प्रिय @dpradhanbjp जी, आपका इमरजेंसी वाला वीडियो देखा। कब तक 'किशोर कुमार को गाने नहीं दिया' बेचते रहोगे? थोड़ी भी लज्जा है या नहीं? यहाँ बच्चे मरे, CBSE में जो आपकी कृपा से हुआ, UGC को तो आप विस्मृत ही कर चुके होंगे, पर हम स्मरण कराते रहेंगे।
@narendramodi जी, कब तक इस गधे को घोड़ा बना कर दिखाते रहेंगे? क्या आपकी पार्टी में एक योग्य व्यक्ति नहीं है शिक्षा मंत्रालय को आपकी ही पार्टी और संघ के 'पुराने विचारों' के अनुसार चलाने वाला?
और हाँ, ऐसे समय में PR मत करवाओ प्रधान जी, बहुत ही घटिया लगता है। आप लोग नई चीजें करो जैसे कि कॉकरोच गिरोह को कोई सड़क दे दो घेरने के लिए, फिर सारी बात उन्हीं की होगी। ये आईडिया अच्छा है।
इसलिए लोग कहते हैं पढ़ा लिखा नेताओं से पंगा नहीं लेना चाहिए
जीतन राम मांझी:- भरत तिवारी कोई क्रांतिकारी नहीं था, अवैध पिस्टल दिखाकर पुलिस या पूरे सिस्टम को चुनौती देने वाले को करारा जवाब मिला
प्रशांत किशोर:- जीतन राम मांझी में इतना दम है तो वो पुलिस और प्रशासन को छोड़ के ज़रा गांव में आ जाए तो पता चल जाएगा की जीतन राम मांझी ठीक कह रहे है या ग़लत कह रहे है,
शेर ए बिहार, जननायक प्रशांत किशोर की जनसुराज भरत तिवारी प्रकरण में बेबाकी से तटस्थ है 🔥
रत्ती भर भी लज्जा नहीं आई ये ट्वीट लिखते हुए? कब तक इस पतित को बचाते रहोगे? कौन सी विवशता है सिवाय इस ईगो बैटल के कि जनता के दवाब में तो नहीं हटाऊँगा?
समाज में इस व्यक्ति को ले कर जो भाव हैं, और @narendramodi का जो यह इंडोर्समेंट है, वह बताता है कि इस सरकार ने शिक्षा को अपनी अंतिम प्राथमिकता बना रखा है।
भरत तिवारी जी के घर पर यह भीड़ देखकर समझ
जाये की
बिहार के राजनीति मे बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा
मुख्यमंत्री चेहरा भी बदल सकता है भाजपा अपना
क्यूकी एनकाउंटर करवाने वाले मुख्यमंत्री से बहुत
लोग नाराज है ,,
गलत आदमी के हाथो मे सत्ता चला गया है बिहार मे ।
चाहे जिस पार्टी के अहीर हो सभी मोहन यादव की सैकड़ो एकड़ प्लाट के बचाव में आ गए है
यह बताओ अहीरों यह तो तुम्हारा ही नारा है ना कि जिसकी जितनी संख्या भारी उसकी उतनी हिस्सेदारी
फिर किस अधिकार से अहीर मोहन अहीर तेजस्वी और अहीर अखिलेश
अकेले सैकड़ों एकड़ के प्लांट के मालिक हैं और नाई दरजी के पास दो बीघा भी नहीं है
तत्काल प्रभाव से इन लोगों की प्रॉपर्टी छीन कर नाई तेली दर्जी आदि में बाटा
जाए
श्री @dpradhanbjp जी, ये बिलकुल मत सोचना कि NEET समापन होते ही तुम्हारे सर से तलवार हट गया है। तुम निकृष्ठ थे, हो और सदैव रहोगे।
चाहे कितना भी PR करवा लो, हम तुम्हें छोड़ने वाले नहीं हैं। थोड़ी भी लज्जा है तो त्यागपत्र दो और किसी नए को बैठने दो। हालाँकि, नया भी क्या उखाड़ लेगा, वो हमने देख रखा है, पर हृदय को थोड़ी शांति अवश्य मिलेगी।
CBSE की रीचेकिंग में बच्चों के अंक 20-30% तक बढ़े हैं। कोएम्प्ट को टेंडर किस आधार पर दिया गया था, वह भी पूछा जाएगा।
ये कॉकरोच और लहसुन के वीडियो तो चलते रहेंगे, पर तुम से और @narendramodi से पूछा जाता रहेगा कि ऐसा क्या बिगाड़ा है इस समाज ने कि @BJP4India को आज तक शिक्षा सुधारने के लिए एक भी उचित व्यक्ति नहीं मिला?
