लंबे समय से संग रहना...बातें करना और एक दूसरे की भावनाओं को समझना...और फ़िर इक पल में ही इस खूबसूरत रिश्ते का ख़तम हो जाना...
"संसार में इस से बड़ी ना तो कोई विपदा है और ना कोई दुर्घटना"
मैं थोड़ा थोड़ा हर इक रास्ते पे बैठा हूॅं
ख़बर नहीं है मुझे तू कहॉं से आएगा
- शकील आज़मी
न जाने किस लिए उम्मीद-वार बैठा हूँ
इक ऐसी राह पे जो तेरी रहगुज़र भी नहीं
- फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
वो जो बैठा है मेरी राहों में
उस से कह दो कि घर चला जाए
- शौकत फ़हमी