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Epstein File
Adani Case
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=Compromised PM
राज्यसभा चुनाव में निर्वाचन अधिकारी द्वारा जारी आदेश में भाजपा के तीसरे प्रत्याशी की ओर से अधिकृत आपत्तिकर्ता व्यक्ति में 'श्री जस्टिस रोहित आर्या' का नाम लिखा हुआ हैं।
जस्टिस रोहित आर्या मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश हैं और रिटायर्ड जस्टिस आर्या ने राज्यसभा निर्वाचन अधिकारी के समक्ष भाजपा प्रत्याशी की ओर से आपत्तिकर्ता बनकर भारतीय संविधान के अनुच्छेद 220 का उल्लंघन किया हैं।
भाजपा द्वारा लोकतंत्र की हत्या कर सीट चोरी किस तरह से की गई हैं कि एक अनाधिकृत, अपात्र व्यक्ति भाजपा प्रत्याशी की ओर से आपत्तिकर्ता बनता हैं। हम इस पर आपत्ति दर्ज कराने वाले हैं।
: पूर्व मंत्री श्री @JVSinghINC
📍प्रेस वार्ता, गुना
"You are maligning the character of the nation by saying Muslims are not safe in India" says @KirenRijiju
Here one of many such incidents from India. A Bajrang Dal goon Ganesh Vanzara and his associates from Naroda, Ahmedabad, Gujarat, intimidating a Muslim migrant from Uttar Pradesh and ordering him to vacate his rented home in a predominantly Hindu locality. Those present can be seen cheering and celebrating the act.
The accused is himself proudly sharing this video on his Instagram account because he very well knows, Police will take no action against him. Home Minister @sanghaviharsh will not ask police to take action against the goons. Such acts of intimidation have become so normalized that even Media doesn't bother to highlight these incidents. Local Politicians don't want to comment on such issues as it will hurt their vote bank.
Sorry @KirenRijiju, If I have maligned the Nation by highlighting the fact.
नरेंद्र मोदी अपनी विदेश यात्रा में ट्रंप से मिलने वाले हैं।
जब वे ट्रंप से मिलेंगे तो उनके बीच की केमिस्ट्री बताई जाएगी, My Friend Trump कहा जाएगा, लेकिन मेरे मन में एक सवाल आता है कि क्या नरेंद्र मोदी, ट्रंप से हाथ मिलाएंगे?
ऐसा इसलिए क्योंकि जब पहलगाम का नरसंहार हुआ था, तब भारत-पाक के मैच को जस्टिफाई करने के लिए भारतीय खिलाड़ियों ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाया था।
उस समय पाकिस्तान हत्यारा था- आज अमेरिका हत्यारा है।
ट्रंप की सेना ने हमारे लोगों की हत्या कर दी, लेकिन मोदी सरकार ने क्या किया?
⦿ क्या हमने किसी भी इंटरनेशनल फोरम में कहा कि इस मामले की जांच हो
⦿ क्या हमने सार्वजनिक रूप से कड़े शब्दों में कहा है कि अमेरिका ने गलत किया है
⦿ क्या हमने ये कहा कि अमेरिका ने नियमों का उल्लंघन किया है
⦿ क्या हमारे देश के लोगों को ये आश्वासन दिया गया है कि ऐसी हत्याएं दोबारा नहीं होंगी
नरेंद्र मोदी की सरकार ऐसा कुछ भी नहीं कर पाई। बड़ी ही दबी जुबान में किंतु-परंतु करते हुए विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 13 जून को अमेरिकी Chargé d'Affaires को तलब किया, जो एक रूटीन Diplomatic Exercise है।
इसके बाद जयशंकर जी ने मीडिया के सामने बयान दिया कि हमने अमेरिका के सामने आपत्ति जताई है और कहा है कि ये हत्याएं जायज नहीं हैं।
लेकिन कुछ ही देर बाद अमेरिका के विदेश सचिव मार्को रुबियो का बयान आता है, जिसने नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार की बखिया उधेड़ दी और देश को शर्मसार किया।
अपने बयान में अमेरिका ने माफी या शोक व्यक्त करने के बदले हमें ही धमका दिया और हत्याओं को जायज ठहराया। साथ ही कहा कि अगली बार अगर हमारा आदेश नहीं माना तो फिर ऐसा होगा।
अब एस. जयशंकर और मार्को रुबियो में कोई एक ही व्यक्ति सच बोल रहा है, जिसमें लगता है कि मार्को रुबियो की बात सच है, क्योंकि अभी तक मोदी सरकार ने उसकी बात का खंडन नहीं किया है।
अमेरिका हमारे लोगों को मार देता है और नरेंद्र मोदी कुछ भी नहीं बोलते- जाने मोदी सरकार को अमेरिका से डर क्यों लगता है?
