'Suprime court' कहता है - Bail is the rule, jail is the exception I"
उमर खालिद और शरजील इमाम 6 साल से जेल में हैं, तो चार्जशीट पर बहस और मुकदमे की सुनवाई भी समय पर क्यों नहीं !
जब ज़मानत अपवाद नहीं, तो सालों तक जेल में रखना किस नियम का हिस्सा है?
"Indian Judicial System"
BJP सरकार बहुसंख्यकवादी (majoritarian) सोच के साथ काम करती हुई दिखाई देती है।
इससे समानता, समावेशिता और लोकतांत्रिक मूल्यों को लेकर सवाल खड़े होते हैं।
संसद लोकतंत्र की आवाज़ होनी चाहिए मगर आज बहस से ज़्यादा हंगामा सुनाई देता है
BJP सत्ता में होते हुए जनता के असली सवालों से बचती और हर विवाद को मज़हब की ओर मोड़ती दिखती है
कानून और संसदीय मर्यादा की बात करने वालों से सवाल है
क्या राजनीति अब तर्क से नहीं, धर्म और भावनाओं से चलेगी?
ब्रेकिंगः जेल में बंद अतीक के दो बेटे उमर और अली को अपने छोटे भाई के जनाजे में शामिल होने के लिए पेरोल मिली है। उमर लखनऊ व अली झांसी की जेल में बंद है
जनाजा की होना है आज ही होना है।
पूर्व सांसद मरहूम अतीक अहमद के छोटे बेटे अबान अहमद का झांसी के क़रीब एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में इंतिकाल हो गया।
अल्लाह तआला मरहूम अबान अहमद की मग़फ़िरत फ़रमाए, उन्हें जन्नतुल फ़िरदौस में आला मुक़ाम अता फ़रमाए और उनके तमाम अहल-ए-ख़ाना को सब्र-ए-जमील अता फ़रमाए आमीन।
#AbaanAhmed
आज इलाहाबाद हाई कोर्ट में जौहर यूनिवर्सिटी के फाउंडर आज़म ख़ान साहब की जमानत याचिका पर सुनवाई होगी, आज कोर्ट तय करेगा कि जमानत देनी या तारीख़ फ़िर आगे बढ़ा देनी है, यदि आज आज़म ख़ान को बेल मिलती हैं तो तुरंत रिहाई होगी।
पूर्व सांसद मरहूम अतीक अहमद के छोटे बेटे अबान अहमद की सड़क हादसें में मौत हो गई है, अबान झांसी जेल में बंद अपने बड़े भाई से मिलने जा रहा था लेकिन कार का एक्सीडेंट हो गया जिसमें कार के परखचे उड़ गए।
अल्लाह मरहूम को जन्नत नसीब करें।
Bankipur by-elections
28 राउंड की गिनती के बाद -
Jan Suraaj - 59213 वोट
BJP - 39794 वोट
RJD- 13260 वोट
Jan Suraaj की कुल बढ़त - 19419 वोट
#prashantkishor#biharpolitics#biharnews l Bihar News l Bihar Politics l Prashant Kishor
पर्दा आँखों से हटाने में बहुत देर लगी
हमें दुनिया नज़र आने में बहुत देर लगी
नज़र आता है जो वैसा नहीं होता हर शख़्स
ख़ुद को ये बात बताने में बहुत देर लगी
एक दीवार उठाई थी बड़ी उजलत में
वही द���वार गिराने में बहुत देर लगी
#यास्मीनहमीद
संसद में चर्चा और बहस की जगह शोर-शराबे के बीच वॉइस वोट से बिल पास कराना लोकतंत्र की मर्यादा पर गंभीर सवाल खड़े करता है। बिना ठोस चर्चा और जनप्रतिनिधियों को बोलने का अवसर दिए महत्वपूर्ण कानून पारित करना संसदीय परंपराओं का सम्मान नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करना ��ै।
देश के युवा और छात्रों ने न सिर्फ़ सरकार को जगाया है, बल्कि विपक्ष को भी उसकी ज़िम्मेदारी का एहसास कराया है। पिछले बारह वर्षों में पहली बार ऐसा महसूस हो रहा है कि विपक्ष ज़िंदा है, और देश के अहम मुद्दों पर सड़कों पर उतरकर जनता की आवाज़ बनने की क्षमता भी रखता है।
#opposition#GenZ
हमने इमरजेंसी तो नहीं देखा..
लेकिन आज देश के लोकतंत्र के मंदिर के बाहर बच्चों और युवाओं के सामने तनी बंदूकों की तस्वीरें किसी भी संवेदनशील नागरिक को विचलित कर सकती हैं। अगर छात्र शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं, तो उनकी आवाज़ सुनी जानी चाहिए, दबाई नहीं जानी चाहिए
#CJP के 'चलो संसद' मार्च के आह्वान पर हजारों प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पहुंचे और 'संसद' की ओर बढ़ने की कोशिश की। पुलिस ने कहा कि मार्च की अनुमति नहीं ली गई थी, इसलिए जगह-जगह बैरिकेडिंग कर ��्रदर्शनकारियों को रोका गया। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।