आदणीय @laluprasadrjd जी के दूरदर्शी सोच को देखिए! उन्हों ने आज से कई साल पहले बता दिया था, कि मोदी सरकार अडानी अम्बानी को रेल बेच देंगे!
ये सिर्फ गाल बजाता है सब की खजाना खाली था! हमने अपने कार्यकाल में कर्मचारियों का सम्मान बढ़ाया! @yadavtejashwi@sanjuydv@RJDforIndia
माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी राज्यसभा जाने से बेहतर होगा कल्याणविगहा का रास्ता तय करें
इसके लिए शायद इतिहास आपको याद रखेगा !! @Jduonline@NitishKumar
अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के उद्देश्य से किया गया ईरान पर हमला पूरी मानवता के विरुद्ध हमला है। हज़ारों बेकसूरों ने अपनी जान गंवाई है।
अयातुल्ला अली खामेनेई की शहादत के साथ भारत ने अपना एक दोस्त खो दिया है।
इराक, लीबिया, सीरिया... अमेरिका ने जहाँ भी हमला किया, उन देशों को और वहाँ के नागरिकों के जीवन को अमेरिका ने बर्बाद कर दिया।
देश की आबादी में लगभग 85% हिस्सा ओबीसी, एससी और एसटी समुदायों का है। संविधान ने इन्हें समान अवसर देने के लिए आरक्षण व्यवस्था लागू की ओबीसी 27%, एससी 15% और एसटी 7.5%। यह व्यवस्था कोई दया नहीं, बल्कि ऐतिहासिक सामाजिक असमानता को ठीक करने का संवैधानिक प्रयास है।
अगर संसद में केंद्र सरकार द्वारा दी गई जानकारी देखेंगे तो पता चलेगा कि भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 92%, भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के 90% और भारतीय विदेश सेवा (IFS) के लगभग 82% अधिकारी सामान्य वर्ग से हैं। वहीं 2020-2024 के बीच एससी, एसटी और ओबीसी की भागीदारी क्रमशः मात्र 8.01%, 10.16% और 17.28% ही रही।
इसका अर्थ क्या है?
दशकों से आरक्षण लागू होने के बाद भी संवैधानिक प्रतिशत तक प्रतिनिधित्व नहीं पहुँच पाया। इसका साफ मतलब है कि आरक्षण की चोरी हो रही है।
जो लोग आरक्षण को गाली दे रहे हैं खुद EWS लेकर वह चाहते हैं कि आज भी उनका ही वर्चस्व बना रहे। OBC, SC, ST उनका सेवा करे जिस हिसाब से उन्होंने वर्ण व्यवस्था बनाया है।
आंकड़ों की बाजीगरी वाले बजट को प्रस्तुत कर खुद अपनी पीठ थपथपाने से पहले नीतीश सरकार को ये समझना होगा कि आर्थिक विकास के साथ मानव विकास और मानव विकास की खुशहाली के सूचकों का सतत मूल्यांकन किए जाने वाली आर्थिक नीति व् अर्थव्यवस्था आज बिहार की सबसे बड़ी जरूरत है, मगर अफ़सोस की बात है कि आज प्रस्तुत किया गया बजट इस पर मौन है ..
डबल-इंजन वाली सरकार के नीति - निर्धारकों को शायद ये भान नहीं है कि विकास का पीटा जाने वाला झूठा ढिंढोरा भी जल्द ही दम तोड़ देगा, यदि लोगों को हक के रूप में बुनियादी सेवाएं नहीं मिलीं , गैर-बराबरी की खाई कम नहीं हुई और श्रम-शक्ति का पलायन यूँही जारी रहा तो ....
गौरतलब है कि प्रति व्यक्ति आय के मामले में बिहार देश के सबसे पिछड़े राज्य में शुमार है और कल ही जारी हुई आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट से ही जाहिर है कि पिछले दो सालों से बिहार के विकास दर में गिरावट दर्ज हो रही है और पिछले १० वर्षों में बिहार से २५० कारखाने दूसरे राज्यों में शिफ्ट हो गए ..
नीतीश कुमार जी के पिछले 20 वर्षों के शासनकाल को बजट व् अर्थ - प्रबंधन के दृष्टिकोण से देखा जाए तो ये स्पष्ट होता है कि :
राज्य के बजट के आकार और बजटीय योजनाओं के आकार में बड़ा अंतर होता है
राज्य के बजट का बड़ा हिस्सा खर्च नहीं हो पाता है
अधिकांश बड़ी केंद्रीय योजनाओं की राशि के लिए राज्य की ओर से प्रस्ताव तक नहीं भेजे जाते हैं
केंद्र से राशि मंगाने की चिंता नहीं होती है
और अगर राशि आ भी जाती है तो खर्च नहीं की जाती है
खर्च किया जाता तो लेखा - जोखा , हिसाब नहीं दिया जाता है , हाल ही में सीएजी के द्वारा उजागर ७२ हजार करोड़ के मामले से ये बात सत्यापित भी होती है
लचर अर्थ - प्रबंधन , संस्थागत व् सत्ता संरक्षित भ्रष्टाचार से सरकार की कोई भी योजना , सरकार का कोई भी विभाग अछूता नहीं है
और इन तमाम पहलूओं को संदर्भ में रख कर देखा जाए तो निष्कर्ष यही निकलता है कि " बिहार का बजट खोखली घोषणाओं से भरे कागज के पुलिंदे से ज्यादा कुछ नहीं होता है " ... बिहार की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए सबसे जरूरी बजटीय घोषणाओं व् प्रावधानों के यथोचित व् वास्तविक क्रियान्वयन की है ..