: AICC-सोशल मीडिया व डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की चेयरपर्सन @SupriyaShrinate जी
📍 दिल्ली
राहुल गांधी के साथ 4 घंटे की इस मुलाकात में इतना समझ आ गया है कि राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनने से कोई नहीं रोक सकता इस व्यक्ति की लड़ाई मोदी को हराने से ज्यादा वैचारिक है वो वैचारिक लड़ाई ही इस देश की सत्ता की चाबी है।
हर मुद्दे पर बात हुई बोलने से ज्यादा सुनने में विश्वास रखने वाले एकमात्र नेता राहुल गांधी आंबेडकर नेहरू गांधी की परछाई है।
जय संविधान
Speculation about BJD MLA's are planning to merge with BJP. If this is true, it would be due to sins of Naveen Patnaik
Patnaik supported all BJP bills in Parliament. He also sent incompetent Ashwini Vaishnav to Rajyasabha Twice.
It would be in good faith if Naveen Babu wakes up and merges BJD into the Congress Party. It would save Odisa culture and Jungles.
आज जब कच्चे तेल की कीमतें $24 प्रति बैरल तक कम हो गई हैं, तो फिर लोगों को राहत क्यों नहीं दी जा रही है?
क्यों नहीं तेल के दाम घटाए जा रहे हैं?
में कीमतें क्यों नहीं घटाई जा रही हैं?
आज हर भारतीय के लिए मोदी सरकार मुसीबत बन गई है।
रुपया हर दिन तेजी से गिर रहा है और आर्थिक स्थिति लगातार गम्भीर हो गई है।
आज अगर अंतरराष्ट्रीय कीमतों के हिसाब से दाम तय किए जाते, तो
पेट्रोल की कीमत में ₹25 प्रति लीटर और डीज़ल की कीमत में ₹15-20 प्रति लीटर की कमी आती..
घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत अब ₹1000 के करीब पहुँच गई है, कमर्शियल गैस ₹3075 की है, और CNG की कीमत में भी ₹10 का इजाफ़ा हुआ है... डीज़ल की थोक बिक्री रोक दी गई है, जिससे किसान, मज़दूर, आम जनमानस ,छोटे और मध्यम उद्योग और ट्रांसपोर्टर सभी प्रभावित हो रहे हैं।
नरेंद्र मोदी किस मुँह से नेहरू और इंदिरा जी की बात करते हैं?
