपने लगे। क्योंकि सच जब काग़ज़ पर उतरता है, तो चेहरों से नक़ाब और इज़्ज़त के पीछे छिपे चरित्र से पर्दा उठ जाता है। अक्सर समाज को पाप से नहीं, पाप के उजागर होने से डर लगता है।
🙏 @SonuSood और @PhysicswallahAP 🙏, जीत सरिता राघव जी के पति 4 वर्षों से कोमा में हैं।
परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहा है। कृपया इनकी कहानी देखें और संभव हो तो इलाज में मदद करें।
इंसानियत के नाते आपसे विनम्र अपील है।
एक बहन अपने कोमा में पड़े पति के इलाज के लिए संघर्ष कर रही हैं। चार वर्षों में उनकी जमीन तक बिक चुकी है।
🙏 कृपया जीत सरिता राघव जी का वीडियो देखें, अधिकाधिक साझा करें और सामर्थ्य अनुसार मदद करें। आपकी छोटी-सी मदद किसी की उम्मीद बन सकती है।
https://t.co/BLLzWIbCg5
एक बहन अपने कोमा में पड़े पति के इलाज के लिए संघर्ष कर रही हैं। चार वर्षों में उनकी जमीन तक बिक चुकी है।
🙏 कृपया जीत सरिता राघव जी का वीडियो देखें, अधिकाधिक साझा करें और सामर्थ्य अनुसार मदद करें। आपकी छोटी-सी मदद किसी की उम्मीद बन सकती है।
https://t.co/BLLzWIbCg5
कोई सात वर्षों तक प्रेम की प्रतीक्षा में ठहर जाता है, तो कोई नई ज़िंदगी बसा लेता है। न प्रतीक्षा प्रेम की एकमात्र कसौटी है, न आगे बढ़ना बेवफ़ाई का प्रमाण। हर इंसान की परिस्थितियाँ अलग होती हैं,प्रेम की सच्चाई समय नहीं, संवेदनाएँ तय करती हैं।
Men in love ❤️
दोनों ने लगभग छह साल के प्रेम के बाद 2020 में विवाह किया।
2022 में बिबेक को ब्रेन ट्यूमर का पता चला। सृजना ने बीमारी के दौरान उनका साथ दिया, लेकिन 19 दिसंबर 2024 को बिबेक का निधन हो गया।
Real love story ❤️
अक्सर लड़के-लड़कियों को सोशल मीडिया पर भावनात्मक पोस्ट देखते हुए पाती हूँ, जहाँ हर कोई धोखे और टूटे विश्वास की बात करता है। लेकिन एक सवाल है?
अगर हर किसी के साथ धोखा हुआ है, तो धोखा देने वाले कौन हैं?
क्या हम सब अपनी कहानी में पीड़ित और किसी दूसरे की कहानी में दोषी तो नहीं?
🤔
किसी की मदद करने के लिए धनवान होना आवश्यक नहीं, संवेदनशील होना आवश्यक है। देखिए, दूसरों से मिली भिक्षा भी इस व्यक्ति ने बौद्ध भिक्षुओं को समर्पित कर दी। संसार में सबसे बड़ा धन संग्रह करना नहीं, अपने हिस्से में से किसी और के लिए त्याग कर पाना है। ❤️🙏
रिश्तों में विश्वास टूटना दुखद है, लेकिन विश्वासघात के नाम पर किसी की जान लेने की साजिश उससे भी भयावह है।
वासना, स्वार्थ और अहंकार जब विवेक पर हावी हो जाते हैं, तब रिश्ते ही नहीं, इंसानियत भी दम तोड़ने लगती है।
रिश्ता तोड़ना विकल्प हो सकता है, किसी की जिंदगी छीनना नहीं।
💔