बिहार में प्रति व्यक्ति आय प्रतिदिन मात्र 150 से 190 रुपये है, जो देश में सबसे निचले पायदान पर है। नीतीश जी बताएं कि पिछले 20 वर्षों में कैसा विकास हुआ? शिक्षा और स्वास्थ्य में हम सबसे नीचे हैं और पलायन में सबसे अव्वल। ई-श्रम पोर्टल के आंकड़े गवाह हैं कि लगभग 2 करोड़ 90 लाख बिहारी दूसरे राज्यों में दिहाड़ी मजदूरी करने को मजबूर हैं।
आर्थिक सर्वेक्षण के आंकड़े रोंगटे खड़े करने वाले हैं। बिहार में पैदा होने वाला हर बच्चा 25 से 30 हजार रुपये का कर्ज लेकर पैदा हो रहा है। खजाने की हालत इतनी चिंताजनक है कि बिहार के वित्त मंत्री भारत सरकार से 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक कर्ज लेने की छूट मांग रहे हैं।
सरकार की 2 लाख रुपये देने वाली योजना भी महज एक छलावा है। 10 हजार रुपये देकर शर्त लगा दी गई है कि उसका प्रोग्रेस रिपोर्ट दिखाओ, तभी 2 लाख मिलेंगे। उस 10 हजार में से भी प्रखंड स्तर पर कमीशनखोरी में पैसा कट जाता है। 7-8 हजार में तो बकरी भी नहीं आती, उससे कौन सा रोजगार होगा?
हकीकत यह है कि इस योजना को लागू करने के लिए करीब 3 लाख करोड़ रुपये की जरूरत होगी, जबकि बिहार का कुल बजट ही 3 लाख 18 हजार करोड़ है। अगर यह पैसा इसमें देंगे तो कर्मचारियों का वेतन और बुजुर्गों का पेंशन कहां से देंगे? नीतीश कुमार जी को इस वित्तीय कुप्रबंधन का जवाब देना चाहिए।
Many congratulations @yadavtejashwi on your appointment as National Working President of @RJDforIndia !U have a long way to go & this is a huge responsibility to shoulder.
I am confident that your visionary & dynamic leadership will take our party to new zeniths. #BiharPolitics
राष्ट्रीय जनता दल की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक का शुभारंभ आदरणीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री @laluprasadrjd जी ने अपने कर कमलों से दीप प्रज्ज्वलित कर के किया:
@yadavtejashwi#RJD
राज्य में एनडीए के 20 साल और केंद्र में 11 साल की डबल इंजन सरकार में भी विकास के सभी पैमाने पर सबसे निचले पायदान पर रहने वाले बिहार में मुख्यमंत्री जी समृद्धि की खोज में यात्रा पर निकले हैं !
#TejashwiYadav#RJD#Bihar#समृद्धि_यात्रा#smridhiyatra #मुख्यमंत्री_की_समृद्धि_यात्रा
#समृद्धियात्रा #यात्रा
बिहार की महिलाओं की कीमत 20–25 हजार तय करने वाले भाजपाइयों को चुल्लू भर पानी में नाक रगड़नी चाहिए।
क्या बिहार का कोई भी भाजपा नेता, जदयू नेता, या भाजपा के नवनियुक्त अध्यक्ष नितिन नवीन, बिहार की माँ-बहनों और बेटियों के इस अपमान पर बोलेगा?
क्या कोई मुँह खोलेगा?
कहने को ना बचाते हैं, ना फंसाते हैं और ना सच्चाई को दबाते हैं!
पर वास्तविकता में पूरे बिहार में भ्रष्टाचार, घूसखोरी और कमीशनखोरी का ऐसा मकड़जाल बनाते हैं कि साथ वाले साधारण गार्ड भी ₹200 करोड़ की संपत्ति जुटाते हैं!
धन्य हैं भीषण भ्रष्टाचार के भीष्म पितामह कुर्सी कुमार जी!
14 नवंबर के बाद बिहार को देश का नंबर वन राज्य बनाया जाएगा जहाँ खाद्य प्रसंस्करण इकाइयाँ, उद्योग-धंधे, शिक्षा, चिकित्सा, रोज़गार और सिंचाई की समुचित व्यवस्था, सुपर-स्पेशलिटी अस्पताल, Educational City और IT हब होंगे। किसी भी बिहारी को दूसरे शहर जाने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी।
#TejashwiYadav
आज पूर्णिया के पूर्व सांसद संतोष कुशवाहा जी, जहानाबाद के घोषी से पूर्व विधायक राहुल शर्मा जी, बांका से जेडीयू सांसद गिरधारी यादव जी के बेटे चाणक्य प्रकाश जी, वैशाली से पूर्व प्रत्याशी अजय कुशवाहा जी हजारों समर्थकों के साथ आज राजद में शामिल हुए।
बेलगाम अफसरशाही, भ्रष्टाचार से ग्रस्त एनडीए सरकार में जनप्रतिनिधियों की कहीं कोई पूछ नहीं है। मेहनतकश वर्गों के वोट लेकर भूंजा पार्टी ने जेडीयू को सघियों के यहाँ गिरवी रख दिया है। #TejashwiYadav #NayaBihar #RJD
अभी-अभी भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, महंगाई, गरीबी और सूदखोरों के दर्द से कराह रहे कहलगांव, भागलपुर के लोगों के बीच पहुंचा हूं।
चुनावी घोषणा के बाद अल्प समय में उमड़े जनसैलाब ने बिहार में बदलाव की मुहर लगा दी है। बिहार के युवा अब आदरणीय प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के झूठ और जुमलों तथा अचेत एवं अस्वस्थ मुख्यमंत्री नीतीश जी की थकाऊ, उबाऊ, रटी-रटाई बासी बातों में फँसने वाले नहीं है।
चलो बिहार, बदले बिहार।