लग रहा है सम्राट चौधरी के लिए भरत तिवारी का फर्जी एनकाउंटर गले की फाँस बन गया है
प्रशांत किशोर ने कहा है अगर 15 दिन में न्याय नहीं मिला तो वह CM हाउस का घेराव करेंगे
भरत तिवारी ही भारत में पुलिस रिफॉर्म्स की नींव बनेगे
चंपत राय जी का न्यासी पद छोड़ने के बजाय पुनः मंदिर के कार्यक्रम में शामिल होना दुर्भाग्यपूर्ण है। कानून अपना काम करता नहीं दिख रहा है, यह भरोसा तोड़ने वाला है।
सुनो रे झोपड़ी वालों,
फूलन देवी डकैत थी, हत्यारी थी , लूटपाट करती थी। फूलन देवी ने अपने जीवित रहते हुए किसी का कोई भला नहीं किया, किसी के लिए नहीं लड़ी। यहाँ तक कि अपने समाज के लिए भी नहीं लड़ी।
लेकिन भरत तिवारी न डकैत था, न हत्यारा, न लुटेरा, न बलात्कारी। भरत तिवारी का तरीका गलत हो सकता है, लेकिन वह समाज के लिए लड़ता था।
एक उदाहरण बताओ, जब उसने यह कहा हो कि मुझे अपना घर भरना है या अपने लिए बदला लेना है?
बिहार में जब से राज्यपाल सैयद अता हसनैन साहब आए हैं, विश्वविद्यालयों में विचित्र समस्याएँ होने लगी हैं। पहले की एड-हॉक नियुक्तियाँ रद्द की जा रही हैं, और उनकी जगह पर किसे रखा जाएगा यह पता नहीं है।
लेकिन मुख्य समाचार वह नहीं है। हाल ही में बिहार में 'डिग्री कॉलेज' खुले हैं और उसमें नियुक्तियाँ होनी थी। चूँकि कॉलेज है तो, अर्हता कॉलेज स्तर के प्रोफेसर की होनी चाहिए, परंतु इन्होंने कह दिया कि स्कूल के जिन शिक्षकों के पास पीएचडी है, वो इन डिग्री कॉलेजों में पढ़ा सकते हैं। कोई लॉजिक नहीं है इस बात का।
इन्होंने विश्वविद्यालयों में नियुक्तियों के लिए जितनी बार ड्राफ्ट नियम निकाले, हर बार वो UGC के विरोध में थे। जैसे कि MPhil का कॉन्सेप्ट अब नहीं है, पर इन्होंने वो भी जोड़ा। पीएचडी सर्वोच्च डिग्री है, पर वेटेज JRF का 18, पीएचडी का 10 किया है।
डिग्री कॉलेज का सत्र 1 जुलाई से आरम्भ होना है और आज यह अधिसूचना आई है कि 9-12 तक को पढ़ाने वाले शिक्षक, इन कॉलेजों में पढ़ाएँगे। गवर्नर साहब यह तो बताएँ कि 7 दिनों में शिक्षक से प्राध्यापक वो कैसे बन जाएँगे और विषय की गहराई कैसे माप लेंगे?
और, ये नियुक्तियाँ आप प्राध्यापक के पदों पर पूरे राज्य में एड-हॉक पर पढ़ाने वाले युवा प्रत्याशियों को नहीं दे सकते थे? इतने दिन से विभाग कर क्या रहा था? क्या UGC की गाइडलाइंस पढ़ने वाला कोई नहीं मिला या अपने विवेक से ऐसे निर्णय लिए गए?
आपने PET के माध्यम से जो बच्चे नियुक्ति पाते थे, उसे किस कारण से निरस्त कर दिया गया? अब बिहार के बच्चे क्या करेंगे जो NET की जगह PET के माध्यम से आया करते थे? आप बिहार में एकरूपता कैसे ला सकते हैं जहाँ बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में कॉलेज ३ महीने चल ही नहीं पाते?
राज्यपाल महोदय से आग्रह है कि थोड़ी प्रैक्टिकैलिटी लाएँ, CM @samrat4bjp इसे देखें कि उच्च शिक्षा विभाग कर क्या रहा है। बिहार आख़िर UGC रेगुलेशन को क्यों फॉलो नहीं कर रहा? बच्चे NET क्वालीफाई कर के बैठे हुए हैं और आप स्कूल के शिक्षकों को किस आधार पर प्रमोट कर रहे हैं?
@ABVPVoice आप लोग क्या कर रहे हो? सड़कों पर उतरो ये आप ही लोगों के अधिकार की बात है।
चंपत राय ट्रस्ट का गिरोह ऐसा अनैतिक है कि इन लोगों ने अभी तक मंदिर परिसर से स्वयं को अलग नहीं किया है। ये वहीं जमे हुए हैं।
हर दिन ऐसी कहानियाँ आ रही हैं कि हमारी चाँदी की 200 ईंटें रख लीं, रसीद नहीं दिया; हमारी कागभुशुंडी की मूर्ति ले ली, रसीद नहीं दिया; हमारे सोने की मूर्ति ले ली, रसीद नहीं दिया…
ये लोग इतने आरोपों के उपरांत भी न तो ट्रस्ट से सांकेतिक रूप से हट रहे हैं, न इसका खंडन कर रहे हैं। पर हाँ, भाजपा-संघ आदि ने अब त्यागपत्र, पद से हटने की परंपरा समाप्त कर दी है।
चार छोटे लोग हटा दिए जाएँगे, सही जवाबदेही कभी तय
नहीं हो पाएगी।
मैं नाम नहीं लूंगा आप गूगल कर लेना , एक शोषित वंचित पीड़ित जाति है जो खुद को आधी क्षत्रिय मानती है और पूरे तैश में जीती है । इस जाति से 4 महानायक मुख्यमंत्री देश के विभिन्न राज्यों को मिले हैं । इनकी जाति के समर्थक हमेशा जाति के नाम पर इनकी आंद कोश चाटने को तैयार रहते हैं । इन महानायक मुख्यमंत्रियों के कारनामे शानदार है
1. साहेब जब मुख्यमंत्री बने तो भयंकर गुंडागर्दी मचवाई और अपने प्रदेश का चारा और अपने समर्थकों की जमीन ही खा गये । अपने परिवार के सदस्यों को नेता बनवाया
2. दूसरे ने भी भयंकर गुंडागर्दी मचवाई और ISIS से संबंध रखने वाले को भी टिकट दिया , राम भक्तों पर गोली भी चलवाई , अपने परिवार के सभी सदस्यों को राजनीति में करियर दिया ।
3. तीसरे महोदय दूसरे साहेब के सुपुत्र हैं बालू चोरी से लेकर आवास के टोंटी चोरी करने तक में महोदय ने महारत हासिल की ।
4. चौथे नए नवेले सरकार बने हैं हमेशा कुछ न कुछ कंट्रोवर्सी कर देते और बचने के लिए IT CELL से खूब ट्वीट पर ट्वीट करवाते रहते हैं , साहेब ने परिवार वालों के नाम पर करोड़ों के जमीन खरीद ली ।