बेशर्म हीरोइन हो गई है
हीरोइन जितने अच्छे से फिल्मों में रोल अदा करके लोगों का मनोरंजन करती हैं
वैसे ही रियल लाइफ में ये ऐसे कपड़े पहनती हैं जिसकी वज़ह से कभी-कभी उनको भी अपने आप पर शर्मिंदगी महसूस होती है
राजस्थान के स्वास्थ्य संस्थानों में लैब की जांच से जुड़े कार्यों को हब एंड मॉडल के तहत निजी कम्पनियों को देने का निर्णय अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण व जनविरोधी है | यह निर्णय न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित करेगा बल्कि मरीजों, मेडिकल छात्रों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए गंभीर संकट खड़ा करेगा | निजी कम्पनियों को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से किए गए ऐसे निर्णय से मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर, इंटर्न, नर्सिंग स्टूडेंट्स और पैरामेडिकल स्टाफ की पढ़ाई और प्रशिक्षण पर सीधा असर पड़ेगा,मरीजों को जांच और इलाज के लिए अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा वहीं इमरजेंसी सेवाओं में देरी जानलेवा साबित हो सकती है साथ ही बार-बार अस्पताल के चक्कर लगाने की मजबूरी से आम जनता की तकलीफ बढ़ेगी। उदाहरण के तौर पर बताऊं तो थैलेसीमिया जैसे गंभीर रोगों से पीड़ित मरीजों को समय पर जांच और उपचार नहीं मिल पाएगा वहीं वर्षों से अल्प वेतन पर संविदा पर जो लोग कार्य कर रहे थे उन्हें उम्मीद थी कि कभी न कभी सरकार उनके साथ न्याय करेगी और वर्षों की मेहनत का उन्हें सकारात्मक फल मिलेगा मगर सरकार के ऐसे तुगलकी फरमान ने पहले से संविदा पर लगे कार्मिकों के भविष्य पर भी प्रश्न चिन्ह खड़ा कर दिया | मैं राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp को कहना चाहता हूं कि ऐसे निर्णय की तत्काल उच्च स्तरीय समीक्षा करके हब एंड मॉडल के तहत निजी कम्पनियों को दिए गए कार्य पर रोक लगाए | चिकित्सा क्षेत्र में ऐसे महत्वपूर्ण कार्य में निजीकरण को बढ़ावा देना प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए शुभ संकेत नहीं है |
@RajCMO
आभार माननीय सांसद महोदय , @hanumanbeniwal जी द्वारा जांचों के निजीकरण से कमजोर होती सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का मुद्दा उठाना आमजन के हितों के प्रति आपकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
प्रदेश के इस जनहित के इस महत्वपूर्ण मुद्दे को आवाज़ देने के लिए धन्यवाद। @1stIndiaNews@1K_Nazar
@BhajanlalBjp@RajCMO@GajendraKhimsar
MD NHM के आदेश में लिखा कि विषय विशेषज्ञ जांच लिखें ..
क्या PHC पर जो जांचे लिखी जा रही है उनके विषय विशेषज्ञ है?
दूसरी तरफ ऊपर से दबाव बनाया जाता है कि आप इन जांचों को शुरू कराए
सरकारी सेक्टर को सरकार,अधिकारी कमजोर करें
फिर निजीकरण ?
सरकार लैब टेक्नीशियन संवर्ग के भविष्य को खतरे में डालने का काम कर रही है एवं निजी लैब के हाथों में जांचों का कार्य सौंप कर राजस्थान की समस्त जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हैं युवाओं की सुनवाई हो निजीकरण बंद हो @8PMnoCM@Jitendr10505882
@BhajanlalBjp@KumariDiya@RajCMO@GajendraKhimsar
छूट देना केवल कागजी आदेश साबित हो रहे हैं
विभाग 2 साल में एक भी DPC नहीं कर पा रहा
अगर DPC हो भी जाए तो पदस्थापन की फाइल ही एक साल से अधिक समय ले लेती है
जिससे पदोन्नति का किसी कोई फायदा नहीं मिल रहा
समयबद्ध DPC हों
@BhajanlalBjp@GajendraKhimsar@KumariDiya@RajCMO
राजस्थान की विश्व स्तरीय सरकारी जांच व्यवस्था अब निजीकरण के नाम से सवालों के कटघरे मे
गलत जांचरिपोर्ट के दुष्परिणाम से जनहित में हमने पहलेही अवगत कराया था
दूसरे राज्यों में निजीकरण ने पूरे स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को धूमिल किया है
@BhajanlalBjp@RajCMO@RajGovOfficial@GajendraKhimsar@KumariDiya
विभाग के आला अधिकारियों से मालूम किया जा सकता है कि डेढ़ साल में LT संबर्ग
जांचों के निजीकरण करने के अलावा
सामान्य सी प्रकिया DPC
पदनाम परिवर्तन को रोकने सहित
ग्रेड पे/ भत्तों का
कोई काम किया है क्या?
माननीय CM साहब @BhajanlalBjp जी, माननीय डिप्टी CM साहिबा एवं वित्त मंत्री @KumariDiya जी बजट में कर्मचारी कल्याण के लिए वेतन विसंगति दूर करने की जो घोषणा की थी, प्रदेश के समस्त कर्मचारी आज के दिन ही वेतन विसंगति कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक करते हुए लागू करने की गुजारिश करते हैं।
मानवीय दृष्टिकोण से आपको आचार संहिता से पहले #खेमराज_कमेटी कमेटी की रिपोर्ट लागू करनी चाहिए ताकि अल्पवेतन भोगी कार्मिकों को राहत मिल सके, जो वर्षों से वेतन विसंगति का दंश झेल रहे हैं @artizzzz@_lokeshsharma@ashokgehlot51@RajCMO#LAB TECHNICIAN GRADE PAY 4200
कोरोना मे लैब टेक्नीशियन ने दिल से किया है काम
ग्रेड पे 4200(L-11) की एक ही है हमारी माँग 🙏
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