देखिये कैसे अखिलेश यादव पार्टी, राजनीति से उठकर बच्चों के हित में बोल रहे ,
आपने हमेशा अखिलेश जी को chill mood में देखा होगा ,
लेकिन जब बात देश की आती है तो अखिलेश जी जितना सीरियस कोई भी राजनेता नहीं है,
Next time you doubt Rahul Gandhi's intentions and patriotism,
Remember that he chose to bleed for students rather than bowing down to BJP
ABSOLUTE LEGEND 🗿🫡
नेपाल के gen z, ये नेपाल के gen z वो,
इंडिया के gen z क्या कर रहे ,इंडिया के gen z तो डरपोक है ,किसी लायक नहीं है तो ,
Ladies and gentlemen,this is India's Gen z for you.
बोल तो ऐसे रहा हई जैसे ये कोई नई चीज है ,सालों यही करके तो सरकार में आये हो
24 घंटे तुम लोगों का यही रोना रहता कि अखिलेश सरकार में आएंगे तो ये होगा वो होगा उनकी जाति के लोग ये कर देंगे फलना धमकाना ,
चलो आदित्यनाथ बिष्ट को , आदित्यनाथ बिष्ट न बोलकर "ठाकुर के नेता " बोलते है,
उप्र दरोगा (UP SI) के 4242 चयनित अभ्यर्थियों का जातिगत आंकड़े अनुमानत: —
ब्राह्मण — 700± लगभग 16-17%
अहीर — 600± लगभग 14-15%
क्षत्रिय — 300± लगभग 6.5% से 7%
सामान्य वर्ग व OBC में कौन सा वर्ग अन्य जातियों का हक का रहा, यह आंकड़े देखकर आप स्वयं विचार कर सकते हैं,
जहां क्षत्रिय 10% आबादी होते हुए मात्र 6.5% चयनित हुए, वहीं ब्राम्हण, अहीर व जाट अपने आबादी से अधिक सीटों पर कब्जा है |
अगर हम #EWS कि चर्चा करें तो वहां मां ब्राम्हण+ बनिया+ कायस्थ के आगे क्षत्रियों का चयन आधा ही रहा है |
यह रिजल्ट प्रमाणित करता है कि EWS में विशेष जाति का एकाधिकार है, अत: EWS वर्गीकरण अति आवश्यक है...
अर्थात सामान्य सीट व EWS में एकतरफा सीटों पर कब्जा जहां ब्राम्हणों का है, नहीं #OBC सीटो पर एकतरफा कब्जा अहीरों का है |
आखिर सामान्य वर्ग में क्षत्रियों को अपनी आबादी अनुरुप भी कब हक मिलेगा ?
उसी प्रकार OBC कोटे में अन्य पिछड़ी व अतिपिछड़ी जातियों का हक कब मिलेगा, कब तक लठैत वर्ग OBC आरक्षण का हक खाते रहेंगे ?
आखिर कब OBC में —
लोधी (OBC)
कोईरी (OBC)
निषाद (OBC)
राजभर (OBC)
कुम्हार (OBC)
गड़ेरिया (OBC)
नाई (OBC)
धोबी (OBC)
तेली (OBC)
हलवाई (OBC)
कहार (OBC) जैसे पिछड़े जातियों का अधिकार कब मिलेगा ?
यह रिजल्ट देखकर OBC के पिछड़ी जातियों के बुद्धिजीवियों को कमर कस लेना चाहिए, और OBC वर्गीकरण कि मांग करना चाहिए|
OBC व EWS वर्गीकरण अति आवश्यक है |