1 लाख से ज़्यादा जाट आबादी वाली सीट पर कांग्रेस सिर्फ 5454 वोट! 🫣
🔹 कांग्रेस – 5,454
🔹 भाजपा – 1,08,628
🔹 RLP – 94,727
जब अपने क्षेत्र में ही पार्टी नहीं जिता पाए, तो प्रदेश में सरकार कैसे बनाएंगे?
नैतिकता के आधार पर गोविंद सिंह डोटासरा को इस्तीफा देना चाहिए��� 🤔
Rajesh Pilot Ji's journey from the Indian Air Force to Parliament was defined by one constant, standing up for ordinary Indians.
In public life, he was a fearless voice for farmers, workers and the marginalised. He brought the concerns of villages and ordinary families to the centre of national politics.
His life and legacy continue to inspire young people who believe politics must remain rooted in service to the people.
Remembering Rajesh Pilot Ji with deep respect on his Prerna Diwas. 🙏 @SachinPilot
एक अच्छे-खासे 80–90 किलो के आदमी को सूखे पत्ते की तरह उड़ा देती है ये पानी की धार।
अगर इतना ही "वॉटर कैनन फॉर बेटर विजुअल्स" होता न, तो तुम्हारे जैसे रीलबाज़ सबसे पहले इसके आगे लेटे मिलते।
हमने वीडियो यूँ ही नहीं बनाया था। सवाल किसी एक चैनल, एक पत्रकार या एक खबर का नहीं था। सवाल उस nature का था जिसमें पूरी तस्वीर दिखाने के बजाय उसका एक हिस्सा दिखाया जाता है।
2016 में subsidised cylinder - 12/yr
2025 में subsidised cylinder - 9/yr
2026 में subsidised cylinder- 4/yr
जब 12 सिलेंडर से 9 और फ���र 4 सिलेंडर तक की यात्रा को बड़ी राहत बनाकर पेश किया जाता है, तब समझ आता है कि आईना दिखाने की ज़रूरत क्यों पड़ती है।हमारा उद्देश्य किसी की मानहानि नहीं, बल्कि उन सवालों को उठाना था जिन्हें आम नागरिक महसूस करता है लेकिन अक्��र TV पर नहीं देख पाता।
आईना दिखाना अगर अपराध है, तो फिर सवाल पूछना भी अपराध मान लीजिए।
आज लोग मानहानि के मुकदमे को सही ठहरा रहे हैं, लेकिन कोई यह नहीं पूछ रहा कि आखिर वह वीडियो बना क्यों था। आईना चुभता इसलिए कि वह सच दिखा रहा होता है।
देख रहा है विनोद,
तुमको बताया जा रहा है कि भारत में तेल और गैस के दाम, अमेरिका, कनाडा, सिंगापुर, चीन से अभी भी सस्ते हैं।
लेकिन ये नहीं बताया जा रहा है कि,
अमेरिका की प्रति व्यक्ति आय 80 लाख सालाना,
कनाडा की प्रति व्यक्ति आय 50 लाख सालाना,
सिंगापुर की प्रति व्यक्ति आय 90 लाख है।
और हमारे यहां प्रति व्यक्ति आय 2.5 लाख रुपए सालाना है।
इससे क्रिकेट की भाषा में समझते है -
सहवाग
पहली पारी: 1 रन
दूसरी पारी: 2 रन
वृद्धि = 100%
सचिन
पहली पारी: 100 रन
दूसरी पारी: 150 रन
वृद्धि = 50%
अब अगर media सिर्फ प्रतिशत द���खकर कहे कि सहवाग, सचिन से बेहतर बल्लेबाज़ है, तो समस्या आँकड़ों में नहीं, समझ में है।
आजकल यही खेल देश के कई आँकड़ों के साथ भी खेला जा रहा है।
छोटे आधार से हुई बढ़ोतरी को उपलब्धि बताया जा रहा है |