@ShamaParveen70 जुनैद भाई मोहब्बत की दुकान चला रहे है। 41° की भीषण गर्मी मे भी इनके चेहरे पर मुस्कुराहट और सेवा का भाव देखा है मैंने! सभी भाई जन्तर मंतर पर पहुँचे और 20 बच्चो की आत्म हत्त्या का हिसाब मोदी जी से मांगे!
इंसानियत का कोई धर्म नहीं होता, उसका सिर्फ़ एक नाम होता है मोहब्बत।
सहारनपुर की सुनीता अरोड़ा 180 किलोमीटर का सफर तय करके जंतर-मंतर सिर्फ़ इसलिए पहुँचीं क्योंकि उन्होंने रोज़ एक नौजवान, मोहम्मद जुनैद, को बिना किसी भेदभाव के लोगों की मदद करते देखा था।
मुलाकात होते ही सुनीता जी की आँखें भर आईं। उन्होंने कहा "बेटा, तेरी माँ तुझसे मिलने सहारनपुर से आई है ऐसे ही हिंदू-मुस्लिम एकता और इंसानियत की मिसाल बनकर लोगों की सेवा करते रहना" यह दृश्य बता गया कि नफ़रत की दीवारें चाहे जितनी ऊँची हों, इंसानियत और मोहब्बत उन्हें हमेशा पार कर जाती है।
यही है भारत की असली पहचान प्यार, भाईचारा और इंसानियत।
ऋषि कुमार शुक्ला ने खुदकी बेटी के साथ गलत काम करने की कोशिश की है।
ये रो रो कर खुद उसकी बीवी और बच्ची की माँ नेहा शुक्ला बता रही है।
मगर इस मुद्दे पर स्वघोषित सर्वश्रेष्ठ जींस वाले ठेकेदार नहीं बोलेंगे।
विषवास कुमार और चित्रा जैसे जातिवादी नहीं बोलेंगें।
फटे बांस जैसी आवाज वाली नर्मदा भी चुप रहेगी क्योंकि मामला नाम पर फंस गया है।
@ChandanSharmaG झूठी खबर फैलाने वाले कुत्ते चंद डॉलर कमाने के लिए कुछ भी बोलता हैं।
ये नहीं बताया की डॉक्टर ने जब उस गाय को चेक किया तो पता चला वो बीमार है।और उसका इलाज होते ही वो ठीक हो गई।
जिसके कारण मुखपुत्रो की एक नई दुकान खुलते खुलते रह गई।
मुखपुत्रो का नुक्सान हो गया
क्या अब देश का चौथा स्तंभ की जमीर मर गई है शर्म नहीं आती ऐसी रिपोर्टिंग करते हुए!!
लोकतंत्र के चौथे स्तंभ से अपेक्षा थी कि वह आईना दिखाएगा, लेकिन यहाँ तो आईना ही तोड़ दिया जा रहा है!!
कानपुर में एक मुस्लिम महिला ने आरोप लगाया है कि उर्सुला सरकारी अस्पताल में दवा लेने से पहले उनसे हिजाब हटाने के लिए कहा गया। उनका दावा है कि मुस्लिम महिलाओं को विशेष रूप से निशाना बनाया गया।
शामली धर्म परिवर्तन केस में नया मोड़
आयुष ने मीडिया से बात करते हुए अपने बीवी और ससुर के जेल भेजे जाने का विरोध करते हुए कहा "Alhamdulillah I'm Muslim" मतलब अल्लाह का शुक्र है वो मुसलमान है।
मुसलमान होना इतना आसान नहीं है।
मीडिया का खुल कर सामना करना पड़ता।
दुनियावी शोहरत छोड़नी पड़ती। मोहम्मद अली भाई ने टोपी वाली पोस्ट नहीं डिलीट की जबकि इंस्टाग्राम चलाना छोड़ दिया।
अल्लाह भाई का आगे का सफ़र आसान करे।