बिहार में मेरे पिताजी की मृत्यु हो चुकी है और मैं अभी ट्रेन में हूँ।
मैं गुड़गाँव से बिहार जा रहा हूँ। मैं अंतिम बार अपने पिताजी को नहीं देख सका।
इस व्यक्ति के दर्द की झलक उसकी आँखों में साफ दिख रही है।
इसके साथ बहुत बड़ा अन्याय हुआ है।
बिहारी होने का यही सबसे बड़ा दर्द है, जिसका कोई इलाज नहीं।
माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षकों के लिए केंद्रीय वेतनमान, प्रमोशन एवं अध्यापन कार्य में आने वाली छोटी-बड़ी समस्याओं के समाधान हेतु माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालय शिक्षक संघ का गठन करने का निर्णय लिया गया है। अभी अगर इस संघ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाना चाहते हैं तो हमसे 8809821470 पर संपर्क करें।
बिहार में शिक्षकों को पहले शीतकालीन अवकाश दिया गया फिर उसमें ट्रेनिंग के लिए टैग क्या जा रहा है। मतलब उनकी मानवीय भावनाओं का इस विभाग में कोई सम्मान शेष नहीं रह गया है। @BiharEducation_@NitishKumar@EduMinOfIndia
बांग्लादेश का अनाज भंडार लगभग खात्मे के पास है....
और बांग्लादेश सरकार ने आधिकारिक तौर पर भारत सरकार से रियायती दर पर 50,000 टन चावल देने का अनुरोध किया है
चाहे जो करना पड़े.... अपना विरोध उस सीमा तक दर्ज कराइये कि भारत सरकार सभी अंतर्राष्ट्रीय दबाव खारिज कर इस अनुरोध को ठुकरा दे....
और कहीं से कँगलों को ये चावल लेना कहीं ज्यादा मंहगा पड़ेगा...
पेट पर ला••त मारो सालों के.... बिलबिलाएंगे फिर
भु•ख•म•री फैलने दो
चावल नहीं जाना चाहिए!
*बंग्लादेश*
*सेवानिवृत्त हिन्दू शिक्षक की विदाई*
*अगर आप भारत में ये सब नही देखना चाहते*
*तो हमे एक बार फिर कुरुक्षेत्र में आना होगा*
*अफसोस*
*आज दिल्ली में राम है और यूपी में श्याम*
*लेकिन हनुमान और पांडव कहाँ है*
*क्या आप बता सकते है*
📢 पूरे बिहार के शिक्षकों के लिए आवश्यक सूचना
जिला कार्यालयों द्वारा लगातार शिक्षकों का वेतन लंबित छोड़ा जा रहा है। बार-बार अनुरोध के बावजूद कई जिलों में HRMS अपडेट, ऑनबोर्डिंग और वेतन भुगतान में गंभीर लापरवाही जारी है।
जिनका भी वेतन/HRMS अपडेट लंबित है, वे तुरंत शिकायत दर्ज करें:
📞 14417
📞 1800-345-4417 (Toll Free)
✔ आपकी बात ध्यान से सुनी जा रही है
✔ शिकायत दर्ज होते ही कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो रही है
✔ यह पूरी तरह सुरक्षित, निःशुल्क और शिक्षक के अधिकार का हिस्सा है
लाइन व्यस्त मिले तो बार-बार कॉल करें—कॉल जरूर लगाएँ और बात जरूर करें।
प्रधान शिक्षक सूचना केंद्र — बिहार
आपकी आवाज़, आपका अधिकार।