🪔 हर त्योहार अधूरा क्यों?
जब एक महिला लेखपाल अपने छोटे बच्चों के साथ 700–800 KM दूर ड्यूटी कर रही हो...
तब दीपावली की रोशनी भी अधूरी लगती है,
रक्षाबंधन की राखी भी अधूरी रह जाती है,
होली के रंग भी फीके पड़ जाते हैं।
लेखपाल केवल कर्मचारी नहीं, किसी के बेटे, बेटी, पिता, माता और जीवनसाथी भी हैं।
उनकी घर वापसी केवल स्थानांतरण नहीं, बल्कि हजारों परिवारों की मुस्कान है।
#लेखपाल_की_घर_वापसी
उत्तर प्रदेश के हजारों लेखपाल अंतरमंडली ट्रांसफर से पीड़ित है.
लेखपाल एक अल्प वेतन कर्मचारी है.
राजस्व परिषद व माननीय मुख्यमंत्री कृपया संज्ञान लें।
#लेखपाल_की_घर_वापसी