जब भारत आजाद हुआ तो पंडित नेहरू ने अमेरिका या रूस की तरफ नहीं देखा- अपना रास्ता चुना
इंदिरा गांधी जी ने अमेरिका की धमकियों के बावजूद पाकिस्तान के दो टुकड़े कर दिए
जब अमेरिका ने भारतीय डिप्लोमैट देवयानी खोबरागड़े का अपमान किया, तो डॉ. मनमोहन सिंह जी ने तुरंत अमेरिकन एंबेसी से सुरक्षा हटवा दी
संकेत साफ था कि ये रवैया बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. अमेरिका ने तुरंत इस मामले में खेद व्यक्त किया
ये सच है कि नरेंद्र मोदी से पहले आए प्रधानमंत्रियों ने देश के सम्मान, संप्रभुता और स्वतंत्रता को हमेशा अपने से ऊपर रखा
किसी भी प्रधानमंत्री ने नरेंद्र मोदी की तरह अमेरिका की गुलामी नहीं की
इनका नाम नरेंदर और काम सरेंडर है
The signing of the peace agreement between Iran and the United States comes as a relief to all those who value peace. But it has arrived after immense suffering, loss of life, and destruction across West Asia, particularly in Iran and Lebanon.
For India, however, this moment raises uncomfortable questions about our place in the emerging world order.
1. The agreement was facilitated through the efforts of Pakistan, Saudi Arabia, Qatar, and Turkey. India, despite its civilizational ties with Iran and despite Prime Minister Modi's much-publicised personal rapport with President Trump, was nowhere in the picture. We failed to leverage these relationships, enhance our diplomatic relevance, or contribute meaningfully to the pursuit of peace. Instead, our External Affairs Minister dismissed the very idea of mediation as “dalali”.
2. For years, India worked to expose Pakistan's role in sponsoring and exporting terrorism. Under the UPA government, sustained diplomatic efforts contributed to Pakistan being placed on the FATF grey list. Yet today, Pakistan has successfully projected itself as a stakeholder in global stability and a beacon of peace.
We lost not only the lives of our sailors, but also ground in the battle of perception and diplomacy. While others helped shape the outcome, India was reduced to a fly on the wall, a helpless, mute spectator.
This was never India's war. Yet somehow, we emerge diminished from it.
Modi hai tou mumkin hai!
देश के हर युवा से मेरी एक बात - आज इस देश में मेहनत का फल नहीं, सपने देखने की सज़ा मिलती है।
हर पेपर लीक, हर रद्द परीक्षा, हर अधूरी भर्ती - सिर्फ़ सिस्टम की विफलता नहीं, लाखों सपनों पर प्रहार है।
मैं जानता हूँ आप थक चुके हैं। ग़ुस्से में हैं। पर याद रखिए - जब सरकार सुनने को तैयार न हो, तब आवाज़ ऊँची करनी पड़ती है।
इसलिए मैं आप सबको बुला रहा हूँ - 17 जून, कोटा। छात्रों की गूंज।
आइए, मिलकर एक ऐसी हुंकार बनें जिसे अनसुना करना नामुमकिन हो। कोटा से शुरुआत - फिर देश के हर कोने तक।
ये आपके भविष्य की लड़ाई है। और मैं आपके साथ हूँ।
🗓️ 17 जून | छात्रों की गूंज | कोटा महारैली
#ChhatronKiGoonj
A 19-year-old woman was stabbed to death by her father Satya Kumar Chauhan inside a police station in Banda district, Uttar Pradesh after she reiterated her decision to stay with the Dalit man she had married against her family’s wishes.
श्री अकाल तख्त साहिब ने भगवंत मान को 'गुरु-द्रोही' और 'पंथ विरोधी' घोषित कर दिया है
ये फैसला उस वीडियो की फॉरेंसिक जांच के बाद लिया गया जिसमें भगवंत मान शराब के नशे में धुत्त होकर सिख समुदाय को आस्था का अपमान कर रहे थे और उन्होंने इस वीडियो के बारे में अकाल तख्त से झूठ भी बोला
अकाल तख्त ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के आचरण को सिख गुरुओं की शिक्षाओं और खालसा पंथ के मूल सिद्धांतों के विपरीत माना है
श्री अकाल तख्त साहिब ने सिख संगत से कहा है कि वे भगवंत मान से कोई संबंध न रखें
श्री अकाल तख्त साहिब के इस फैसले के बाद सिख भावनाओं का सम्मान करते हुए, भगवंत मान को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए