यह मादरजात जाहिल कभी नहीं सुधरेंगे इनका यही रंडी रोना है देखो मेरा यहा का तथाकथित राजा का रूतबा ऐसा है तुम्हारे यहां का राजा का रुतबा कम है इन राजा लोगों को झांट फ़र्क नहीं पड़ता तुम क्या सोचते हो रही बात भदरी वाले राजाजी की तो रुतबा एसा हे कि खुद की बीबी ने केस ठोक कर रखा है
प्रतापगढ़ की भदरी तालुकदारी 96 गाँव की जागीर थी लेकिन आप कुंवर रघुराज प्रताप सिंह का रुतबा देखिये। बृजभूषण शरण सिंह तो
किसी जागीर से भी सम्बंधित नहीं बल्कि एक बड़े किसान के बेटे हैं लेकिन ठसक देखिये ।
और एक हमारे राजकुमार लक्ष्यराज सिंह हैं जो देश की सबसे बड़ी रियासतों में से एक, देश के सबसे प्राचीन राजवंश मेवाड़ से सम्बंधित हैं, वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप के सीधे वंशज हैं लेकिन हर ऐरे गैरे नत्थूखैरे को महल बुलाकर बग्गी में घुमाते हैं फिर उसे मीट पकाकर खिलाते हैं।
विनम्रता अच्छी बात है लेकिन विनम्रता का अर्थ हल्कापन नहीं है। लक्ष्यराज की बातो और व्यक्तित्व में हल्कापन है जो क्षत्रिय की पहचान नहीं।
अलीकडे अशोक मोरे / मौर्य आणि छत्रपती शिवाजी या दोन सजातीय राजांची तुलना करून फुकटचा वाद निर्माण केला जात आहे. पण इतिहास हे सांगतो की मगधच्या मौर्य वंशजांनी बौद्ध धर्म कायमचा सोडून पुन्हा वैदिक धर्मात प्रवेश केला. पुढे हेच शाहाण्णव कुळी मोरे / मौर्य मराठा साम्राज्याचे सेनापती बनले
यह कमीण हरामखोर भड़वो जितना नुकसान आम राजपूतों का किया उतना किसी नही करा इन हरामखोरो के अनुसार आज भी राजपूत इन मक्कार भड़वो के झुंड को अपना राजा ओर कुल का मुखिया माने ओर इनकी पूजा करें
छोटू सिंह रावणा तो बस शतरंज का प्यादा है असली खेल तो पीछे बैठे राजदरबार के अनुभवी खिलाड़ी खेल रहे हैं जिनके लिए आम क्षत्रिय सिर्फ भीड़ है और खुद को वो आज भी ताजधारी समझते हैं
राजस्थान के क्षत्रियों का वर्चस्व खत्म नहीं हुआ उसे धीरे धीरे घोंट कर खत्म किया गया और सबसे मज़ेदार बात यह है कि यह काम किसी दुश्मन ने नहीं बल्कि अपने ही राजपरिवारों ने बड़ी नफ़ासत से किया
आज़ादी के बाद जब क्षत्रियों को 51 सीटों का आरक्षण मिलने की बात थी तब असली डर बाहर वालों से नहीं था डर था इन महलों में बैठे लोगों को कि कहीं खेत में हल चलाने वाला क्षत्रिय भी उनके बराबर खड़ा न हो जाए इसलिए अधिकार की थाली खुद ही लात मारकर गिरा दी गई और आज उसी पर विलाप भी नहीं है
और अब जब कोई रवींद्र सिंह भाटी जैसा व्यक्ति खड़ा होता है जो दरबार में हाज़िरी लगाने नहीं जाता तो समस्या यह नहीं है कि वह किसी विचारधारा से जुड़ा है समस्या यह है कि वह झुकता नहीं है और यही सबसे बड़ा अपराध है
सच तो यह है कि राजपरिवार और क्षत्रिय का रिश्ता अब खून का नहीं स्वार्थ का रह गया है बाहर से एक जैसे दिखते हैं लेकिन अंदर से दो अलग समाज बन चुके हैं एक जो आज भी ताज के सपने देखता है और दूसरा जो अपने हक के लिए लड़ना चाहता है
अब फैसला क्षत्रियों को करना है कि वो इतिहास की तस्वीर में फ्रेम बनकर रहेंगे या खुद तस्वीर बनेंगे
The Mughals came and settled in the subcontinent, married local women, and by Aurangzeb's time they were half-Rajput by blood. They invested everything they had in India, that's why you have buildings like the Taj Mahal and Red Fort etc. They wore Indian clothes, died in India, and are even buried there.
Priyanka should stick to making flop movies. History and politics are not her forte.
आप कुछ भी कह दो यह जाहिल लोग चुनाव के टाईम रुड़ी को सपोर्ट करेंगे क्योंकि गंवार पन खून में इनके अब भी कुछ बेनचोद फलाने जात वाले नेताओं को गाली दे रहे अरे भड़वो वो नेता अपनी जात के समर्थक हैं ना कि राजपूत नेताओं की तरह नपुंसक
सारण के MP है राजीव प्रताप रूडी, जिनको चुनाव से पहले राजपूताना याद आता है अपना और सांगा यात्रा निकालते है। जीतने के बाद उनको कोई मतलब नहीं इन सब चीज़ो से, सीधे जा कर इंडिगो में पायलट बन जाते है। जैसे मोदी मौसमी हिंदू है वैसे ही रूडी मौसमी राजपूत।
में जब चुनाव रिजल्ट के समय यह कह रहा था कुछ बकचोद कह रहे थे इतने विधायक जीतने से दबदबा बढ़ेगा अब यह तथाकथित दबदबा वाले कहा गये ऐसे नेताओं ओर उनके लाड़ चाटने वाले को नर्क भी नसीब नहीं होगा
कहने को बिहार प्रदेश में सबसे ज्यादा अगर किसी जाति से विधायक आते हैं, तो वे राजपूत समाज है, कुल 32, मगर किसी का मुंह नहीं खुल रहा है, यही है वास्तविकता जाति के नेताओं की, आम आदमी इनके लिए चूहा बिल्ली जैसा है..
#सारण_रेपिस्टों_को_फांसी_दो#JusticeForRamya
Heartbreaking incident in Saran, Bihar: A 15-year-old minor girl was ambushed while fetching firewood by Yuvraj Kumar & 4 friends from the Dalit Paswan community.
They dragged her to the bathroom or an abandoned house, gang-raped her, then threw her into a well as her mother arrived. She screamed in agony for 30 mins before dying despite family's rescue efforts.
Main accused arrested; posted chilling WhatsApp status lip-syncing Bhojpuri song: "Rani hum bana lehab tohara ke dulhiniya… agar koi bola toh ghar me ghuskar sabko m*** dalenge…" Threatened to kill her family.
Still 4 culprits are not arrested.
Yet ruling party BJP, JDU, LJP silent. Why the hush from opposition RJD, Congress & mainstream media?
We Demand justice for our sister:
#EncounterInSaranCase #JusticeForVictim
British period Rajput rulers is fucking Cowerds They treated bootlicking the British as something honorable.
We Rajputs make illogical arguments again again to glorify these rulers, but the truth is bitter.
Vassalage was not necessarily bad during the time of the Timurid (Mughal) Empire. Rajput states shared power with the emperor and held honorable positions within the imperial court. Rajput rulers served as generals, provincial governors and administrators.
and embraced a European style of monarchy.
In the end, they became closer to Brahmins and Banias than to common Rajputs. their courts were filled with Brahmins, Banias, and corrupt feudal lords.